- परमेश्वर के वचनों का एक भजन
- आज की आशीषों को तुम्हें संजोना चाहिए
- I
- जब ईश्वर हाथों से जग को ऊँचा करता है, लोग खुशी से झूमते हैं।
- वे और दुखी नहीं रहते, वे उस पर निर्भर होते हैं।
- जब ईश्वर अपना चेहरा छिपाता है, नीचे दबा कर लोगों को,
- जल्द ही दम घुटता है उनका, मुश्किल से जीते हैं।
- वे मृत्यु से डर कर परमेश्वर को पुकारते हैं।
- क्योंकि वे देखना चाहते हैं वो दिन जब उसकी महिमा होगी।
- ईश्वर ने कइयों को जग में भेजा और कइयों को निकाला है।
- और ईश्वर के हाथों से कई गुज़रे।
- कई आत्माएं अधोलोक में फेंकी गईं,
- कई रहे हैं देह में, कई फिर से जन्मे हैं।
- फिर भी कोई भी स्वर्ग के राज्य के आशीषों का आनंद न ले सका।
- II
- परमेश्वर का दिन परम है मानव के जीने के लिए।
- उनमें तड़प है उसके महान दिन की, इसलिए वे जीवित हैं।
- ईश्वर के मुँह से निकला आशीष है कि अंत के दिनों में,
- लोग हैं ईश्वर की महिमा को निहारने के क़ाबिल।
- समय के साथ छोड़ा जग को कइयों ने अनिच्छा और मायूसी से,
- और कई आए दुनिया में आशा और आस्था के साथ।
- ईश्वर ने कइयों को जग में भेजा और कइयों को निकाला है।
- और ईश्वर के हाथों से कई गुज़रे।
- कई आत्माएं अधोलोक में फेंकी गईं,
- कई रहे हैं देह में, कई फिर से जन्मे हैं।
- फिर भी कोई भी स्वर्ग के राज्य के आशीषों का आनंद न ले सका।
- "वचन देह में प्रकट होता है" से
- Source From:सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया
- सर्वशक्तिमान परमेश्वर
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