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शनिवार, 15 जून 2019

41. परमेश्वर का प्रेम की प्रकृति क्या है?

41. परमेश्वर का प्रेम की प्रकृति क्या है?

सिकियू, सुईहुआ सिटी, हीलॉन्ग जिआंग प्रदेश
जब भी मैं परमेश्वर के वचन का यह अवतरण पढ़ता हूं, “यदि तुम हमेशा मेरे प्रति बहुत निष्ठावान और प्यार करने वाले रहे हो, मगर तुम बीमारी, जीवन की बाधाओं, और अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के परित्याग की पीड़ा को भुगतते हो और जीवन में किसी भी अन्य दुर्भाग्य को सहन करते हो, तो क्या तब भी मेरे लिए तुम्हारी निष्ठा और प्यार जारी रहेगा?” (“वचन देह में प्रकट होता है” से “एक बहुत गंभीर समस्या: विश्वासघात (2)” से) तो मुझे खास तौर पर दु:ख महसूस करता हूं — मेरे अंतर्मन में कष्ट की एक भावना फैलने

शनिवार, 1 जून 2019

Hindi Christian Dance | स्तुति करें राज्य में नये जीवन के लिये | God's People Worship and Praise God


Hindi Christian Dance Video | स्तुति करें राज्य में नये जीवन के लिये | God's People Worship and Praise God



सुनकर परमेश्वर की वाणी लौट आए हैं उसके घर में हम। खाते-पीते हम वचन परमेश्वर के सभाओं में, शामिल होते हैं भोज में हम। कहते हैं अलविदा ग़मों को, उलझनों को हम, बढ़ रहे हैं एक नये जीवन की ओर हम। परमेश्वर के वचन होते हैं हमारे साथ हर दिन, लेते हैं उनका आनंद हम।

शुक्रवार, 31 मई 2019

Hindi Christian Dance Video | कलीसिया का जीवन देता है कितनी ख़ुशी | Hallelujah! Praise and Thank God


Hindi Christian Dance Video | कलीसिया का जीवन देता है कितनी ख़ुशी | Hallelujah! Praise and Thank God



भाइयो और बहनो, हम आ गये हैं परमेश्वर के सामने। उसके वचनों को खाना और पीना, कितना आनंद देता है। हमारी सत्य की समझ की गहराई की, परमेश्वर परवाह करता नहीं, वो तो हमारे सच्चे शब्दों से प्रसन्न होता है। अपने अनुभव और जो सीखा उसे, हम साझा करते हैं, एक-दूसरे को सहारा देते, हाथों में हाथ लिए आगे बढ़ते हैं। हम सत्य को समझते, खुद पर विचार करते हैं, अपनी भ्रष्टता, अपनी कमियों को देखते हैं।

सोमवार, 20 मई 2019

17. अहंकार का कड़वा फल

17. अहंकार का कड़वा फल

हू किंग सुज़ोउ शहह, अन्हुई प्रांत
जब मैंने परमेश्वर के वचनों को यह कहते हुए देखा: "आपमें से वे लोग जो मार्गदर्शक के रूप में सेवा करते हैं, वे हमेशा अधिक चतुरता प्राप्त करना चाहते हैं, बाकी सब से श्रेष्ठ बनना चाहते हैं, नई तरकीबें पाना चाहते हैं ताकि परमेश्वर देख सकें कि आप लोग वास्तव में कितने महान मार्गदर्शक हैं। … आप लोग हमेशा दिखावा करना चाहते हैं; क्या यह निश्चित रूप से एक अहंकारी प्रकृति का प्रकटन नहीं है?" ("मसीह की बातचीतों के अभिलेख" से "सत्य के बिना परमेश्वर को अपमानित करना आसान है" से)। तो मैंने खुद से सोचा: चतुर नई चालें ढूँढने की कोशिश करने का ऐसा उत्साह किसके पास है? कौन नहीं जानता है कि परमेश्वर का स्वभाव मनुष्य के अपमान को बर्दाश्त नहीं करता है? मैं निश्चित

शुक्रवार, 17 मई 2019

Hindi Christian Song | इंसान के लिये परमेश्वर की इच्छा कभी नहीं बदलेगी | The Love of God Is So Real


