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रविवार, 16 जून 2019
रविवार, 21 अप्रैल 2019
कलीसिया का भजन अपना मार्ग हमें स्वयं चुनना है
- कलीसिया का भजन
- अपना मार्ग हमें स्वयं चुनना है
- मसीह सत्य व्यक्त करता है अंत के दिनों में,
- मसीह परमेश्वर की धार्मिकता उजागर करता है अंत के दिनों में।
- सत्य है वो, धार्मिक है वो सबके लिये।
- इंसानों का परिणाम है निर्भर उनमें निहित सत्य पर।
- बाहर हो जाओगे अगर न चलोगे सत्य पर।
गुरुवार, 18 अप्रैल 2019
परमेश्वर के वचनों का एक भजन सृष्टिकर्ता के अधिकार का सच्चा मूर्तरूप
- परमेश्वर के वचनों का एक भजन
- सृष्टिकर्ता के अधिकार का सच्चा मूर्तरूप
- I
- इंसान और कायनात दोनों की नियति
- जुड़ी हैं मज़बूती से सृष्टिकर्ता की प्रभुता से।
- अलग हो नहीं सकते कभी वे उसके अधिकार और योजना से।
- चीज़ों के नियमों के ज़रिये,
- जिन पर उसका प्रभुत्व है, जो योजनाएँ वो बनाता है उनसे,
- उसकी प्रभुता की सामर्थ्य को, उसकी व्यवस्था को, समझ पाता है इंसान।
- उसकी प्रभुता की सामर्थ्य को, उसकी व्यवस्था को, समझ पाता है इंसान।
शुक्रवार, 29 मार्च 2019
परमेश्वर के वचनों का एक भजन पूरी पृथ्वी आनंदित होगी और परमेश्वर की प्रशंसा करेगी
- परमेश्वर के वचनों का एक भजन
- पूरी पृथ्वी आनंदित होगी और परमेश्वर की प्रशंसा करेगी
- I
- एकमात्र सच्चा परमेश्वर जो करता है प्रशासित ब्रह्मांड की सभी चीज़ों को
- —सर्वशक्तिमान मसीह!
- है यही साक्ष्य पवित्र आत्मा का।
- हर जगह गवाही देने के लिए वह काम कर रहा है,
- तो किसी को नहीं होगा संदेह। विजयी महाराज,
- सर्वशक्तिमान परमेश्वर, संसार पर विद्यमान हो गया है।
बुधवार, 27 मार्च 2019
परमेश्वर के वचनों का एक भजन इंसान और परमेश्वर हैं सहभागी आनंद-मिलन में
- परमेश्वर के वचनों का एक भजन
- इंसान और परमेश्वर हैं सहभागी आनंद-मिलन में
- I
- ब्रह्माण्ड में अपना काम शुरु कर चुका है परमेश्वर।
- जागृत हैं लोग और घूमते हैं उसके काम के चहुं ओर।
- जब उनके भीतर “सफर” करता है परमेश्वर,
- छूटते हैं शैतान के बंधन से वो,
- आज़ाद हैं अब सदा के लिये, महा-व्यथा के बंधन से वो।
शनिवार, 16 मार्च 2019
कलीसिया का भजन परमेश्वर के लिए मेरा प्यार कभी नहीं बदलेगा
- कलीसिया का भजन
- परमेश्वर के लिए मेरा प्यार कभी नहीं बदलेगा
- I
- एक विनम्र इंसानी शरीर में, वह धैर्य से काम करता है,
- लेकिन इंसान का प्यार हासिल करना मुश्किल है।
- जीवन भर कठिनाई का सामना किया,
- कौन जानता है कि कितना दर्द वह सहता है,
- हवा और बारिश के बीच भटकते हुए।
बुधवार, 27 फ़रवरी 2019
परमेश्वर के वचनों का एक भजन बेपर्दा हो चुके हैं रहस्य सारे
परमेश्वर के वचनों का एक भजन
बेपर्दा हो चुके हैं रहस्य सारे
I
धार्मिकता का सर्वशक्तिमान परमेश्वर – सर्वशक्तिमान!
कुछ भी छुपा नहीं है तुझसे,
अनंत से अनंत तक हर रहस्य,
जिसे प्रकट नहीं किया किसी इंसान ने,
सब ज़ाहिर है, साफ है तेरे सामने।
सोमवार, 18 फ़रवरी 2019
आराधना गीत तुम्हारी रोशनी में आता है हर देश
आराधना गीत तुम्हारी रोशनी में आता है हर देश
सिसकते इंसान को दुलारने की ख़ातिर
अपने आगोश में ले लेते हो तुम,
अपनी मज़बूत और फ़िक्रमंद बाहें फैला देते हो तुम,
और चमक रही हैं तेजस्वी आँखें तुम्हारी!
