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बुधवार, 12 जून 2019

34. परमेश्वर में विश्वास करने के मार्ग पर बेहतरी के लिए एक मोड़

झुआनबिआन शंघाई शहर
यद्यपि मैं कई वर्षों से परमेश्वर का अनुसरण करता आ रहा था, फिर भी मैंने अपने जीवन में प्रवेश के साथ लगभग कोई प्रगति नहीं की थी, और इसने मुझे बहुत चिंतित महसूस करवा दिया था। खासकर जब मैंने जीवन प्रवेश के बारे में किसी उपदेश की एक रिकॉर्डिंग को सुना, और पवित्र आत्मा द्वारा द्वारा उपयोग किए गए व्यक्ति को उन भाइयों और बहनों से वार्ता करते हुए सुना जो उपदेश में उपस्थित थे और उसे सुन रहे थे, तो उसे इस तरह की बातें कहते हुए सुनकर मैं चिंतित महसूस करने लगा, "अब तुम लोग परमेश्वर में विश्वास करते हो

गुरुवार, 6 जून 2019

28 मई के झाओयुआन मामले में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के मुकदमे के पीछे किस तरह का षडयंत्र था?

28 मई के झाओयुआन मामले में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के मुकदमे के पीछे किस तरह का षडयंत्र था?

झेंग वेगुओ (शहरी संयुक्त मोर्चा कार्य विभाग के मंत्री): सीसीपी सरकार सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया को इस तरह से दबाती और दोषी ठहराती है लेकिन तुम्हें लगता है कि वे सब झूठे और बेबुनियाद इल्ज़ाम हैं। तो मैं तुमसे पूछता हूँ, कि तुम मई 28 के शेंडोंग के झाओयुआन मामले के बारे में क्या कहोगे जिसने देश और पूरी दुनिया को हिला दिया था? आखिरकार इस मामले की सुनवाई खुले न्यायालय में हुई थी! शेंडोंग के झाओयुआन मामले की घटना के बाद, सरकार ने गृह कलीसियाओं पर कार्रवाई तेज़ कर दी है, जिसके लिए सशस्त्र पुलिस बलों तक का उपयोग कर

बुधवार, 5 जून 2019

ईसाइयों की अंतरात्मा: क्या परमेश्वर में विश्वास रखने वाले वास्तव में अपने परिवारों की परवाह नहीं करते?

ईसाइयों की अंतरात्मा: क्या परमेश्वर में विश्वास रखने वाले वास्तव में अपने परिवारों की परवाह नहीं करते?

मु शिनपिंग (शहरी संयुक्त मोर्चा कार्य विभाग के एक मंत्री की पत्नी): अरे, श्याओयी, श्याओरूई, मैं तुम दोनों से कुछ बात करना चाहती हूँ। मैं भी जानती हूँ कि परमेश्वर में विश्वास करना अच्छा है। यह लोगों को सही मार्ग पर ले जाता है। तो, परमेश्वर में तुम्हारे विश्वास के बाद, मुझे बहुत राहत मिली है और मैं तुम्हारे भटकने को लेकर बिलकुल चिंतित नहीं हूँ। पर सरकारी दस्तावेज़ों के अनुसार, जो लोग यीशु में विश्वास करते हैं, जो सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास करते हैं, उन्होंने सुसमाचार का प्रचार करने के लिए अपने परिवार का त्याग कर दिया। कुछ लोग तो ज़िंदगी भर शादी नहीं करते। दस्तावेज़ भी यही कहते है कि सरकार उन लोगों के समूह को गिरफ़्तार करना चाहती है जो

मंगलवार, 4 जून 2019

ईसाई धर्म को कैसे समझा जाना चाहिए?

ईसाई धर्म को कैसे समझा जाना चाहिए?

झेंग वेगुओ (शहरी संयुक्त मोर्चा कार्य विभाग के मंत्री): मैं कई सालों से यूनाइटेड फ्रंट के साथ काम कर रहा हूँ, और मैंने कई धार्मिक विश्वासों का अध्ययन किया है। ईसाई धर्म, कैथोलिक धर्म, और पूर्वी परंपरागत धर्म सभी शास्त्रसम्मत धर्म हैं जो मसीह में विश्वास करते हैं। लेकिन सर्वशक्तिमान परमेश्वर में तुम्हारा विश्वास बिलकुल अलग है। चीनी कम्युनिस्ट सरकार के दस्तावेज़ों के अनुसार, सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का ईसाई धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। तुम ईसाई धर्म के नाम पर उन अलग-अलग संप्रदायों में सुसमाचार का प्रचार कर रहे हो जो तुम्हें एक ईसाई के रूप में

सोमवार, 6 मई 2019

3. पश्चाताप के बिना युवावस्था का समय बिता दिया

ज़ाओवेन, चॉन्गकिंग
"प्रेम एक शुद्ध भावना है, पवित्र बिना किसी भी दोष के। अपने हृदय का प्रयोग करो, प्रेम के लिए, अनुभूति के लिए और परवाह करने के लिए। प्रेम नियत नहीं करता, शर्तें, बाधाएँ या दूरी। अपने हृदय का प्रयोग करो, प्रेम के लिए, अनुभूति के लिए और परवाह करने के लिए। यदि तुम प्रेम करते हो, तो धोखा नहीं देते, शिकायत नहीं करते ना मुँह फेरते हो, बदले में कुछ पाने की, चाह नहीं रखते हो" (मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना में "शुद्ध प्रेम बिना दोष के")। परमेश्वर के वचन के इस भजन ने एक बार 7 साल व 4 महीने तक चलने वाली कैद में एक लंबी और खिंचने वाली जिंदगी के दर्द से गुजरने में मेरी मदद की थी। भले ही सीसीपी सरकार ने मेरी युवावस्था के सबसे सुंदर सालों से मुझे वंचित कर दिया था, लेकिन मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर से सबसे बहुमूल्य व असली सत्य पाया है और इसीलिए मुझे कोई शिकायत या पछतावा नहीं है।