Hindi Christian Song | इंसान के लिये परमेश्वर की इच्छा कभी नहीं

बदलेगी | The Love of God Is So Real


इस जगत में परमेश्वर बरसों से रहता है, कौन है मगर जो उसे जानता है? आश्चर्य नहीं कि लोगों को परमेश्वर ताड़ना देता है। लगता है इंसान को परमेश्वर अपना अधिकार दिखाने के लिये इस्तेमाल करता है। लगता है वे उसकी बंदूक की गोलियाँ हैं, एक बार चलाई जो उसने, तो बच निकलेंगे वो सभी एक एक कर। ये ख़्याल है उनका, हकीकत नहीं है मगर, हकीकत नहीं है मगर।

रविवार, 5 मई 2019

2. वह प्राण-शक्ति जिसे कभी मिटाया नहीं जा सकता

दांग मेई, हेनान प्रांत
मैं एक साधारण व्यक्ति हूँ। मैं एक नीरस जीवन जीती थी। प्रकाश की लालसा रखने वाले कई लोगों की तरह, मैंने मानव-अस्तित्त्व के वास्तविक आशय की ख़ोज करने के कई तरीक़ों को आज़माया, ताकि मैं अपने जीवन को अधिक अर्थ दे सकूँ। अंत में, मेरे सभी प्रयास व्यर्थ रहे थे। लेकिन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंतिम दिनों के कार्य को स्वीकार करने के मेरे सौभाग्य के बाद, मेरे जीवन में चमत्कारी परिवर्तन हुए। इससे मेरे जीवन में अधिक रंगत आई, और मुझे समझ में आ गया कि केवल परमेश्वर ही लोगों के उत्साह

शनिवार, 4 मई 2019

1. शैतान के अंधेरे कारागार में मेरे साथ परमेश्वर का प्रेम था

यांग यी, जियांग्सू प्रांत
मैं सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया की एक ईसाई हूँ। मैं दस वर्षों से अधिक समय के लिए सर्वशक्तिमान परमेश्वर की अनुयायी रही हूँ। इस अवधि के दौरान, एक दशक पहले, सीसीपी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाना वो भयानक विपत्ति थी जिसे मैं कभी नहीं भूलूंगी। उस समय, दुष्ट राक्षसों द्वारा उत्पीड़ित किये जाने, कुचले जाने और मेरे कई बार मौत के करीब आने के बावजूद, सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने मेरी रक्षा करने और मेरा मार्गदर्शन करने, मुझे जीवन में वापस ले आने, और मुझे सुरक्षा में वापस लाने के लिए अपने शक्तिशाली हाथ का उपयोग किया था। … इसके माध्यम से, मैंने वास्तव में परमेश्वर की जीवन-शक्ति के उत्कर्ष और प्रभुत्व का अनुभव किया, और परमेश्वर द्वारा मुझे प्रदत्त जीवन की बहुमूल्य संपदा प्राप्त की।

शनिवार, 20 अप्रैल 2019

परमेश्वर के वचनों का एक भजन मानवजाति के प्रति परमेश्वर की करुणा निरंतर बहती है



  • परमेश्वर के वचनों का एक भजन
  • मानवजाति के प्रति परमेश्वर की करुणा निरंतर बहती है

  • I
  • "सृष्टिकर्ता की करुणा"
  • कोई खाली जुमला नहीं है, न ही खोखला वादा है।
  • इसमें सिद्धांत और उद्देश्य हैं,
  • ये है सच्ची और वास्तविक बिन किसी भेस के।
  • उसकी दया बिन रुके मानव जाति को प्रदान की जाती है।

शुक्रवार, 19 अप्रैल 2019

परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर का संदेश परमेश्वर का संदेश



  • परमेश्वर के वचनों का एक भजन

  • I
  • अतीत है बीत चुका, तुम्हें न चाहिए इससे चिपकना।
  • कल तुम अपनी आस्था में अटल थे।
  • अब परमेश्वर को अपनी निष्ठा दो।
  • ये वो है जो तुम्हें जानना चाहिए।
  • हालांकि ईश्वर दिखता नहीं,
  • परमेश्वर का आत्मा तुम सब को अनुग्रह प्रदान करेगा।