कसकर थामता है हमें तुम्हारा प्रेम, करुणा तुम्हारी,
और प्रकट होती है मुखाकृति महिमामय तुम्हारी।
रविवार, 17 फ़रवरी 2019
आराधना गीत सर्वशक्तिमान परमेश्वर का आना कितना अद्भुत है
I
क्या तकदीर है देहधारी परमेश्वर से मिलना!
अंत के दिनों के मसीह काम करते हैं प्रकट होकर।
सत्य व्यक्त करते हैं, न्याय लाते हैं परमेश्वर।
इंसान को बचाने, ख़ुद काम करते हैं परमेश्वर।
सामान्य हैं वे, ग़म और ख़ुशी का अहसास करते हैं परमेश्वर।
सोमवार, 11 फ़रवरी 2019
परमेश्वर के वचनों का एक भजन उठो, सहयोग करो परमेश्वर से
I
उठो, प्रेम करता है परमेश्वर उन सबको, समर्पित होते हैं जो सच में उसे,
नफ़रत करता है वो उन सबसे जो जन्मे हैं उससे,
फिर भी विरोध करते हैं, नहीं जानते उसे।
त्यागेगा नहीं वो उन्हें जो सच में हैं उसके लिये।
बल्कि दुगुनी कर देगा अपनी आशीषें वो उनके लिये।
रविवार, 10 फ़रवरी 2019
आराधना गीत परमेश्वर का प्रेम हमें करीब लाता है
I
पर्वत सागर करते हों जुदा हमें भले ही,
हम हैं एक, हमारे बीच नहीं सीमायें कोई।
रंगत है अलग हमारी भाषाएँ भी अलग हमारी।
सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन बुलाते हमें,
हम उसके सिंहासन के सामने खड़े किए जाते।
शनिवार, 9 फ़रवरी 2019
आराधना गीत ऊँचे सुर में स्तुति करो सर्वशक्तिमान परमेश्वर की
I
अंत के दिनों का मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर प्रकट हुआ
दुनिया के पूरब में।
वो सत्य बोलता है, इंसान को बचाने,
वो उद्धारक का प्रकटन है।
परमेश्वर जन सुनते उसकी वाणी को,
उठाये जाते हैं उसके सिंहासन के समक्ष।
सोमवार, 28 जनवरी 2019
परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर के सभी लोग अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हैं
I
परमेश्वर का देश देखो शासन सबपे उसका।
सॄष्टि के आरंभ से आज के दिन तक,
परमेश्वर द्वारा मार्गदर्शित, उसके पुत्र, गुज़रे हैं कई कठिनाइयों से।
गुज़रे हैं कई उतार-चढ़ावों से। अब उसकी रोशनी में हैं वो रहते।
कौन है रोता नहीं कल के अन्याय पे?
किसके आँसू बहते नहीं मेहनत से जीती आज की ज़िंदगी के लिए?
कौन है जो चाहे नहीं परमेश्वर को दिल सौंप दे?
किसको अरमां नहीं जुनूं, तजुर्बे को बयाँ करे?
शनिवार, 12 जनवरी 2019
आराधना गीत परमेश्वर के प्रेम का गुणगान हो हमेशा
I
बड़े अपमान को सहते हुए तुम किसकी मांग करते हो?
तुम किसके लिए मेहनत और फ़िक्र करते हो?
परमेश्वर की इच्छा पूरी करने के लिए यहां-वहां दौड़ते हुए,
तुम सिर्फ़ इस काम के बारे में सोचते हो।
शेर की गुफ़ा में इंसान को बचाने के लिए तुम सत्य व्यक्त करते हो,
चुपचाप अस्वीकृति और निंदा सहन करते हो।
हां, तुम्हारे प्यार का हमेशा हो गुणगान।
हां, तुम्हारे प्यार का हमेशा हो गुणगान।
शनिवार, 29 दिसंबर 2018
आराधना गीत परमेश्वर का अनुग्रह है समुन्दर से भी गहरा
I
परमेश्वर के अनुग्रह की गिनती से बहते हैं मेरे आँसू।
बंद होंठों के पीछे, मेरे गले में हैं सिसकियां।
जब मैं भूखा था, बिना शक्ति के, तुमने मुझे दिया सबसे अच्छा पोषण।
जब मैं था दर्द में और निराश,
किया गया मुझे अपमानित, छोड़ दिया गया मुझे,
तुम्हारे हाथों ने पोंछे मेरे आंसू, तुमने दी मुझे सांत्वना।
ओह परमेश्वर! जब मैं कांप रहा था ठंड से,
ओह परमेश्वर! तुमने पहुंचाई थी मुझे गर्माहट।
जब कठिनाइयां थीं बहुत कठिन, तुमने की मुझ पर दया।
रविवार, 2 दिसंबर 2018
आराधना गीत पा नहीं सकते थाह परमेश्वर के कार्यों की
I
