बुधवार, 28 नवंबर 2018

क्या तुम ऐसा इंसान बनने को तैयार हो जो देता है परमेश्वर की गवाही



  • क्या तुम ऐसा इंसान बनने को तैयार हो
  • जो देता है परमेश्वर की गवाही

  • I
  • जब पहुँचेगा समापन पर तीन चरणों का कार्य,
  • तो बनाया जाएगा समूह उनका
  • जो देंगे गवाही परमेश्वर की।
  • जानेंगे ये तमाम लोग परमेश्वर को
  • और अमल में ला पाएंगे सत्य को।
  • यही लोग देंगे गवाही परमेश्वर की।
  • होगी इनमें मानवता, होगा इनमें बोध।
  • जानेंगे परमेश्वर के उद्धार-कार्य के तीन चरणों को ये तमाम लोग।
  • शायद मिल सकती है जगह इस समूह में तुम सभी को।
  • या केवल आधों को, या सिर्फ़ कुछ लोगों को।
  • निर्भर करता है ये तुम्हारी इच्छा पर
  • और तुम कितनी शिद्दत से अनुसरण करते हो,
  • और तुम कितनी शिद्दत से अनुसरण करते हो।
  • II
  • ये वे लोग हैं जो नुमाइंदे हैं छ: हज़ार साल के
  • प्रबंधन के कार्य के सघन रूप के।
  • फल हैं परमेश्वर के कार्य का वे, कार्य का वे।
  • और है ये जन-समूह, शैतान की चरम पराजय की
  • सबसे मज़बूत गवाही।
  • फल हैं परमेश्वर के कार्य का वे।
  • पाएँगे परमेश्वर की प्रतिज्ञा जो देंगे उसकी गवाही।
  • अंत तक रहेंगे वे,
  • परमेश्वर की सामर्थ्य के संग, धारण करेंगे गवाही।
  • शायद मिल सकती है जगह इस समूह में तुम सभी को।
  • या केवल आधों को, या सिर्फ़ कुछ लोगों को।
  • निर्भर करता है ये तुम्हारी इच्छा पर
  • और तुम कितनी शिद्दत से अनुसरण करते हो,
  • और तुम कितनी शिद्दत से अनुसरण करते हो,
  • और तुम कितनी शिद्दत से अनुसरण करते हो।
  •  
  • "वचन देह में प्रकट होता है" से
  • Source From:सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-मसीही गीत

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

46. "परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह" का वास्तविक अर्थ

झांग जुन शेन्यांग शहर, लियाओनिंग प्रांत अतीत में, मैं मानता था कि "परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह" का अर्थ परमेश्वर के साथ विश्व...

सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया ओवरसीज हॉटलाइन