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शुक्रवार, 22 फ़रवरी 2019

कलीसिया का भजन यहाँ का आसमान है कितना नीला



कलीसिया का भजन
यहाँ का आसमान है कितना नीला


I
यहाँ है एक आसमां, कितना अलग है ये आसमां!
खूबसूरत महक से भीगी है ये धरा,
और कितनी साफ़ है ये हवा।
सर्वशक्तिमान परमेश्वर देहधारण कर हमारे बीच रहता है,
सत्य व्यक्त करता, अंत के दिनों का न्याय शुरू करता है।
परमेश्वर के वचन हमारी भ्रष्टता का सत्य प्रकट करते हैं।
इम्तहान और शोधन शुद्ध करते और बचाते हैं हमें, बचाते हैं हमें।

शुक्रवार, 7 दिसंबर 2018

आराधना गीत परमेश्वर के प्रेम ने मेरा दिल पिघला दिया




I
सुनकर तेरी पुकार, मैं लौटती हूँ तेरे समक्ष। तेरे वचन प्रबुद्ध करते हैं, मैं देखती हूँ अपनी भ्रष्टता। मैं तेरे प्रति अक्सर उदासीन रही, कष्ट दिया तुझे दुखी किया, निर्दयी हुई, विद्रोह किया, तुझे तन्हा छोड़ दिया। क्यों मानव के प्रति तेरा प्यार दर्द से चुकाया जाता है? मैं नफ़रत करती हूँ

शनिवार, 1 दिसंबर 2018

परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर का सच्चा प्रेम पाने की खोज करनी चाहिए तुम्हें



  • I
  • आज से तुम सब को सही राह पर आना चाहिए
  • क्योंकि तुम व्यावहारिक परमेश्वर में विश्वास करते हो।
  • आस्था रखकर तुम केवल उसकी आशीष को न खोजना,
  • बल्कि उससे प्रेम करना और उसको जानना।
  • उसकी प्रबुद्धता के द्वारा और अपनी खोज से,

सोमवार, 19 नवंबर 2018

परमेश्वर ने बचाया है मुझे


  • परमेश्वर ने बचाया है मुझे
  •  
  • I
  • परमेश्वर ने बचाया है मुझे।
  • मानव सा देहधारी हुआ, सह कर आँधी-तूफान,
  • मनुष्यों में छिप कर, कोई उसे न जान सका।
  • मुझे बचाने को न्याय किया, शुद्ध करने को ताड़ना दिया;
  • जिसमें दर्द मैंने सहे।

रविवार, 18 नवंबर 2018

ओ मेरे प्रिय, मैं तलाश में हूं तुम्हारी


  • ओ मेरे प्रिय, मैं तलाश में हूं तुम्हारी
  •  
  • I
  • तुम कहाँ हो, मेरे प्रिय?
  • क्या तुम्हें मालूम है मुझे आती है तुम्हारी कितनी याद?
  • बिना रोशनी, दर्द से भरे और मुश्किल हैं दिन।
  • अंधेरे में, मुझे तलाश है तुम्हारी।

सोमवार, 12 नवंबर 2018

परमेश्वर इंसान को अधिकतम सीमा तक बचाना चाहता है


  • परमेश्वर इंसान को अधिकतम सीमा तक बचाना चाहता है
  •  
  • I
  • अपने उद्धार कार्य के दौरान,
  • जिनको बचाया जा सकता है,
  • अधिकतम सीमा तक उन्हें बचाएगा परमेश्वर,
  • और त्यागेगा किसी को नहीं परमेश्वर।

रविवार, 11 नवंबर 2018

देह में परमेश्वर के कार्य का मुख्य प्रयोजन


  • देह में परमेश्वर के कार्य का मुख्य प्रयोजन
  •  
  • I
  • है इसलिये देह में परमेश्वर का आगमन,
  • देख सके परमेश्वर का असली कार्य इंसान।
  • निराकार आत्मा होता है देह में साकार,
  • छू सकें उसे लोग, देख सकें उसका आकार।

