ऐसा कहा जाता है कि परमेश्वर ने अब मनुष्य को ताड़ना देना शुरू कर दिया है, लेकिन कोई भी यह निश्चित रूप से नहीं कह सकता, कोई भी एक स्पष्ट उत्तर नहीं दे सकता कि इस ताड़ना का मूल उद्देश्य मनुष्य को समझ आया है या नहीं।
परमेश्वर का स्वभाव परमेश्वर के सभी वचनों में समाया हुआ है, किन्तु उसके वचनों का मुख्य सूत्र समस्त मानव जाति के विद्रोह को प्रकट करना और उसकी अवज्ञा, अनधीनता, अनौचित्य, अधार्मिकता, और परमेश्वर को सचमुच प्यार करने में असमर्थता जैसी चीजों को उजागर करना है।
कुछ लोगों को परमेश्वर के वचनों का थोड़ा सा परिज्ञान हो सकता है, किन्तु इनमें से किसी को भी अपनी भावनाओं पर भरोसा नहीं होता है; वे नकारात्मकता में पड़ने से बहुत डरते हैं।
मेरे घर की धन-सम्पति असंख्य और अथाह है, फिर भी उनका आनन्द उठाने के लिए मनुष्य मेरे पास कभी नहीं आया। वह अपने आप में उनका आनन्द उठाने में असमर्थ है, और न ही अपने स्वयं की कोशिशों से अपने आप को बचाने में समर्थ है; उसके बजाए, उसने हमेशा अपना भरोसा दूसरों पर रखा है।
मेरी आवाज़ सभी चारों दिशाओं एवं सम्पूर्ण पृथ्वी को सुनाई देते हुए, गर्जना के समान बाहर निकलती है, और गर्जना और चमकती हुई बिजली के बीच, मानवजाति मार गिराई जाती है। कोई भी मनुष्य कभी भी गर्जना और चमकती हुई बिजली के बीच अडिग नहीं रहा हैः मेरी रोशनी के आने पर अधिकांश मनुष्य दहशत में पड़ जाते हैं और नहीं जानते हैं कि क्या करें। जब पूर्व दिशा में रोशनी की हलकी सी चमक दिखाई देनी शुरू होती है, तो कई लोग, इस हल्की सी चमक द्वारा प्रेरित हो कर, तत्काल अपने भ्रम से जाग जाते हैं। फिर भी किसी ने कभी भी यह महसूस नहीं किया कि वह दिन आ गया है जब मेरी रोशनी उतरती है। अधिकांश मनुष्य रोशनी के अचानक आगमन से भौंचक्का हो जाते हैं; उनमें से कुछ लोग, उत्सुक मुग्धता की टकटकी लगाए रोशनी की हलचलों को देखते हैं और कि यह किस दिशा से आ रही है; या कुछ लोग जब रोशनी का सामना करते हैं तो वे तैयार खड़े हो जाते हैं कि वे उस के उद्गम को और भी अधिक स्पष्टता से समझ सके जहाँ से रोशनी आती है।
आत्मा से सम्बन्धित मामलों में, तूझे कोमलतापूर्वक संवेदनशील होना चाहिए; मेरे वचनों के प्रति, तुझे सावधानीपूर्वक चौकस रहना पड़ेगा। तुझे मेरा आत्मा और शारीरिक स्वरूप, मेरे वचनों और शारीरिक स्वरूप को एक अखंड रूप में देखने की स्थिति में रहने का लक्ष्य बनाना चाहिए, ताकि सम्पूर्ण मानवता मुझे मेरी उपस्थिति में संतुष्ट करने के योग्य हो।
सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं, "जब तुम थके हो और इस संसार में खुद को तन्हा महसूस करने लगो तो, व्याकुल मत होना, रोना मत। सर्वशक्तिमान परमेश्वर, रखवाला, किसी भी समय तुम्हारे आगमन को गले लगा लेगा। वह तुम्हारी राह देख रहा है, वह तुमतुम्हारे लौटने की प्रतीक्षा में बैठा है। वह उस दिन की प्रतीक्षा में है जब तुमतुम्हारी यादाश्त एकाएक लौट आयेगी..." वचन देह में प्रकट होता है
प्यारे बच्चों का एक हँसता-खेलता झुण्ड मासूमियत से एक खेल खेल रहे था, जब बिना सोचे, उन्होंने एक सीधा सवाल उठाया: "मानवजाति कहाँ से आती है?" क्या आप इस सवाल का जवाब जानते हैं?
