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बुधवार, 9 मई 2018

वे सब जो परमेश्वर को नहीं जानते हैं वे ही परमेश्वर का विरोध करते हैं

परमेश्वर के कार्य के उद्देश्य, मनुष्यों में कैसा प्रभाव प्राप्त किया जाना है, और मनुष्य के प्रति परमेश्वर की इच्छा क्या है, को समझना यही सब बातें हर उस व्यक्ति को उपार्जित करनी चाहिए जो परमेश्वर का अनुसरण करता है।

रविवार, 29 अप्रैल 2018

प्रार्थना की क्रिया के विषय में

अपने प्रतिदिन के जीवन में तुम प्रार्थना पर बिलकुल ध्यान नहीं देते। लोगों ने प्रार्थना को सदैव नजरअंदाज किया है। अपनी प्रार्थनाओं में वे ऐसे ही इधर-उधर घूमते हैं और ऊपरी तौर पर कार्य करते हैं, और किसी ने भी कभी परमेश्वर के समक्ष पूरी रीति से अपने हृदय को समर्पित नहीं किया है और न ही परमेश्वर से सच्चाई से प्रार्थना की है।

रविवार, 1 अप्रैल 2018

परमेश्वर पर विश्वास करना वास्तविकता पर केंद्रित होना चाहिए, न कि धार्मिक रीति-रिवाजों पर

तुम कितनी धार्मिक परम्पराओं का पालन करते हो? कितनी बार तुमने परमेश्वर के वचन का विरोध किया है और अपने तरीके से चले हो? कितनी बार तुम परमेश्वर के वचनों को इसलिए अभ्यास में लाए हो क्योंकि तुम उसके उत्तरदायित्व के बारे में सच में विचारशील हो और उसकी इच्छा पूरी करना चाहते हो? परमेश्वर के वचन को समझो और उसे अभ्यास में लाओ।

सोमवार, 5 मार्च 2018

आज परमेश्वर के कार्य को जानना


इन दिनों में परमेश्वर के कार्यों को जानना, अधिकांशतः, अंत के दिनों के देहधारी परमेश्वर को जानना है, यह जानना है कि उसकी मुख्य सेवकाई क्या है और पृथ्वी पर वह क्या करने के लिए आया है।

शुक्रवार, 2 मार्च 2018

सहस्राब्दि राज्य आ चुका है

क्या तुम लोगों ने देखा है कि इस समूह के लोगों में परमेश्वर कौन सा कार्य पूर्ण करेगा? परमेश्वर ने कहा, कि यहाँ तक कि सहस्राब्दि राज्य में भी लोगों को उसके कथनों का पालन अवश्य करना चाहिए, और भविष्य में परमेश्वर के कथन अंततोगत्वा मनुष्य के जीवन को कनान के उत्तम देश में सीधे तौर पर मार्गदर्शन करेगा।

रविवार, 25 फ़रवरी 2018

सभी के द्वारा अपना कार्य करने के बारे में

वर्तमान धारा में, हर एक व्यक्ति जो सच में परमेश्वर से प्रेम करता है उसके पास परमेश्वर द्वारा उसे पूर्ण किए जाने का अवसर होता है। भले ही वे युवा हों या वृद्ध, जब तक वे अपने हृदय में परमेश्वर के प्रति आज्ञाकारिता और उसके लिए सम्मान रखते हैं, वे उसके द्वारा पूर्ण किए जाने के योग्य रहेंगे। परमेश्वर लोगों को उनके भिन्न भिन्न कार्यों के अनुसार पूर्ण करता है।

शनिवार, 24 फ़रवरी 2018

कलीसिया जीवन और वास्तविक जीवन पर विचार-विमर्श

लोग महसूस करते हैं कि वे केवल अपने कलीसिया जीवन में ही परिवर्तित हो सकते हैं, और कि यदि वे कलीसिया के अंतर्गत अपने जीवन को नहीं जी रहे हैं, तो परिवर्तन संभव नहीं है, कि वे अपने वास्तविक जीवन में परिवर्तन को प्राप्त करने में असमर्थ हैं।

46. "परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह" का वास्तविक अर्थ

झांग जुन शेन्यांग शहर, लियाओनिंग प्रांत अतीत में, मैं मानता था कि "परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह" का अर्थ परमेश्वर के साथ विश्व...

सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया ओवरसीज हॉटलाइन