- परमेश्वर के वचनों का एक भजन
- मानवजाति के प्रति परमेश्वर की करुणा निरंतर बहती है
- I
- "सृष्टिकर्ता की करुणा"
- कोई खाली जुमला नहीं है, न ही खोखला वादा है।
- इसमें सिद्धांत और उद्देश्य हैं,
- ये है सच्ची और वास्तविक बिन किसी भेस के।
- उसकी दया बिन रुके मानव जाति को प्रदान की जाती है।
- पर योना के साथ सृष्टिकर्ता का वचन
- उसका विशिष्ट कथन दर्शाता है, क्यों वो दयालु है,
- और कैसे वो दया दिखाता है,
- वो मानवता के प्रति कितना सहनशील है,
- और मानव के प्रति उसकी सच्ची भावना को।
- ईश्वर का क्रोध अक्सर मानव पर उतरता है,
- पर उसकी दया कभी न ख़त्म होती है।
- करुणा से, वो मानव का मार्गदर्शन,
- अगुवाई, आपूर्ति और पोषण करता है
- पीढ़ी दर पीढ़ी, एक युग से अगले युग तक।
- उसका मानव के प्रति प्यार नहीं बदलता है, उसका प्यार कभी न बदलेगा!
- उसका मानव के प्रति प्यार नहीं बदलता है, उसका प्यार कभी न बदलेगा!
- II
- यहोवा परमेश्वर का वार्तालाप
- दर्शाता है मानव के लिए उसके सम्पूर्ण विचार को,
- वो है उसके दिल की एक अभिव्यक्ति और
- मानव के लिए अपार करुणा का सबूत है।
- उसकी दया केवल पुरखों के लिए नहीं बल्कि युवा वर्ग के लिए भी है,
- हमेशा की तरह ये पीढ़ी दर पीढ़ी रहेगा।
- ईश्वर का क्रोध अक्सर मानव पर उतरता है,
- पर उसकी दया कभी न ख़त्म होती है।
- करुणा से, वो मानव का मार्गदर्शन, अगुवाई, आपूर्ति और पोषण करता है
- पीढ़ी दर पीढ़ी, एक युग से अगले युग तक।
- उसका मानव के प्रति प्यार नहीं बदलता है, उसका प्यार कभी न बदलेगा!
- ईश्वर का क्रोध अक्सर मानव पर उतरता है,
- पर उसकी दया कभी न ख़त्म होती है।
- करुणा से, वो मानव का मार्गदर्शन, अगुवाई, आपूर्ति और पोषण करता है
- पीढ़ी दर पीढ़ी, एक युग से अगले युग तक।
- उसका मानव के प्रति प्यार नहीं बदलता है, उसका प्यार कभी न बदलेगा!
- उसका मानव के प्रति प्यार नहीं बदलता है, उसका प्यार कभी न बदलेगा!
- "वचन देह में प्रकट होता है" से
- और पढ़ें:सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया - भजन के आॅडियो
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