शुक्रवार, 12 अप्रैल 2019

परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर में आस्था की राह, है राह उससे प्यार करने की



  • परमेश्वर के वचनों का एक भजन
  • परमेश्वर में आस्था की राह, है राह उससे प्यार करने की

  •  
  • परमेश्वर में आस्था की राह
  • है राह उससे प्यार करने की।
  • यदि तुम ईश्वर में आस्था रखते हो,
  • तुम्हें उसके प्रति प्रेम रखना चाहिए।
  • I
  • ईश्वर से प्रेम का अर्थ नहीं है
  • केवल उसके प्रेम को चुकाना,
  • ना ही है करना प्रेम विवेक द्वारा उससे,
  • बल्कि ईश्वर के प्रति है रखना शुद्ध प्रेम।
  • विवेक नहीं जगायेगा ईश्वर के लिए प्रेम।
  • जब तुम महसूस करो उसकी सुंदरता,
  • तुम्हारी रूह को छूएगा परमेश्वर,
  • तुम्हारा विवेक अपना कार्य करेगा।
  • ईश्वर के लिए सच्चा प्यार
  • आता है दिल की गहराई से।
  • ये वो प्यार है जिसका आधार
  • मानव का ईश्वर का सच्चा ज्ञान है।
  • II
  • जब ईश्वर प्रेरित करे मानव के रूह को,
  • जब उनके दिलों में ज्ञान की प्राप्ति हो,
  • तब ईश्वर को वे विवेक से प्यार कर सकते हैं
  • अनुभव की प्राप्ति के बाद।
  • अपने विवेक से ईश्वर से प्रेम करना
  • ग़लत नहीं है, पर है कम प्यार,
  • ये करता है ईश्वर के अनुग्रह के साथ इन्साफ़,
  • पर मानव के प्रवेश को प्रेरित नहीं करता।
  • ईश्वर के लिए सच्चा प्यार
  • आता है दिल की गहराई से।
  • ये वो प्यार है जिसका आधार
  • मानव का ईश्वर का सच्चा ज्ञान है।
  • III
  • जब लोगों को प्राप्त हो पवित्रात्मा का कार्य,
  • जब वे देखें और चखें ईश्वर का प्यार,
  • जब पास हो उनके परमेश्वर का ज्ञान,
  • तब उससे सच में प्यार किया जा सकता है।
  • जब वे देखें कि परमेश्वर है योग्य,
  • मानव के प्यार के इतने क़ाबिल,
  • वो कितना प्यारा है ये देखकर,
  • वे ईश्वर से सच में प्यार कर सकते हैं।
  • ईश्वर के लिए सच्चा प्यार
  • आता है दिल की गहराई से।
  • ये वो प्यार है जिसका आधार
  • मानव का ईश्वर का सच्चा ज्ञान है।
  • IV
  • जो परमेश्वर को समझते नहीं,
  • वे सिर्फ़ ईश्वर को अपनी धारणा और
  • पसंद के आधार पर प्रेम करते हैं;
  • वो प्यार दिल से नहीं, वो झूठा है।
  • परमेश्वर को जो समझ जाए एक दफ़ा,
  • दर्शाता है कि उसका दिल है ईश्वर की ओर।
  • उसके दिल में जो प्यार है,
  • वो सच्चा, स्वाभाविक है।
  • केवल ऐसा ही व्यक्ति है
  • जिसके दिल में परमेश्वर है।
  • ईश्वर के लिए सच्चा प्यार
  • आता है दिल की गहराई से।
  • ये वो प्यार है जिसका आधार
  • मानव का ईश्वर का सच्चा ज्ञान है।
  •  
  • "वचन देह में प्रकट होता है" से
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