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सोमवार, 17 जून 2019

Hindi Christian Song | हर युग में नया कार्य करता है परमेश्वर | The Essence of God Never Changes


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बदलती नहीं कभी बुद्धि परमेश्वर की, बदलता नहीं कभी चमत्कार परमेश्वर का, बदलती नहीं कभी धार्मिकता परमेश्वर की, बदलता नहीं कभी प्रताप परमेश्वर का। बदलता नहीं कभी सार-तत्व परमेश्वर का, बदलता नहीं कभी स्वरुप परमेश्वर का, और कार्य उसका आगे बढ़ रहा है, गहरा हो रहा है; कभी पुराना नहीं होता, सदा नया रहता है परमेश्वर। नया नाम, नया काम, नई इच्छा, नया स्वभाव होता है हर युग में। नया नाम, नया काम, नई इच्छा, नया स्वभाव होता है हर युग में।

मंगलवार, 11 जून 2019

चमकती पूर्वी बिजली की सफलता का उद्गम

चमकती पूर्वी बिजली की सफलता का उद्गम

हर बार जब चमकती पूर्वी बिजली का वर्णन होता है, प्रभु में रहने वाले कई भाई बहनें हैरानी महसूस करते हैं: ऐसा क्यों है कि जैसे-जैसे धार्मिक समुदाय पूरी तरह से उजाड़ व पति​त हो रहा है, जैसे-जैसे हर धर्म चमकती पूर्वी बिजली का विरोध करने और उसे निर्वासित करने के लिए उत्‍तरोत्‍तर सतर्क व रूढ़िवादी बन रहा है, वैसे वैसे चमकती पूर्वी बिजली न तो उजाड़ हो रही है और न ही उसकी अवनति हो रही है, वरन पूरे चीन की मुख्य भूमि में अविरल महालहर की तरह आगे बढ़ते हुए विस्तार कर रही है? विशेषकर तब जब कि इसका विस्‍तार चीन की सीमा के बाहर दूसरे देशों व क्षेत्रों में भी हो

शुक्रवार, 7 जून 2019

एक ईसाई और एक सीसीपी आधिकारी के बीच बहस: वास्तव में कुपंथ क्या है?

एक ईसाई और एक सीसीपी आधिकारी के बीच बहस: वास्तव में कुपंथ क्या है?

किरदार:
झेंग यी: एक चीनी ईसाई। अमेरिका में अपने काम के दौरान, उसने सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया की ऑनलाइन जाँच-पड़ताल की और अंत के दिनों के सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को स्वीकार कर लिया। तीन साल बाद, वह चीन लौट आया और अपनी बहन, झेंग रुई को सर्वशक्तिमान परमेश्वर के राज्य का सुसमाचार सुनाया।

मंगलवार, 14 मई 2019

9. मैं परमेश्वर को जानने का मार्ग देखता हूँ

शिआओकाओ चांग्ज़ी सिटी, शांक्ज़ी प्रदेश
एक दिन, मैंने एक निबंध में परमेश्वर के वचन का निम्न अवतरण पढ़ा "पतरस ने यीशु को कैसे जाना": "यीशु का अनुसरण करने के दौरान, पतरस ने उसके जीवन के बारे में हर चीज़ का अवलोकन किया और उसे हृदय से लगाया: उसके कार्यों को, वचनों को, गतिविधियों को, और अभिव्यक्तियों को। … यीशु के साथ सम्पर्क में उसके समय से, पतरस ने यह भी महसूस किया कि उसका चरित्र किसी भी साधारण मनुष्य से भिन्न था। उसने हमेशा स्थिरता से कार्य किया, और कभी भी जल्दबाजी नहीं की, किसी भी विषय

