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रविवार, 16 जून 2019
शनिवार, 9 फ़रवरी 2019
आराधना गीत ऊँचे सुर में स्तुति करो सर्वशक्तिमान परमेश्वर की
I
अंत के दिनों का मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर प्रकट हुआ
दुनिया के पूरब में।
वो सत्य बोलता है, इंसान को बचाने,
वो उद्धारक का प्रकटन है।
परमेश्वर जन सुनते उसकी वाणी को,
उठाये जाते हैं उसके सिंहासन के समक्ष।
सोमवार, 28 जनवरी 2019
परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर के सभी लोग अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हैं
I
परमेश्वर का देश देखो शासन सबपे उसका।
सॄष्टि के आरंभ से आज के दिन तक,
परमेश्वर द्वारा मार्गदर्शित, उसके पुत्र, गुज़रे हैं कई कठिनाइयों से।
गुज़रे हैं कई उतार-चढ़ावों से। अब उसकी रोशनी में हैं वो रहते।
कौन है रोता नहीं कल के अन्याय पे?
किसके आँसू बहते नहीं मेहनत से जीती आज की ज़िंदगी के लिए?
कौन है जो चाहे नहीं परमेश्वर को दिल सौंप दे?
किसको अरमां नहीं जुनूं, तजुर्बे को बयाँ करे?
गुरुवार, 29 नवंबर 2018
परमेश्वर के वचनों का एक भजन जो परमेश्वर के सामने शांत रहते हैं, केवल वही जीवन पर ध्यान केंद्रित करते हैं
I
शांत रह सकते हैं जो लोग परमेश्वर के सामने, मुक्त हो पाते हैं वे संसारी बंधनों से, अपना सकता है परमेश्वर उन्हें। नहीं रह सकता शांत जो परमेश्वर के सामने, आवारा है, निरंकुश है ऐसा इंसान। पूरी तरह डूबा है भोगों में ऐसा इंसान। शांत रह सकते हैं जो लोग परमेश्वर के सामने, तरसते हैं परमेश्वर के लिये, श्रद्धालु हैं ऐसे इंसान। शांत रह सकते हैं जो लोग परमेश्वर के सामने, हैं वे जिन्हें परवाह है ज़िंदगी की, और करते हैं संगति आत्मा में। शांत रह सकते हैं जो लोग परमेश्वर के सामने, प्यासे हैं ऐसे लोग परमेश्वर के वचनों के। करते हैं अनुसरण सत्य का वे लोग।
परमेश्वर के वचनों का एक भजन सत्य पर अमल के लिये सबसे सार्थक है दुख सहना
I
जान लो तुम्हारा लक्ष्य है कि वचन परमेश्वर के तुम में प्रभावी हों, और सचमुच उन्हें अभ्यास में समझो। परमेश्वर के वचन समझने में, शायद मुश्किल होती हो तुम्हें, मगर अभ्यास से दूर होती है ये कमी। बहुत से सत्यों को तुम्हें जान लेना चाहिये,सिर्फ जानना नहीं बल्कि अमल में लाना चाहिये। इसी पर तुम्हारा ध्यान होना चाहिए। बहुत से सत्य हैं जो तुम्हें जानकर अमल में लाने चाहिए। इसी पर तुम्हारा ध्यान होना चाहिए। इसी पर तुम्हारा ध्यान होना चाहिए।
बुधवार, 28 नवंबर 2018
क्या तुम ऐसा इंसान बनने को तैयार हो जो देता है परमेश्वर की गवाही
मंगलवार, 27 नवंबर 2018
परमेश्वर के वचनों का एक भजन मानव जाति के भाग्य की ओर ध्यान दो
सोमवार, 19 नवंबर 2018
परमेश्वर ने बचाया है मुझे
- परमेश्वर ने बचाया है मुझे
- I
- परमेश्वर ने बचाया है मुझे।
- मानव सा देहधारी हुआ, सह कर आँधी-तूफान,
- मनुष्यों में छिप कर, कोई उसे न जान सका।
- मुझे बचाने को न्याय किया, शुद्ध करने को ताड़ना दिया;
- जिसमें दर्द मैंने सहे।
रविवार, 18 नवंबर 2018
ओ मेरे प्रिय, मैं तलाश में हूं तुम्हारी
- ओ मेरे प्रिय, मैं तलाश में हूं तुम्हारी
- I
- तुम कहाँ हो, मेरे प्रिय?
- क्या तुम्हें मालूम है मुझे आती है तुम्हारी कितनी याद?