गुरुवार, 18 अप्रैल 2019

परमेश्वर के वचनों का एक भजन सृष्टिकर्ता के अधिकार का सच्चा मूर्तरूप



  • सृष्टिकर्ता के अधिकार का सच्चा मूर्तरूप

  • I
  • इंसान और कायनात दोनों की नियति
  • जुड़ी हैं मज़बूती से सृष्टिकर्ता की प्रभुता से।
  • अलग हो नहीं सकते कभी वे उसके अधिकार और योजना से।
  • चीज़ों के नियमों के ज़रिये,
  • जिन पर उसका प्रभुत्व है, जो योजनाएँ वो बनाता है उनसे,
  • उसकी प्रभुता की सामर्थ्य को, उसकी व्यवस्था को, समझ पाता है इंसान।
  • उसकी प्रभुता की सामर्थ्य को, उसकी व्यवस्था को, समझ पाता है इंसान।

बुधवार, 17 अप्रैल 2019

परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर उन्हीं को पूर्ण बनाता है जो प्रेम करते हैं उसे



  • परमेश्वर उन्हीं को पूर्ण बनाता है जो प्रेम करते हैं उसे 

  • I
  • गर चाहते हो पूर्ण बनाए तुम लोगों को परमेश्वर,
  • तो अच्छी हो या बुरी, हर चीज़ का अब अनुभव लेना सीखो।
  • जिन चीज़ों का भी सामना करो, उनमें प्रबुद्ध होना सीखो।
  • लाभ होना चाहिये इससे तुम्हें।
  • गर चाहते हो पूर्ण बनाए तुम लोगों को परमेश्वर,
  • तो देखना ये कभी निष्क्रिय न बना दे तुम्हें।
  • परमेश्वर की तरफ़ खड़े हो जाओ, और इस पर विचार करो।
  • इसे इंसानी नज़रिये से न देखो।

सोमवार, 15 अप्रैल 2019

परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर है मनुष्य का अनंत सहारा



  • परमेश्वर के वचनों का एक भजन
  • परमेश्वर है मनुष्य का अनंत सहारा 

  • I
  • फिर जी उठा यीशु मगर,
  • था इन्सान के साथ उसका काम और दिल।
  • अपने प्रकटन के ज़रिये उसने इन्सान को बताया
  • रूप चाहे हो जो भी, पर रहेगा वो उनके साथ ही।
  • वो चलेगा उनके साथ,
  • रहेगा साथ वो हर जगह, हर समय,
  • करेगा आपूर्ति और चरवाही, देगा उन्हें खुद को देखने और छूने,
  • ताकि न हों असहाय वे फिर कभी, वे फिर कभी।

रविवार, 14 अप्रैल 2019

परमेश्वर के वचनों का एक भजन इंसान को संभालने का काम है शैतान को हराने का काम



  • परमेश्वर के वचनों का एक भजन
  • इंसान को संभालने का काम है शैतान को हराने का काम 

  • I
  • न्याय हो या ताड़ना, परमेश्वर के तमाम कामों का शैतान ही निशाना है,
  • इनका मकसद इंसान को बचाना और शैतान को हराना है।
  • एक ही लक्ष्य है परमेश्वर के काम का: अंत तक शैतान से लड़ना है।
  • विजयी होने तक परमेश्वर आराम न करेगा।
  • क्योंकि परमेश्वर के काम का निशाना है शैतान,
  • चूँकि शैतान के कब्ज़े में है भ्रष्ट हुए इंसान,
  • गर जंग शुरू न की परमेश्वर ने शैतान के ख़िलाफ़,
  • या अलग न किया इंसान को शैतान से, तो कभी पाया न जा सकेगा उसे।

शनिवार, 13 अप्रैल 2019

परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर के लिए, इन्सान को पूर्ण करने का सर्वोत्तम उपाय शुद्धिकरण है



  • परमेश्वर के वचनों का एक भजन
  • परमेश्वर के लिए, इन्सान को पूर्ण करने का सर्वोत्तम उपाय शुद्धिकरण है

  • I
  • जितना बड़ा हो ईश्वर द्वारा शुद्धिकरण,
  • उतना ज़्यादा लोगों का दिल ईश्वर से प्यार करता है।
  • उनके दिलों का कष्ट उनके जीवन में फ़ायदा करता है।
  • वे ईश्वर के सामने शांति से रहेंगे और उसके क़रीब आ सकेंगे।
  • वे देख सकते हैं ईश्वर का महान प्यार और उसका सर्वोच्च उद्धार।
  • शुद्धिकरण है सर्वोत्तम ज़रिया मानव के लिए पूर्ण होने का।
  • केवल परीक्षण और शुद्धिकरण ईश्वर से लोगों को प्यार करवाता है।