रविवार, 5 मई 2019

2. वह प्राण-शक्ति जिसे कभी मिटाया नहीं जा सकता

दांग मेई, हेनान प्रांत
मैं एक साधारण व्यक्ति हूँ। मैं एक नीरस जीवन जीती थी। प्रकाश की लालसा रखने वाले कई लोगों की तरह, मैंने मानव-अस्तित्त्व के वास्तविक आशय की ख़ोज करने के कई तरीक़ों को आज़माया, ताकि मैं अपने जीवन को अधिक अर्थ दे सकूँ। अंत में, मेरे सभी प्रयास व्यर्थ रहे थे। लेकिन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंतिम दिनों के कार्य को स्वीकार करने के मेरे सौभाग्य के बाद, मेरे जीवन में चमत्कारी परिवर्तन हुए। इससे मेरे जीवन में अधिक रंगत आई, और मुझे समझ में आ गया कि केवल परमेश्वर ही लोगों के उत्साह

रविवार, 14 अप्रैल 2019

परमेश्वर के वचनों का एक भजन इंसान को संभालने का काम है शैतान को हराने का काम



  • परमेश्वर के वचनों का एक भजन
  • इंसान को संभालने का काम है शैतान को हराने का काम 

  • I
  • न्याय हो या ताड़ना, परमेश्वर के तमाम कामों का शैतान ही निशाना है,
  • इनका मकसद इंसान को बचाना और शैतान को हराना है।
  • एक ही लक्ष्य है परमेश्वर के काम का: अंत तक शैतान से लड़ना है।
  • विजयी होने तक परमेश्वर आराम न करेगा।
  • क्योंकि परमेश्वर के काम का निशाना है शैतान,
  • चूँकि शैतान के कब्ज़े में है भ्रष्ट हुए इंसान,
  • गर जंग शुरू न की परमेश्वर ने शैतान के ख़िलाफ़,
  • या अलग न किया इंसान को शैतान से, तो कभी पाया न जा सकेगा उसे।

रविवार, 24 मार्च 2019

परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर सदा से काम करता रहा है इंसान को राह दिखाने के लिए



  • परमेश्वर के वचनों का एक भजन
  • परमेश्वर सदा से काम करता रहा है इंसान को राह दिखाने के लिए

I
  • जबसे परमेश्वर ने अपना प्रबंधन शुरु किया है,
  • तब से वो बस अपने काम में लगा है।
  • छुपा है मगर, सदा इंसान के वो साथ रहता है,
  • और अपने सारतत्व से उसे राह दिखाता है।
  • अपनी बुद्धि से, सामर्थ से, अधिकार से,
  • सबपर कार्य करता है, अपना स्वभाव दिखाता है,
  • और व्यवस्था का, अनुग्रह का, राज्य का युग लेकर आया है।

शनिवार, 23 मार्च 2019

"कार्य और प्रवेश" पर परमेश्वर के वचन के चार अंशों से संकलन भाग चार



25. परमेश्वर आज मनुष्यों के विचारों और उनके आत्माओं को, और साथ ही उनके दिलों में हजारों सालों से रही परमेश्वर की छवि को, बदलने के उद्देश्य से उनके बीच आता है। इस अवसर के माध्यम से, वह मनुष्य को पूर्ण बनाएगा। अर्थात, वह मनुष्यों के ज्ञान के माध्यम से, वे जिस तरह से उसके बारे में जानकारी पाते हैं और उसके प्रति उनका जो दृष्टिकोण है, उन्हें बदल देगा, ताकि परमेश्वर के बारे में उनका ज्ञान एक नए सिरे से शुरू हो सके, और उनके दिल इसके माध्यम से नवीकृत और

शुक्रवार, 22 मार्च 2019

"कार्य और प्रवेश" पर परमेश्वर के वचन के चार अंशों से संकलन भाग तीन



15. पुरुषों के बीच में शायद ही कोई परमेश्वर के हृदय की तीव्र इच्छा को समझता है क्योंकि लोगों की क्षमता बहुत कम है और उनकी आध्यात्मिक संवेदनशीलता काफी सुस्त है, और क्योंकि वे सभी न तो देखते हैं और न ही ध्यान देते हैं कि परमेश्वर क्या कर रहा है। इसलिए परमेश्वर मनुष्य के बारे में चिंता करता रहता है, मानो कि मनुष्य की पाशविक प्रकृति किसी भी क्षण बाहर आ सकती हो। यह आगे दर्शाता है कि परमेश्वर का पृथ्वी पर आना बड़े प्रलोभनों के साथ-साथ है। किन्तु लोगों के