- बिना रोशनी, दर्द से भरे और मुश्किल हैं दिन।
- अंधेरे में, मुझे तलाश है तुम्हारी।
शनिवार, 17 नवंबर 2018
सभी चीज़ों में परमेश्वर के आयोजन को मैं सर्मपित हो जाऊँगा
- सभी चीज़ों में परमेश्वर के आयोजन को मैं सर्मपित हो जाऊँगा
- I
- परमेश्वर, तूने बनाए मानव,
- तेरी प्रभुता उन पर राज करे।
- तूने चुना मुझे और सक्षम किया
- लौटने को तेरे सिंहासन के समक्ष।
शुक्रवार, 16 नवंबर 2018
परमेश्वर का प्रेम मनुष्य के बीच हमेशा रहता है
- परमेश्वर का प्रेम मनुष्य के बीच हमेशा रहता है
- I
- आम और विनम्र व्यक्ति, तुम जीतते हो मेरे उपद्रवी दिल को।
- देह में करते हो तुम चमत्कार।
- तुम्हारे कदम जहाँ हैं पड़ते, तुम्हारा जीवन चमकता है।
- तुम्हारा निर्दयी न्याय है प्यार।
मंगलवार, 13 नवंबर 2018
स्वभाव में बदलाव वास्तविक जीवन से अलग नहीं हो सकता
- स्वभाव में बदलाव वास्तविक जीवन से अलग नहीं हो सकता
- परमेश्वर में विश्वास करने में,
- यदि मानव बदलाव लाना चाहता है,
- तो उसे अपने वास्तविक जीवन से
- खुद को वियुक्त नहीं करना चाहिए।
शनिवार, 10 नवंबर 2018
सच्चाई से जी कर ही तू दे सकता है गवाही
- सच्चाई से जी कर ही तू दे सकता है गवाही
- I
- सत्य है जिनमें, वे ही ऐसे लोग हैं जो अपने अनुभव में,
- मज़बूती से दे सकते हैं गवाही,
- खड़े रह सकते हैं डटकर, परमेश्वर के पक्ष में,
- कभी हटते नहीं पीछे, मौत आने तक मानते हैं हुक्म परमेश्वर का,
- बनाए रखते हैं सामान्य रिश्ता उनसे, जो प्रेम करते हैं परमेश्वर से।
शुक्रवार, 9 नवंबर 2018
शरीर त्यागने का अभ्यास
- शरीर त्यागने का अभ्यास
- I
- गर ऐसा कुछ हो जाए जिसमें सहनी पड़ें मुश्किलेंतुझे,
- तो उस वक्त परमेश्वर की इच्छा को समझ और ध्यान में रख।
- ख़ुद को संतुष्ट न कर, ख़ुद को दरकिनार कर।
- शरीर से अधम और कुछ भी नहीं।
मंगलवार, 6 नवंबर 2018
विजेता हैं वे जो परमेश्वर की शानदार गवाही दें
- विजेता हैं वे जो परमेश्वर की शानदार गवाही दें
- I
- परमेश्वर में आस्था के लिये फरमाबरदारी चाहिये,
- परमेश्वर के कार्य का अनुभव चाहिये।
- बहुत कार्य किया है परमेश्वर ने;
- पूर्णता है, शुद्धिकरण है, ताड़ना है उसका काम,
- इंसान की अपेक्षाओं के मुताबिक नहीं है उसका काम,
- परमेश्वर के कठोर वचनों का इंसान लेता है अनुभव।
शनिवार, 3 नवंबर 2018
इंसान के प्रति परमेश्वर का रवैया
- इंसान के प्रति परमेश्वर का रवैया
- I
- जब लोगों के दुष्ट काम परमेश्वर को करते हैं अपमानित,
- तो वो बरसाएगा उन पर अपना क्रोध,
- जब तक वे सही में करते नहीं उसके सामने पश्चाताप।
बुधवार, 24 अक्टूबर 2018
परमेश्वर की जाँच को तुझे हर चीज़ में स्वीकर करना चाहिए
- परमेश्वर की जाँच को तुझे हर चीज़ में स्वीकर करना चाहिए
- I
- डरते हैं अधिकतर लोग आज
- अपने कर्मों को लाने में परमेश्वर के सामने।
- धोखा दे सकता है तू उसकी देह को,
- मगर धोखा नहीं दे सकता तू उसके आत्मा को।
शनिवार, 20 अक्टूबर 2018
अपने वचनों और कार्यों को कैसे समझना चाहिये तुम्हें
- अपने वचनों और कार्यों को कैसे समझना चाहिये तुम्हें
- I
- क्या परमेश्वर के वचनों में, प्रतिकार में विश्वास है तुम्हें?
- कि सज़ा देगा वो उन्हें जो कपट करते हैं, धोखा देते हैं उसे?
- तुम चाहते हो वो दिन जल्दी आए या बाद में?
- क्या ख़ौफ खाते हो तुम सज़ा से,
- या सज़ा है, ये जानकर भी परमेश्वर का विरोध करोगे?
शुक्रवार, 19 अक्टूबर 2018
प्रायश्चित्त
- प्रायश्चित्त
- I
- अच्छे इरादे, अंत के दिनों का मशवरा,
- जगाते हैं गहरी नींद से इंसान को।
- दर्दभरी यादें, बचे दाग़ यातना देते हैं मेरे ज़मीर को।
- उलझन में, डरकर प्रार्थना करता हूँ मैं।
सोमवार, 8 अक्टूबर 2018
परमेश्वर का प्रेम रहता है मेरे दिल में सदा
- परमेश्वर का प्रेम रहता है मेरे दिल में सदा
- I
- परमेश्वर का अनुसरण करने के अपने सफर में,
- लिया है आनंद सदा परमेश्वर के प्यार का मैंने।
- उनके वचन, अपेक्षाएं उनकी, सब सुरक्षा है, प्यार है उनका।
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