सोमवार, 5 नवंबर 2018

समय जो गँवा दिया कभी वापस न आएगा


  • समय जो गँवा दिया कभी वापस न आएगा
  •  
  • I
  • जागो भाइयो! जागो बहनो!
  • परमेश्वर का दिन विलम्ब नहीं करेगा।
  • वक्त जीवन है, वक्त को पकड़ने से बचता जीवन है।

गुरुवार, 1 नवंबर 2018

स्वभाव में बदलाव है मुख्यत: प्रकृति में बदलाव


  • स्वभाव में बदलाव है मुख्यत: प्रकृति में बदलाव
  •  
  • I
  • स्वभाव में बदलाव है प्रकृति में बदलाव।
  • नहीं दिखती प्रकृति किसी के व्यवहार में,
  • इसमें शामिल हैं अर्थ और मोल जीवन के,
  • इसमें शामिल हैं मूल्य इंसानी जीवन के,
  • इसमें शामिल हैं आत्मा की गहरी बातें, सार इंसान के अस्तित्व का।

मंगलवार, 30 अक्टूबर 2018

कितना अहम है प्यार परमेश्वर का इंसान के लिये


  • कितना अहम है प्यार परमेश्वर का इंसान के लिये

  •  
  • I
  • "परमेश्वर का हुक्म आदम के लिये" - बाइबल की तस्वीर ये,
  • मार्मिक भी है, दिल को भी छूती है।
  • हालाँकि सिर्फ परमेश्वर और इंसान हैं तस्वीर में,
  • मगर कितना अंतरंग रिश्ता है दोनों में,
  • हैरानी भी होती है हमें, अनुराग भी जागता है दिल में।

सोमवार, 29 अक्टूबर 2018

परमेश्वर के कार्य के लिए पूरी तरह समर्पित हो जाओ


  • परमेश्वर के कार्य के लिए पूरी तरह समर्पित हो जाओ

  •  
  • I
  • अन्य जातियों के बीच हो चुका है शुरू काम उसका।
  • तेज़ी से और प्रभावी ढंग से काम करने के लिए,
  • वो सभी सृजित प्राणियों को वर्गों में है बांटता।

मंगलवार, 23 अक्टूबर 2018

परमेश्वर के वचनों का एक भजन सत्य का अभ्यास करोगे तो बदल जाएगा स्वभाव तुम्हारा




  • सत्य का अभ्यास करोगे तो बदल जाएगा स्वभाव तुम्हारा

  • I
  • सत्य का अभ्यास सुधार सकता है दूषित स्वभाव को।
  • सत्य का अभ्यास सुधार सकता है दूषित स्वभाव को।
  • सत्य पर संगति नहीं है इंसान को ख़ुश करने के लिये।
  • ये है अमल के लिये, बदलाव के लिये।

शुक्रवार, 19 अक्टूबर 2018

प्रायश्चित्त


  • प्रायश्चित्त
  •  
  • I
  • अच्छे इरादे, अंत के दिनों का मशवरा,
  • जगाते हैं गहरी नींद से इंसान को।
  • दर्दभरी यादें, बचे दाग़ यातना देते हैं मेरे ज़मीर को।
  • उलझन में, डरकर प्रार्थना करता हूँ मैं।

मंगलवार, 9 अक्टूबर 2018

सर्वशक्तिमान परमेश्वर का पवित्र आध्यात्मिक देह प्रकट हो चुका है


  • सर्वशक्तिमान परमेश्वर का पवित्र आध्यात्मिक देह प्रकट हो चुका है 

  • I
  • प्रकट कर दिया है अपना महिमामय देह,
  • सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने सम्मुख सबके।
  • हो चुका है प्रकट उसका पवित्र देह;
  • स्वयं परमेश्वर है वो: पूर्ण सच्चा परमेश्वर है वो।
  • जगत बदला है पूरा तो बदला है देह भी।

