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गुरुवार, 20 जून 2019

46. "परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह" का वास्तविक अर्थ

झांग जुन शेन्यांग शहर, लियाओनिंग प्रांत

अतीत में, मैं मानता था कि "परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह" का अर्थ परमेश्वर के साथ विश्वासघात करना है, कलीसिया को छोड़ना, या अपने कर्तव्य से दूर भागना है। मैं सोचता था कि ये व्यवहार ही विद्रोह का निर्माण करते हैं। इसलिए, जब भी मैं लोगों को इस तरह के व्यवहार में शामिल हुआ सुनता था, तो मैं खुद को याद दिलाया करता कि मुझे इन लोगों की तरह परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, मैं अपने सभी प्रयासों में सतर्क रहता था और कलीसिया द्वारा मुझे सौंपे गए सभी कार्यों का पालन करता था।

गुरुवार, 30 मई 2019

31. मैं मसीह को देखने के अयोग्य हूँ

31. मैं मसीह को देखने के अयोग्य हूँ

हुआनबाओ डैलिआन शहर, लिआओनिंग प्रांत
जब से मैंने सबसे पहले सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास करना आरंभ किया, तब से मैं उन भाइयों और बहनों की हमेशा सराहना करता था जो मसीह की व्यक्तिगत सेवकाई हासिल कर सकते हैं, जो अपने स्वयं के कानों से उसके धर्मोपदेशों को सुन सकते हैं। अपने दिल में, मैं सोचता कि अगर भविष्य में एक दिन मैं मसीह के धर्मोपदेशों को सुन सकूँ तो यह कितना अद्भुत होगा, निस्संदेह उसे देखना तो और भी अधिक अद्भुत होगा। लेकिन बाद में, उसकी संगति को सुनकर, मुझे मेरे दिल की गहराई से यह महसूस होने लगा है कि मैं मसीह को देखने के योग्य नहीं हूँ।

शुक्रवार, 24 मई 2019

2019 Hindi Christian Song "बदली नहीं हैं परमेश्वर की उम्मीदें इंसान के लिये"


Hindi Christian Song "बदली नहीं हैं परमेश्वर की उम्मीदें इंसान के लिये"


जब इसहाक को पेश किया बलिदान के लिये अब्राहम ने, तो देखी परमेश्वर ने आज्ञाकारिता और ईमानदारी उसकी, कामयाब रहा वो परमेश्वर के इम्तहान में। परमेश्वर का विश्वासपात्र बनने, उसे जानने की योग्यता से अभी भी दूर था मगर वो। देख नहीं सका परमेश्वर का स्वभाव वो। परमेश्वर से एक मन होने से, उसकी इच्छा पूरी करने से, बहुत दूर था वो।

गुरुवार, 23 मई 2019

25. सेवा में समन्वय का महत्व

25. सेवा में समन्वय का महत्व

मेई जी जिनान शहर, शैंडॉन्ग प्रांत
कलीसिया के प्रशासन को उसके मूल रूप में बदलने के बाद, परमेश्वर के घर में अगुआ के हर स्तर के लिए साझेदारी स्थापित की गई थी। उस समय, मैं सोचती थी कि यह अच्छी व्यवस्था है। मेरी क्षमता कम थी और मेरे पास काफी काम था; मुझे वाकई एक साझेदार की ज]रूरत थी जो मेरे क्षेत्र में सभी तरह के कार्य पूरा करने में मेरी मदद करे।

बुधवार, 22 मई 2019

23. बचाय जाने के बारे में समझ

23. बचाय जाने के बारे में समझ

लिंग क्वींग ग्विंग्ज़्हौ नगर, षंडोंग प्रांत
इन अनेक वर्षों में परमेश्वर का अनुसरण करते हुए, मैंने अपने परिवार और देह के आनंदों को त्याग दिया है, और मैं पूरा दिन कलीसिया में अपना कार्य करने में व्यस्त रही हूँ। इसलिए मैं मानती हूँ: जब तक मैं कलीसिया में मुझे सौंपे गए काम को छोड़ती नहीं हूँ, परमेश्वर को धोखा नहीं देती हूँ, कलीसिया को छोड़ती नहीं हूँ, और अंत तक परमेश्वर का अनुसरण करती हूँ, परमेश्वर मुझे क्षमा करेगा और मैं परमेश्वर द्वारा बचाई जाती रहूंगी। मैं यह भी मानती थी कि मैं परमेश्वर द्वारा मुक्ति के मार्ग पर चल रही हूँ, और मुझे बस इतना करना है कि मुझे अंत तक उसका अनुसरण करना है।