शुक्रवार, 12 अप्रैल 2019

परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर में आस्था की राह, है राह उससे प्यार करने की



  • परमेश्वर के वचनों का एक भजन
  • परमेश्वर में आस्था की राह, है राह उससे प्यार करने की

  •  
  • परमेश्वर में आस्था की राह
  • है राह उससे प्यार करने की।
  • यदि तुम ईश्वर में आस्था रखते हो,
  • तुम्हें उसके प्रति प्रेम रखना चाहिए।
  • I
  • ईश्वर से प्रेम का अर्थ नहीं है
  • केवल उसके प्रेम को चुकाना,
  • ना ही है करना प्रेम विवेक द्वारा उससे,
  • बल्कि ईश्वर के प्रति है रखना शुद्ध प्रेम।
  • विवेक नहीं जगायेगा ईश्वर के लिए प्रेम।
  • जब तुम महसूस करो उसकी सुंदरता,
  • तुम्हारी रूह को छूएगा परमेश्वर,
  • तुम्हारा विवेक अपना कार्य करेगा।
  • ईश्वर के लिए सच्चा प्यार
  • आता है दिल की गहराई से।
  • ये वो प्यार है जिसका आधार
  • मानव का ईश्वर का सच्चा ज्ञान है।
  • II
  • जब ईश्वर प्रेरित करे मानव के रूह को,
  • जब उनके दिलों में ज्ञान की प्राप्ति हो,
  • तब ईश्वर को वे विवेक से प्यार कर सकते हैं
  • अनुभव की प्राप्ति के बाद।
  • अपने विवेक से ईश्वर से प्रेम करना
  • ग़लत नहीं है, पर है कम प्यार,
  • ये करता है ईश्वर के अनुग्रह के साथ इन्साफ़,
  • पर मानव के प्रवेश को प्रेरित नहीं करता।
  • ईश्वर के लिए सच्चा प्यार
  • आता है दिल की गहराई से।
  • ये वो प्यार है जिसका आधार
  • मानव का ईश्वर का सच्चा ज्ञान है।
  • III
  • जब लोगों को प्राप्त हो पवित्रात्मा का कार्य,
  • जब वे देखें और चखें ईश्वर का प्यार,
  • जब पास हो उनके परमेश्वर का ज्ञान,
  • तब उससे सच में प्यार किया जा सकता है।
  • जब वे देखें कि परमेश्वर है योग्य,
  • मानव के प्यार के इतने क़ाबिल,
  • वो कितना प्यारा है ये देखकर,
  • वे ईश्वर से सच में प्यार कर सकते हैं।
  • ईश्वर के लिए सच्चा प्यार
  • आता है दिल की गहराई से।
  • ये वो प्यार है जिसका आधार
  • मानव का ईश्वर का सच्चा ज्ञान है।
  • IV
  • जो परमेश्वर को समझते नहीं,
  • वे सिर्फ़ ईश्वर को अपनी धारणा और
  • पसंद के आधार पर प्रेम करते हैं;
  • वो प्यार दिल से नहीं, वो झूठा है।
  • परमेश्वर को जो समझ जाए एक दफ़ा,
  • दर्शाता है कि उसका दिल है ईश्वर की ओर।
  • उसके दिल में जो प्यार है,
  • वो सच्चा, स्वाभाविक है।
  • केवल ऐसा ही व्यक्ति है
  • जिसके दिल में परमेश्वर है।
  • ईश्वर के लिए सच्चा प्यार
  • आता है दिल की गहराई से।
  • ये वो प्यार है जिसका आधार
  • मानव का ईश्वर का सच्चा ज्ञान है।
  •  
  • "वचन देह में प्रकट होता है" से
  • सम्पर्क करें:सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया
  • सर्वशक्तिमान परमेश्वर

बुधवार, 10 अप्रैल 2019

परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर लोगों की अगुवाई जीवन के सही मार्ग की ओर कर रहा है



  • परमेश्वर के वचनों का एक भजन
  • परमेश्वर लोगों की अगुवाई जीवन के सही मार्ग की ओर कर रहा है 

  • I
  • आज के दिन, तुम सब ये जानते हो कि परमेश्वर लोगों की अगुवाई
  • जीवन की सही राह की ओर कर रहा है।
  • वो इस पुराने अंधकारमय युग को छोड़
  • नये युग में जाने के लिए अगला कदम,
  • उठाने में मानव की अगुवाई कर रहा है।