लोग मेरी जय-जयकार करते हैं, लोग मेरी स्तुति करते हैं; सभी अपने मुख से एकमात्र सच्चे ईश्वर का नाम लेते हैं, सभी लोगों की दृष्टि मेरे कर्मों को देखने के लिए उठती है। राज्य जगत में अवतरित होता है, मेरा मानव समृद्ध और उदार है।
Hindi Gospel Song | परमेश्वर का स्वभाव है उत्कृष्ट और भव्य | Understand the Feelings of God
परमेश्वर नाराज़ है कि, अधर्मी चीज़ें इंसान को दुख दे रही हैं,
अंधकार और बुराई का अस्तित्व है,
जैसे वे चीज़ें जो सच्चाई को नकारती हैं,
कि अच्छाई के प्रतिकूल हैं,
कि अच्छाई के प्रतिकूल हैं।
सर्वशक्तिमान की आह
भ्रष्ट मानवजाति का दुःख
मनुष्य सदियों से परमेश्वर के साथ चलता आया है,
फिर भी मनुष्य नहीं जानता है कि परमेश्वर सभी बातों पर, जीवित प्राणियों के भाग्य पर शासन करते हैं
या सभी बातों को परमेश्वर किस प्रकार से योजनाबद्ध या निर्देशित करते हैं।
यह कुछ ऐसी बातें हैं जिनसे अतीतकाल से आज तक मनुष्य बच नहीं पाया है।
लोगों के हृदयों में मेरे लिए कभी भी जगह नहीं रही है। जब मैं वास्तव में लोगों की खोज करता हूँ, तो वे अपनी आँखों को भींच कर बंद कर लेते हैं और मेरे कार्यकलापों की अनदेखी करते हैं, मानो कि मैं जो कुछ भी करता हूँ वह उन्हें खुश करने का एक प्रयास है, जिसके परिणामस्वरूप वे सदैव मेरे कार्यकलापों से घृणा करते हैं। यह ऐसा है मानो कि मुझमें किसी आत्म-जागरूकता का अभाव हो: मैं सदैव मनुष्य के सामने स्वयं को दिखाता हूँ, जो मनुष्य में क्रोध का कारण बनता है, जो कि "ईमानदार और धर्मी" है।
प्रभु यीशु मसीह के करोड़ों अनुयायियों के समान हम बाइबल की व्यवस्थाओं और आज्ञाओं का पालन करते हैं, प्रभु यीशु मसीह के विपुल अनुग्रह का आनंद लेते हैं, और प्रभु यीशु मसीह के नाम पर एक साथ इकट्ठे होते हैं, प्रार्थना, प्रशंसा और सेवा करते हैं—और यह सब हम प्रभु की देखभाल और सुरक्षा के अधीन करते हैं। हम कई बार निर्बल, और कई बार बलवान होते हैं। हम विश्वास करते हैं कि हमारे सभी कार्य प्रभु की शिक्षाओं के अनुसार हैं। यह कहने की आवश्यकता नहीं, कि तब, हम स्वयं भी स्वर्ग में पिता की इच्छा के अनुसार आज्ञाकारिता के मार्ग पर चलने में विश्वास करते हैं।हम प्रभु यीशु के लौटने की, प्रभु यीशु के महिमामय आगमन की, पृथ्वी पर हमारे जीवन के अंत की, परमेश्वर के राज्य के प्रकट होने की, और उन सब बातों की अभिलाषा करते हैं जिनकी प्रकाशितवाक्य की पुस्तक में भविष्यवाणी की गई थी: प्रभु आता है, आपदा लाता है, भलों को पुरस्कार और दुष्टों को दण्ड देता है, एवं उन सभी को जो उनका अनुसरण करते हैं और उनकी वापसी का स्वागत करते हैं, प्रभु से मिलने के लिए हवा में ले जाता है।
ऐ...गीत हैं कई और नृत्य हैं बहुत खूबसूरत,
ब्रह्मांड और पृथ्वी के कोने बन जाते हैं एक व्याकुल सागर।
ऐ...जन्नत है नई और पृथ्वी है नई।
ब्रह्मांड की विशालता परिपूर्ण है जयकारों से,
चीखते और लगाते छलांग हम ख़ुशी से।
पहाड़ जुड़े हैं पहाड़ों से और समुन्दर जुड़े समुन्दरों से,
हम सभी भाईयों और बहनों के दिल जुड़े एक दूसरे से।
बिना रुके हम करते हैं परमेश्वर की जय।
उनके बनाए प्राणी करते परमेश्वर से प्रेम,
झुकाते हैं ख़ुशी से सिर सामने उसके सिंहासन के और करते उसकी आराधना।
सिय्योन में परमेश्वर ने ख़ुद की प्रकट, अपनी धार्मिकता और पवित्रता।
परमेश्वर के सभी इंसान चमकते ख़ुशी से, बिना रुके करते परमेश्वर की जय।
जय परमेश्वर, जय परमेश्वर!