शनिवार, 18 मई 2019

13. कठिनाइयों के बीच परमेश्वर की इच्छा को समझना

ज़ियाओ रुई पैंज़िहुआ सिटी, सिचुआन प्रांत
जब मैं सुसमाचार का प्रचार कर रहा था, तो मेरा सामना विधर्मी अगुआओं से हुआ जो प्रतिरोध और गड़बड़ी करने के लिए झूठी गवाही देते थे, और पुलिस बुला लेते थे। इस वजह से जिन लोगों को मैं उपदेश दे रहा था वे हमारे संपर्क में आने की हिम्मत नहीं कर रहे थे, और जिन्होंने अभी-अभी सुसमाचार को स्वीकार किया था, वे परमेश्वर के कार्य में विश्वास करने में असमर्थ हो रहे थे। जब मैं बहुत मेहनत करता और फिर भी परिणाम बहुत ख़राब होते थे, तो मैंने सोचता था कि: इंजील के कार्य को संप न्न करना बहुत कठिन है। कितना अद्भुत होता

मंगलवार, 14 मई 2019

9. मैं परमेश्वर को जानने का मार्ग देखता हूँ

शिआओकाओ चांग्ज़ी सिटी, शांक्ज़ी प्रदेश
एक दिन, मैंने एक निबंध में परमेश्वर के वचन का निम्न अवतरण पढ़ा "पतरस ने यीशु को कैसे जाना": "यीशु का अनुसरण करने के दौरान, पतरस ने उसके जीवन के बारे में हर चीज़ का अवलोकन किया और उसे हृदय से लगाया: उसके कार्यों को, वचनों को, गतिविधियों को, और अभिव्यक्तियों को। … यीशु के साथ सम्पर्क में उसके समय से, पतरस ने यह भी महसूस किया कि उसका चरित्र किसी भी साधारण मनुष्य से भिन्न था। उसने हमेशा स्थिरता से कार्य किया, और कभी भी जल्दबाजी नहीं की, किसी भी विषय

रविवार, 12 मई 2019

7. पतन से पहले की एक घमंडी आत्मा

बाईशे शेन्यांग सिटी
किसी कार्य की आवश्यकता की वजह से, मेरा स्थानांतरण एक अन्य कार्यक्षेत्र में कर दिया गया था। उस समय, मैं परमेश्वर की बहुत आभारी थी। मुझे महसूस होता था कि मुझमें बहुत कमी है, फिर भी परमेश्वर के दिव्य प्रोत्साहन के माध्यम से, मुझे इस तरह के अद्भुत कार्य क्षेत्र में अपने कर्तव्यों को पूरा करने का मौका दिया गया था। मैंने अपने हृदय में परमेश्वर के प्रति एक प्रतिज्ञा की: मैं परमेश्वर को बदला चुकाने के लिए अपनी पूरी कोशिश करूँगी।

सोमवार, 6 मई 2019

3. पश्चाताप के बिना युवावस्था का समय बिता दिया

ज़ाओवेन, चॉन्गकिंग
"प्रेम एक शुद्ध भावना है, पवित्र बिना किसी भी दोष के। अपने हृदय का प्रयोग करो, प्रेम के लिए, अनुभूति के लिए और परवाह करने के लिए। प्रेम नियत नहीं करता, शर्तें, बाधाएँ या दूरी। अपने हृदय का प्रयोग करो, प्रेम के लिए, अनुभूति के लिए और परवाह करने के लिए। यदि तुम प्रेम करते हो, तो धोखा नहीं देते, शिकायत नहीं करते ना मुँह फेरते हो, बदले में कुछ पाने की, चाह नहीं रखते हो" (मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना में "शुद्ध प्रेम बिना दोष के")। परमेश्वर के वचन के इस भजन ने एक बार 7 साल व 4 महीने तक चलने वाली कैद में एक लंबी और खिंचने वाली जिंदगी के दर्द से गुजरने में मेरी मदद की थी। भले ही सीसीपी सरकार ने मेरी युवावस्था के सबसे सुंदर सालों से मुझे वंचित कर दिया था, लेकिन मैंने सर्वशक्तिमान परमेश्वर से सबसे बहुमूल्य व असली सत्य पाया है और इसीलिए मुझे कोई शिकायत या पछतावा नहीं है।

शुक्रवार, 3 मई 2019

3. ओहदा खोने के बाद ...

