- परमेश्वर के वचनों का एक भजन
- मानव जाति के भाग्य की ओर ध्यान दो
- I
- परमेश्वर सभी जातियों, देशों और उद्योगों के लोगों से करता है आग्रह:
- सुनो परमेश्वर की आवाज़, देखो उसका काम;
- इंसानियत की तक़दीर की ओर दो ध्यान, ओर दो ध्यान;
- परमेश्वर को बनाओ सबसे पवित्र और सम्माननीय,
- आराधना के लिए उच्चतम और एकमात्र बिंदु;
- परमेश्वर के आशीष में जीने दो पूरी इंसानियत को,
- जैसे इब्राहीम के वंशज जीते थे यहोवा के वादे में,
- जैसे परमेश्वर की रचनाएं, आदम और हव्वा, रहते थे अदन के बाग़ में।
- II
- परमेश्वर का काम है उमड़ती हुई लहरों की तरह;
- कोई रोक नहीं सकता उसे, कोई रोक नहीं सकता उसके कदम।
- सिर्फ़ उसके वचनों को सुनकर, सिर्फ़ उसके पीछे चलकर,
- चला जा सकता है उसके कदमों पर,
- पाया जा सकता है उसके वादे को, वादे को।
- बाकी सभी को सामना करना होगा कुल विनाश,
- प्राप्त करनी होगी उनकी योग्य सज़ा, उनकी योग्य सज़ा।
- "वचन देह में प्रकट होता है" से
- Source From:सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-मसीही गीत
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