आसमानों से भी ऊँचा देखते हैं हम प्रताप तुम्हारा। बिन श्रद्धा हम न आयेंगे कभी तुम्हारी शरण में। कौन जान सकता है इच्छा तुम्हारी, किसमें साहस जो महसूस कर पाए क्रोध तुम्हारा? किसे चाहत है तुम्हारे प्रताप की, कब आएगा प्रताप तुम्हारा? तुम्हारे हाथों के पालने में यहाँ आसरा हमारा, माँ के प्यार की तरह, ले रहे आनंद तुम्हारे प्यार की तपन का, जबकि क्रोध तुम्हारा करता है भयभीत हमें। तुम वो माँ हो बेहद प्यार करते जिसे हम, तुम वो पिता हो प्यार और आदर देते जिसे हम। तुमसे गुप्त रहता है दिल हमारा, मगर कर नहीं पाते दूर जाने की हिम्मत हम। और दिलों में तुम्हें महसूस करते हैं अपने करीब हम, कितना नज़दीक तुम्हें महसूस करते हैं हम। अनजाने में लगता है थाह तुम्हारी पा सकते नहीं हम। ओह, तब दूर से ही दे सकते हैं तुम्हें सम्मान हम। ओह, बस दूर से ही दे सकते हैं तुम्हें सम्मान हम।
शुक्रवार, 30 नवंबर 2018
परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर ने बहुत पहले तैयार कर दी हर चीज़ इंसान के लिये
I
हर काम को करने का वक्त तय करता है परमेश्वर।
अगर नहीं आया है वो वक्त अभी तो,
वक्त से पहले काम नहीं करेगा परमेश्वर।
लयबद्ध तरीके से तय हैं काम परमेश्वर के।
सटीक हैं वो और किये जाते हैं मुताबिक उसूलों के।
बिल्कुल शांत और बेफ़िक्र रहता है परमेश्वर।
क्या जानता नहीं तू, सर्वशक्तिमान है वो?
गुरुवार, 29 नवंबर 2018
परमेश्वर के वचनों का एक भजन सत्य पर अमल के लिये सबसे सार्थक है दुख सहना
I
जान लो तुम्हारा लक्ष्य है कि वचन परमेश्वर के तुम में प्रभावी हों, और सचमुच उन्हें अभ्यास में समझो। परमेश्वर के वचन समझने में, शायद मुश्किल होती हो तुम्हें, मगर अभ्यास से दूर होती है ये कमी। बहुत से सत्यों को तुम्हें जान लेना चाहिये,सिर्फ जानना नहीं बल्कि अमल में लाना चाहिये। इसी पर तुम्हारा ध्यान होना चाहिए। बहुत से सत्य हैं जो तुम्हें जानकर अमल में लाने चाहिए। इसी पर तुम्हारा ध्यान होना चाहिए। इसी पर तुम्हारा ध्यान होना चाहिए।
बुधवार, 28 नवंबर 2018
परमेश्वर के वचनों का एक भजन वह सत्य, मार्ग और जीवन है
I
जान नहीं सकता हमारा हर विचार उसके अलावा कोई, हमारी प्रकृति और सार की ऐसी समझ रख नहीं सकता उसके अलावा कोई, इंसान के विद्रोहीपन का, भ्रष्टता का न्याय कर नहीं सकता उसके अलावा कोई, कार्य कर नहीं सकता, बोल नहीं सकता स्वर्ग के परमेश्वर की ओर से उसके अलावा कोई। ये मामूली, महत्वहीन कोई, नकार दिया जिसे हमने, क्या हमारे ख़्यालों में बसा यीशु मसीह नहीं है, कामना जिसकी हम दिन-रात करते हैं? यही है वो! हमारा परमेश्वर! सत्य, मार्ग और जीवन, सत्य, मार्ग और जीवन!
मंगलवार, 20 नवंबर 2018
परमेश्वर को जानना परमेश्वर का भय मानने और बुराई से दूर रहने का मार्ग है
परमेश्वर को जानना परमेश्वर का भय मानने और बुराई से दूर रहने का मार्ग है
तुम में से प्रत्येक व्यक्ति परमेश्वर में विश्वास करके नए सिरे से अपने जीवन की जांच करके यह देख सकता है कि क्या परमेश्वर को खोजते समय, तुम सच्चे रूप में समझ पाए हो, सच्चे रूप में पूर्णत: समझ गये हो, और सच्चे रूप में परमेश्वर को जाने हो, और यह कि तुम सच्चे रूप में जान गये हो कि, विभिन्न मनुष्यों के प्रति परमेश्वर का मनोभाव क्या है, और यह कि तुम वास्तव में यह समझ गये हो कि परमेश्वर तुम पर क्या कार्य कर रहा है और परमेश्वर कैसे उसके प्रत्येक कार्य को व्यक्त करता है।
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