हुईमीन जियाओजूओ शहर, हेनान प्रदेश
हर बार जब मैं किसी को बदले जाने और इस कारण उनके दुखी, कमजोर या रुष्ट होने और उनके अनुसरण न करने की घटना को देखती थी या इस बारे मेँ सुनती थी तो ऐसे लोगों के प्रति मेरे मन मेँ निरादर का भाव आ जाता था। मैं सोचती थी कि यह सब इससे अधिक कुछ नहीं है कि कलीसिया के अंतर्गत अलग-अलग लोगों के अलग-अलग कार्य कलाप हैं, यहाँ उच्च और निम्न मेँ कोई भेद नहीं है और हम सब परमेश्वर की संतति हैं तथा ऐसा

मंगलवार, 30 अप्रैल 2019

परमेश्वर के वचनों का एक भजन जो कुछ भी लोग कहते और करते हैं, वह बच नहीं सकता परमेश्वर की नज़र से



  • परमेश्वर के वचनों का एक भजन
  • जो कुछ भी लोग कहते और करते हैं, वह बच नहीं सकता परमेश्वर की नज़र से

  • I
  • आस्था बहुत सुंदर है तुम लोगों की, तुम कहते हो,
  • अपना जीवन समर्पित करना कामना है तुम्हारी परमेश्वर के कार्य के लिये,
  • और जो कुछ तुम कर सकते हो करना चाहोगे उसके लिये।
  • लेकिन बदला नहीं है ज़्यादा स्वभाव तुम्हारा।
  • अहंकार के शब्द हैं जो बोले हैं तुमने,
  • मगर असलियत में जो करते हो तुम वो दयनीय है।

सोमवार, 29 अप्रैल 2019

परमेश्वर के वचनों का एक भजन पूर्ण कैसे किए जाएँ



  • पूर्ण कैसे किए जाएँ

  • I
  • यदि तुम ईश्वर द्वारा पूर्ण किए जाना चाहते हो,
  • बस सड़कों पर भटकते रहना काफ़ी नहीं है,
  • न ही ईश्वर के लिए ख़ुद को खपाना।
  • ईश्वर से पूर्ण होने के लिए तुममें बहुत कुछ होना चाहिए।
  • जब तुम कष्ट सहते हो, देह की नहीं सोचनी चाहिए,
  • न ईश्वर के ख़िलाफ़ शिकायत करनी चाहिए।

शनिवार, 27 अप्रैल 2019

जो आज परमेश्वर के कार्य को जानते हैं केवल वे ही परमेश्वर की सेवा कर सकते हैं



जो आज परमेश्वर के कार्य को जानते हैं केवल वे ही परमेश्वर की सेवा कर सकते हैं


       परमेश्वर की गवाही देने के लिए और बड़े लाल अजगर को शर्मिन्दा करने के लिए तुम्हारे पास एक नियम, एक शर्त होनी चाहिए: अपने दिल में तुम्हें परमेश्वर को प्रेम करना चाहिए और परमेश्वर के वचनों में प्रवेश करना चाहिए। यदि तू परमेश्वर के वचनों में प्रवेश नहीं करेगा तो तेरे पास शैतान को शर्मिन्दा करने का कोई तरीका नहीं होगा। अपने जीवन के विकास द्वारा, तुम बड़े लाल अजगर को त्यागते हो और उसका अत्यधिक तिरस्कार करते हो, और केवल तभी बड़ा लाल अजगर पूरी तरह से शर्मिन्दा होगा। जितना अधिक तुम परमेश्वर के वचनों को अभ्यास में लाने के इच्छुक होगे, उतना ही

शुक्रवार, 26 अप्रैल 2019

9. मैं परमेश्वर को जानने का मार्ग देखता हूँ

शिआओकाओ चांग्ज़ी सिटी, शांक्ज़ी प्रदेश
एक दिन, मैंने एक निबंध में परमेश्वर के वचन का निम्न अवतरण पढ़ा "पतरस ने यीशु को कैसे जाना": "यीशु का अनुसरण करने के दौरान, पतरस ने उसके जीवन के बारे में हर चीज़ का अवलोकन किया और उसे हृदय से लगाया: उसके कार्यों को, वचनों को, गतिविधियों को, और अभिव्यक्तियों को। … यीशु के साथ सम्पर्क में उसके समय से, पतरस ने यह भी महसूस किया कि उसका चरित्र किसी भी साधारण मनुष्य से भिन्न था। उसने हमेशा स्थिरता से कार्य किया, और कभी भी जल्दबाजी नहीं की, किसी भी विषय को बढ़ा-चढ़ा कर नहीं बताया, न ही कम करके आँका, और अपने जीवन को इस तरह से

गुरुवार, 25 अप्रैल 2019

परमेश्वर के वचनों का एक भजन वह संकल्प जो मोआब की संतानों के पास होना चाहिए



  • वह संकल्प जो मोआब की संतानों के पास होना चाहिए

  • I
  • मोआब की संतानों से नहीं कोई
  • अधिक पिछड़ा और भ्रष्ट।
  • वो परमेश्वर को स्वीकारते नहीं।
  • इसलिए केवल जब इन पर पाई जा सके विजय,
  • केवल जब ये कर सकें प्रेम परमेश्वर को,
  • केवल जब वो कर सकें उसकी स्तुति,
  • तभी होगी वो गवाही विजय की, विजय की।