बुधवार, 3 अक्टूबर 2018

राज्य-गान (II) आगमन हुआ है परमेश्वर का, राजा है परमेश्वर


  • (II) आगमन हुआ है परमेश्वर का, राजा है परमेश्वर
  •  
  • I
  • इस अपूर्व लम्हे में, हर्ष के समय में,
  • ज़मीं पर और आसमाँ में कर रहे यशगान सब।
  • है कौन न जो उत्साहित हो? है कौन न जो आनंदित हो?
  • इस अवसर पर किसके न आँसू छलकें?
  • ये स्वर्ग नहीं जो पहले था, ये स्वर्ग है राज्य का।

रविवार, 30 सितंबर 2018

वही पात्र हैं सेवा के जो अंतरंग हैं परमेश्वर के


वही पात्र हैं सेवा के जो अंतरंग हैं परमेश्वर के
  •  
  • I
  • जो करते सेवा परमेश्वर की, वही होने चाहिये अंतरंग उसके,
  • प्रिय हों परमेश्वर को, निष्ठावान हों परमेश्वर के।
  • काम करो सामने या पीठ पीछे दूसरों की,
  • परमेश्वर का आनंद पाते हो तुम,
  • और अडिग रहोगे सम्मुख परमेश्वर के तुम।

बुधवार, 5 सितंबर 2018

परमेश्वर लाते हैं इंसान को प्रकाश में


परमेश्वर लाते हैं इंसान को प्रकाश में


I

अपना कार्य करने आते हैं देहधारी परमेश्वर।
छिपते हैं इंसानों में दीन बनकर
व्यक्त करते हैं सत्य, करते हैं न्याय उनका,
लाते हैं मार्ग अनंत जीवन का।

शनिवार, 1 सितंबर 2018

सत्य का अनुसरण करते हैं जो, पसंद करता है उन्हें परमेश्वर


सत्य का अनुसरण करते हैं जो, पसंद करता है उन्हें परमेश्वर


  • I
  • परमेश्वर की इच्छा के मुताबिक सत्य का अनुसरण करते हो तुम अगर,
  • तुम्हारी दिशा सही है अगर, तो पथ से थोड़ा भटक भी जाओ अगर,
  • हो जाओ कमज़ोर या नाकाम अगर तो परमेश्वर उपेक्षा कर देगा उसकी,
  • बल्कि मदद के लिये होगा तुम्हारे साथ परमेश्वर।

शुक्रवार, 31 अगस्त 2018

इंसान का सच्चा जीवन


  • इंसान का सच्चा जीवन

  • I
  • जब इंसान पाता है धरती पर सच्चा जीवन,
  • शैतान की सभी शक्तियां जाती हैं बंध।
  • इंसान जिएगा पृथ्वी पर आराम से।
  • उलझनें हो जाएंगी ग़ायब।

गुरुवार, 30 अगस्त 2018

सत्य को जितना अधिक अमल में लाओगे उतनी तेज़ी से प्रगति करोगे


सत्य को जितना अधिक अमल में लाओगे उतनी तेज़ी से प्रगति करोगे


  • I
  • जिस सत्य की ज़रूरत है इंसान को, वो मिलता है परमेश्वर के वचन में।
  • सत्य जो लाभकारी है, सहायक है, इंसान के लिये सबसे ज़्यादा।
  • तुम्हारे तन को ज़रूरत जिसकी ऐसा पोषक-तत्व है सत्य,
  • सत्य जो समाहित हो इंसान में।
  • उसे मिलती है मदद इससे, सामान्य इंसानियत फिर से पाने में।

46. "परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह" का वास्तविक अर्थ

झांग जुन शेन्यांग शहर, लियाओनिंग प्रांत अतीत में, मैं मानता था कि "परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह" का अर्थ परमेश्वर के साथ विश्व...

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