गुरुवार, 21 मार्च 2019

“कार्य और प्रवेश” पर परमेश्वर के वचन के चार अंशों से संकलन भाग दो




9. परमेश्वर ने मनुष्यों को बहुत कुछ सौंपा है और अनगिनत प्रकार से उनके प्रवेश को संबोधित किया है। परंतु क्योंकि लोगों की क्षमता बहुत कम है, इसलिए परमेश्वर के बहुत सारे वचन जड़ पकड़ने में असफल रहे हैं। क्षमता के कम होने के विभिन्न कारण हैं, जैसे कि मनुष्य के विचार और नैतिकता की भ्रष्टता, और उचित पालन-पोषण की कमी; सामंती अंधविश्वास जिन्होंने मनुष्य के हृदय को बुरी तरह से जकड़ लिया है; भ्रष्ट और पतनशील जीवन-शैलियाँ जिन्होंने मनुष्य के हृदय की गहराई में कई

बुधवार, 20 मार्च 2019

"कार्य और प्रवेश" पर परमेश्वर के वचन के चार अंशों से संकलन भाग एक



1. जब से लोगों ने जीवन के सही मार्ग पर चलना शुरू किया, ऐसी कई चीजें हैं जिनके बारे में वे अस्पष्ट रहेहैं। वे परमेश्वर के कार्य के विषय में तथा उन्हें कितना कार्य करना चाहिए,इस विषय में पूर्ण रीति से भ्रम में हैं। एक ओर, यह उनके अनुभव की कमी के कारण और उनकी ग्रहण करने की क्षमता सीमित होने के कारण है; दूसरी ओर, यह इसलिए है कि परमेश्वर के कार्य ने लोगों को अभी तक इस अवस्था में नहीं पहुँचाया है। इसलिए, हर कोई अधिकांश आत्मिक विषयों के बारे में अस्पष्ट है। न

रविवार, 20 जनवरी 2019

परमेश्वर के वचनों का एक भजन एक दूसरा युग, दूसरा दिव्य कार्य



परमेश्वर के वचनों का एक भजन
एक दूसरा युग, दूसरा दिव्य कार्य


अंतिम दिनों में, प्रमुख रूप से यह सत्य
कि "वचन देहधारी हुआ"
परमेश्वर के द्वारा पूर्ण किया जाता है।
I
अपने वास्तविक कार्यों के द्वारा ज़मीं पे,
ईश्वर कारण बनता है कि मानव उसे जाने,
कारण बनता है कि मानव उससे जुड़ता है,
और मानव को दिखाता है अपने असली कर्म।
वह मानव को स्पष्ट रूप से दिखाता है
कि वो चिह्न और चमत्कार दिखाता है

शुक्रवार, 18 जनवरी 2019

परमेश्वर का अधिकार (I) भाग पांच के क्रम में




क्या अब तुम लोगों के पास परमेश्वर के अधिकार का एक नया ज्ञान है? पहला, परमेश्वर का अधिकार जिसका अभी जिक्र किया गया, और मनुष्य की सामर्थ में एक अन्तर है। और वह अन्तर क्या है? कुछ लोग कहते हैं कि दोनों के बीच कोई तुलना नहीं की जा सकती है। यह सही है! यद्यपि लोग कहते हैं कि दोनों के बीच में कोई तुलना नहीं की जा सकती है, फिर भी मनुष्य के विचारों और धारणाओं में कई बार उन दोनों को अगल बगल

गुरुवार, 17 जनवरी 2019

परमेश्वर का अधिकार (I) भाग पांच




नीचे दिए गए वचन परमेश्वर के अधिकार को जानने के लिए अति आवश्यक हैं, और उन का अर्थ नीचे सभा के विचार विमर्श में दिया गया है। आओ हम निरन्तर पवित्र शास्त्र को पढ़ते रहें।