सोमवार, 22 अप्रैल 2019

परमेश्वर के वचनों का एक भजन इन्सान के लिए परमेश्वर की सलाह



  • परमेश्वर के वचनों का एक भजन

  •  I
  • ईश्वर तुमसे अनुरोध करता है कि सिद्धांत के बजाय तुम
  • वास्तविक, असल और ठोस चीज़ों की बात करो।
  • पढ़ो "आधुनिक कला", बनो समर्पित।
  • जो वास्तविक है वो कहो और योगदान करो।
  • बोलते वक़्त वास्तविकता का सामना करो।
  • केवल दूसरों को ख़ुश करने या इज्ज़त पाने के लिए
  • झूठी और अतिरंजित बातों में ना पड़ो।
  • इसका मूल्य क्या है, क्यों करना उत्तेजित लोगों को?

शुक्रवार, 19 अप्रैल 2019

परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर का संदेश परमेश्वर का संदेश



  • परमेश्वर के वचनों का एक भजन

  • I
  • अतीत है बीत चुका, तुम्हें न चाहिए इससे चिपकना।
  • कल तुम अपनी आस्था में अटल थे।
  • अब परमेश्वर को अपनी निष्ठा दो।
  • ये वो है जो तुम्हें जानना चाहिए।
  • हालांकि ईश्वर दिखता नहीं,
  • परमेश्वर का आत्मा तुम सब को अनुग्रह प्रदान करेगा।

मंगलवार, 16 अप्रैल 2019

परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर के गवाहों के लिए स्वभाव में बदलाव आवश्यक है



  • परमेश्वर के वचनों का एक भजन
  • परमेश्वर के गवाहों के लिए स्वभाव में बदलाव आवश्यक है 

  • I
  • परमेश्वर के विविध कार्यों से आता है,
  • इन्सान के स्वभाव में बदलाव।
  • इन बदलावों के बिना, मुमकिन नहीं इन्सान का परमेश्वर के हृदयानुसार बनना,
  • और उसकी गवाही देना।

शुक्रवार, 5 अप्रैल 2019

मनुष्य के सामान्य जीवन को पुनःस्थापित करना और उसे एक बेहतरीन मंज़िल पर ले चलना भाग तीन



मनुष्य के सामान्य जीवन को पुनःस्थापित करना 

और उसे एक बेहतरीन मंज़िल पर ले चलना भाग तीन

किया था, जिसके पश्चात् उसने कुछ वचनों को कहा और भविष्यवक्ताओं के जरिए कुछ कार्य किया। यह इसलिए है क्योंकि मनुष्य यहोवा के कार्य के एवज़ में खड़ा हो सकता था, और दर्शी लोग उसके स्थान पर आने वाली बातों को बता सकते थे और कुछ स्वप्नों का अनुवाद कर सकते थे। आरम्भ में किया गया कार्य सीधे तौर पर मनुष्य के स्वभाव को परिवर्तित करने का कार्य नहीं था, और मनुष्य के पाप से सम्बन्धित नहीं था, और मनुष्य से सिर्फ व्यवस्था में बने रहने की अपेक्षा की गई थी। अतः यहोवा ने देहधारण नहीं किया और स्वयं को मनुष्य पर प्रगट नहीं किया; इसके बजाय उसने मूसा एवं

गुरुवार, 4 अप्रैल 2019

मनुष्य के सामान्य जीवन को पुनःस्थापित करना और उसे एक बेहतरीन मंज़िल पर ले चलना भाग दो



मनुष्य के सामान्य जीवन को पुनःस्थापित करना और 

उसे एक बेहतरीन मंज़िल पर ले चलना भाग दो

आज, यदि आप विजयी बनने और सिद्ध किये जाने का अनुसरण नहीं करते हैं, तो भविष्य में, जब पृथ्वी पर मानवजाति एक सामान्य जीवन व्यतीत करेगी, तो ऐसे अनुसरण के लिए कोई अवसर नहीं होगा। उस समय, हर किस्म के व्यक्ति के अन्त को प्रकट कर दिया जाएगा। उस समय, यह स्पष्ट हो जाएगा की आप किस प्रकार के प्राणी हैं, और यदि आप विजयी होने की इच्छा करते हैं या सिद्ध बनने की इच्छा करते हैं तो यह असंभव होगा। यह केवल ऐसा है कि प्रगट किये जाने के पश्चात् मनुष्य के

46. "परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह" का वास्तविक अर्थ

झांग जुन शेन्यांग शहर, लियाओनिंग प्रांत अतीत में, मैं मानता था कि "परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह" का अर्थ परमेश्वर के साथ विश्व...

सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया ओवरसीज हॉटलाइन