शुक्रवार, 12 अप्रैल 2019

परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर में आस्था की राह, है राह उससे प्यार करने की



  • परमेश्वर के वचनों का एक भजन
  • परमेश्वर में आस्था की राह, है राह उससे प्यार करने की

  •  
  • परमेश्वर में आस्था की राह
  • है राह उससे प्यार करने की।
  • यदि तुम ईश्वर में आस्था रखते हो,
  • तुम्हें उसके प्रति प्रेम रखना चाहिए।
  • I
  • ईश्वर से प्रेम का अर्थ नहीं है
  • केवल उसके प्रेम को चुकाना,
  • ना ही है करना प्रेम विवेक द्वारा उससे,
  • बल्कि ईश्वर के प्रति है रखना शुद्ध प्रेम।
  • विवेक नहीं जगायेगा ईश्वर के लिए प्रेम।
  • जब तुम महसूस करो उसकी सुंदरता,
  • तुम्हारी रूह को छूएगा परमेश्वर,
  • तुम्हारा विवेक अपना कार्य करेगा।
  • ईश्वर के लिए सच्चा प्यार
  • आता है दिल की गहराई से।
  • ये वो प्यार है जिसका आधार
  • मानव का ईश्वर का सच्चा ज्ञान है।
  • II
  • जब ईश्वर प्रेरित करे मानव के रूह को,
  • जब उनके दिलों में ज्ञान की प्राप्ति हो,
  • तब ईश्वर को वे विवेक से प्यार कर सकते हैं
  • अनुभव की प्राप्ति के बाद।
  • अपने विवेक से ईश्वर से प्रेम करना
  • ग़लत नहीं है, पर है कम प्यार,
  • ये करता है ईश्वर के अनुग्रह के साथ इन्साफ़,
  • पर मानव के प्रवेश को प्रेरित नहीं करता।
  • ईश्वर के लिए सच्चा प्यार
  • आता है दिल की गहराई से।
  • ये वो प्यार है जिसका आधार
  • मानव का ईश्वर का सच्चा ज्ञान है।
  • III
  • जब लोगों को प्राप्त हो पवित्रात्मा का कार्य,
  • जब वे देखें और चखें ईश्वर का प्यार,
  • जब पास हो उनके परमेश्वर का ज्ञान,
  • तब उससे सच में प्यार किया जा सकता है।
  • जब वे देखें कि परमेश्वर है योग्य,
  • मानव के प्यार के इतने क़ाबिल,
  • वो कितना प्यारा है ये देखकर,
  • वे ईश्वर से सच में प्यार कर सकते हैं।
  • ईश्वर के लिए सच्चा प्यार
  • आता है दिल की गहराई से।
  • ये वो प्यार है जिसका आधार
  • मानव का ईश्वर का सच्चा ज्ञान है।
  • IV
  • जो परमेश्वर को समझते नहीं,
  • वे सिर्फ़ ईश्वर को अपनी धारणा और
  • पसंद के आधार पर प्रेम करते हैं;
  • वो प्यार दिल से नहीं, वो झूठा है।
  • परमेश्वर को जो समझ जाए एक दफ़ा,
  • दर्शाता है कि उसका दिल है ईश्वर की ओर।
  • उसके दिल में जो प्यार है,
  • वो सच्चा, स्वाभाविक है।
  • केवल ऐसा ही व्यक्ति है
  • जिसके दिल में परमेश्वर है।
  • ईश्वर के लिए सच्चा प्यार
  • आता है दिल की गहराई से।
  • ये वो प्यार है जिसका आधार
  • मानव का ईश्वर का सच्चा ज्ञान है।
  •  
  • "वचन देह में प्रकट होता है" से
  • सम्पर्क करें:सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया
  • सर्वशक्तिमान परमेश्वर

गुरुवार, 14 मार्च 2019

परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर में आस्था की सर्वोच्च प्राथमिकता



  • परमेश्वर के वचनों का एक भजन
  • परमेश्वर में आस्था की सर्वोच्च प्राथमिकता

  • I
  • परमेश्वर जो करता है उसे समझने का प्रयास करो,
  • परमेश्वर के पक्ष में खड़े रहकर,
  • उसके वचनों के ज़रिये चीज़ों को देखो।
  • इस तरह नज़रिया तुम्हारा सही होगा।
  • इस तरह नज़रिया तुम्हारा सही होगा।

रविवार, 3 फ़रवरी 2019

परमेश्वर के वचनों का एक भजन बहुत कम लोग हैं परमेश्वर के अनुरूप



I
ईश्वर ने किए हैं बहुत कार्य मानव के बीच में।
जो वचन उसने कहे हैं वो बहुत हैं,
मानव के उद्धार के लिए हैं,
मानव के ईश्वर के अनुरूप होने के लिए।
फिर भी परमेश्वर ने प्राप्त किए हैं कुछ लोग

46. "परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह" का वास्तविक अर्थ

झांग जुन शेन्यांग शहर, लियाओनिंग प्रांत अतीत में, मैं मानता था कि "परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह" का अर्थ परमेश्वर के साथ विश्व...

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