सोमवार, 8 अप्रैल 2019

परमेश्वर के वचनों का एक भजन आज की आशीषों को तुम्हें संजोना चाहिए



  • परमेश्वर के वचनों का एक भजन
  • आज की आशीषों को तुम्हें संजोना चाहिए 

  • I
  • जब ईश्वर हाथों से जग को ऊँचा करता है, लोग खुशी से झूमते हैं।
  • वे और दुखी नहीं रहते, वे उस पर निर्भर होते हैं।
  • जब ईश्वर अपना चेहरा छिपाता है, नीचे दबा कर लोगों को,
  • जल्द ही दम घुटता है उनका, मुश्किल से जीते हैं।
  • वे मृत्यु से डर कर परमेश्वर को पुकारते हैं।

रविवार, 7 अप्रैल 2019

परमेश्वर और मनुष्य एक साथ विश्राम में प्रवेश करेंगे भाग दो



परमेश्वर और मनुष्य एक साथ विश्राम में प्रवेश करेंगे भाग दो

जो अपने सर्वथा अविश्वासी बच्चों और रिश्तेदारों को कलीसिया में लाते हैं, वे बहुत स्वार्थी हैं और अपनी दयालुता का प्रदर्शन करते हैं। ये लोग इस बात की कोई परवाह न करते हुए कि क्या वे विश्वास करते हैं या क्या यह परमेश्वर की इच्छा है, केवल प्रेम पर ज़ोर देते हैं। कुछ लोग अपनी पत्नी को परमेश्वर के सामने लाते हैं, या अपने माता-पिता को परमेश्वर के सामने लाते हैं, और इस बात की परवाह किए बिना कि क्या पवित्र आत्मा सहमत है या अपना कार्य करता है, वे आँखें बंद करके

शनिवार, 6 अप्रैल 2019

परमेश्वर और मनुष्य एक साथ विश्राम में प्रवेश करेंगे भाग एक



परमेश्वर और मनुष्य एक साथ विश्राम में प्रवेश करेंगे भाग एक


आरंभ में परमेश्वर विश्राम कर रहा था। उस समय पृथ्वी पर कोई मनुष्य या अन्य कुछ भी नहीं था, और परमेश्वर ने किसी भी तरह का कोई कार्य नहीं किया था। परमेश्वर ने अपने प्रबंधन के कार्य को केवल तब आरंभ किया जब एक बार मानवजाति अस्तित्व में आ गई और एक बार जब मानव जाति भ्रष्ट कर दी गई। इसके बाद से, परमेश्वर ने अब और विश्राम नहीं किया बल्कि इसके बजाय उसने स्वयं को मनुष्यजाति के बीच व्यस्त रखना आरंभ कर लिया। यह मनुष्यों की भ्रष्टता की वजह से था

शुक्रवार, 5 अप्रैल 2019

मनुष्य के सामान्य जीवन को पुनःस्थापित करना और उसे एक बेहतरीन मंज़िल पर ले चलना भाग तीन



मनुष्य के सामान्य जीवन को पुनःस्थापित करना 

और उसे एक बेहतरीन मंज़िल पर ले चलना भाग तीन

किया था, जिसके पश्चात् उसने कुछ वचनों को कहा और भविष्यवक्ताओं के जरिए कुछ कार्य किया। यह इसलिए है क्योंकि मनुष्य यहोवा के कार्य के एवज़ में खड़ा हो सकता था, और दर्शी लोग उसके स्थान पर आने वाली बातों को बता सकते थे और कुछ स्वप्नों का अनुवाद कर सकते थे। आरम्भ में किया गया कार्य सीधे तौर पर मनुष्य के स्वभाव को परिवर्तित करने का कार्य नहीं था, और मनुष्य के पाप से सम्बन्धित नहीं था, और मनुष्य से सिर्फ व्यवस्था में बने रहने की अपेक्षा की गई थी। अतः यहोवा ने देहधारण नहीं किया और स्वयं को मनुष्य पर प्रगट नहीं किया; इसके बजाय उसने मूसा एवं

46. "परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह" का वास्तविक अर्थ

झांग जुन शेन्यांग शहर, लियाओनिंग प्रांत अतीत में, मैं मानता था कि "परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह" का अर्थ परमेश्वर के साथ विश्व...

सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया ओवरसीज हॉटलाइन