हालेलुईया! जय परमेश्वर, जय परमेश्वर!
परमेश्वर को करने के लिए प्रेम, करना होगा हमें सच्चा ह्रदय अर्पण।सर्वशक्तिमान परमेश्वर की जय के लिए गाएं और नाचें।
जय कर रही आवाज़ें चीरती आसमान को।
चलो, पुरुष और महिला, बूढ़े और जवान, सभी मिलकर करें जय।
आप अर्पित करें गीत और मैं नाच करूं अर्पण,
आप गाएं और मैं उस पर नाचूं।
धिक्कार है शैतान पर - वह बड़ा लाल अजगर,
महिमामय है सर्वशक्तिमान परमेश्वर का नाम।
हमने देखा है परमेश्वर की कृतियों में उसके धर्मी रवैया।
सर्वशक्तिमान परमेश्वर ही है धर्मी परमेश्वर।
परमेश्वर के सभी मनुष्यों ने देखा उसका महिमामय चेहरा।
हम सभी चलते उसके पीछे, करने को उसे ख़ुश,
तैयार रहने को वफ़ादार उसके प्रति हमेशा।
जय परमेश्वर, जय परमेश्वर!
हालेलुईया! जय परमेश्वर, जय परमेश्वर!
आओ! करें परमेश्वर की जय!
आओ! करें परमेश्वर की जय!
आ गए हम!
पर्वत हैं ख़ुश और समुन्दर है हंसता,
सभी देश और सभी लोग रहे हैं ख़शी से हंस।
कितना खूबसूरत ये रूप!
नई है जन्नत, ये पृथ्वी, ये सल्तनत!
हम नाचें और गाएं नए गीत परमेश्वर के लिए,
हम हैं ख़ुशी से भरपूर!
परमेश्वर के लिए गाए जाते सबसे सुंदर गीत,
परमेश्वर के लिए प्रस्तुत सबसे सुंदर नृत्य।
एक साफ़ दिल ही किया जाता प्रस्तुत परमेश्वर को,
एक सच्चा दिल ही किया जाता अर्पित परमेश्वर को।
परमेश्वर के सभी लोग और सभी चीज़ें करेंगी उसकी जय हमेशा बिना रुकें।
ऐ!
ओह! सिय्योन है कितना महिमामय!
परमेश्वर का आवास चमकता रोशनी की किरणों से।
उसी की महिमा चमकती पूरे ब्रह्मांड में।
सर्वशक्तिमान परमेश्वर के मुख पर एक मुस्कुराहट,
बैठा हुआ सिंहासन पर देखता वह पूरे ब्रह्मांड का ये नया रूप! हे!
मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना
चमकती पूर्वी बिजली,सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का सृजन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के प्रकट होने और उनका काम, परमेश्वर यीशु के दूसरे आगमन, अंतिम दिनों के मसीह की वजह से किया गया था। यह उन सभी लोगों से बना है जो अंतिम दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को स्वीकार करते हैं और उसके वचनों के द्वारा जीते और बचाए जाते हैं। यह पूरी तरह से सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा व्यक्तिगत रूप से स्थापित किया गया था और चरवाहे के रूप में उन्हीं के द्वारा नेतृत्व किया जाता है। इसे निश्चित रूप से किसी मानव द्वारा नहीं बनाया गया था। मसीह ही सत्य, मार्ग और जीवन है। परमेश्वर की भेड़ परमेश्वर की आवाज़ सुनती है। जब तक आप सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़ते हैं, आप देखेंगे कि परमेश्वर प्रकट हो गए हैं।