4. शैतान को परमेश्वर की आज्ञा

(अय्यूब 2:6) यहोवा ने शैतान से कहा, "सुन, वह तेरे हाथ में है, केवल उसका प्राण छोड़ देना।"

शैतान ने कभी सृष्टिकर्ता के अधिकार का उल्लंघन करने की हिम्मत नहीं की है, और इसी वजह से, सभी जीवित प्राणी व्यवस्था के अनुसार रहते हैं

बुधवार, 16 जनवरी 2019

परमेश्वर का अधिकार (I) भाग चार के क्रम में



सभी चीज़ों व प्राणियों के ऊपर सृष्टिकर्ता के नियन्त्रण और प्रभुत्व की सच्चाई सृष्टिकर्ता के अधिकार के सच्चे अस्तित्व के विषय में बोलते हैं

उसी प्रकार से, अय्यूब के ऊपर यहोवा की आशीष अय्यूब की पुस्तक में दर्ज है। परमेश्वर ने अय्यूब को क्या दिया था? "और यहोवा ने अय्यूब के पिछले दिनों में उसको अगले दिनों से अधिक आशीष दी; और उसके चौदह हज़ार भेड़ बकरियाँ, छः हज़ार ऊँट, हज़ार जोड़ी बैल, और हज़ार गदहियाँ हो गईं" (अय्यूब 42:12)। मनुष्य के नज़रिए से, अय्यूब को दी गई ये चीज़ें

शुक्रवार, 11 जनवरी 2019

परमेश्वर के वचनों का एक भजन जीत के काम के मायने



I
है आख़िरी चरण जीत का, इंसान को बचाने के लिये,
उसके अंत को ज़ाहिर करने के लिये,
न्याय के ज़रिये उसके पतन का खुलासा करने के लिये।
इस तरह पश्चाताप करने और ऊपर उठने में मदद के लिये,
जीवन और इंसानी ज़िंदगी की सही राह पर चलने के लिये।

रविवार, 6 जनवरी 2019

परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर का प्रबंधन हमेशा आगे बढ़ता रहता है




I
यहोवा के काम के बाद,
इंसानों के बीच काम करने के लिए यीशु ने देहधारण किया।
उसका काम अकेला नहीं था,
वह था आधारित यहोवा के काम पर।
व्यवस्था के युग का जब अंत हुआ
काम था वो एक नए युग के लिए।

गुरुवार, 3 जनवरी 2019

परमेश्वर का अधिकार (I) भाग दो के क्रम में



परमेश्वर का अधिकार (I)    भाग दो के क्रम में


छठवें दिन, सृष्टिकर्ता ने कहा, और हर प्रकार के जीवित प्राणी जो उसके मस्तिष्क में थे एक के बाद एक अपने आप को प्रगट करने लगे

स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर न होते हुए, सब वस्तुओं को बनाने के लिए सृष्टिकर्ता का कार्य लगातार पाँचवे दिन तक चलता रहा, उसके तुरन्त बाद सृष्टिकर्ता ने सब वस्तुओं की सृष्टि के छठवें दिन का स्वागत किया। यह दिन एक और नई शाम थी, तथा एक और असाधारण दिन था। तब, इस नए दिन की शाम के लिए सृष्टिकर्ता की क्या योजना थी? कौन से नए जीव जन्तुओं को उसने उत्पन्न, और पैदा करना चाहा? ध्यान से सुनो, यह सृष्टिकर्ता की आवाज़ है....।

गुरुवार, 27 दिसंबर 2018

परमेश्वर का अधिकार (I) भाग एक




मेरी पिछली अनेक सभाएँ परमेश्वर के कार्य, परमेश्वर के स्वभाव, और स्वयं परमेश्वर के विषय में थीं। इन सभाओं को सुनने के बाद, क्या तुम लोगों को एहसास होता है कि तुम सबने परमेश्वर के स्वभाव की समझ और ज्ञान को प्राप्त किया है? कितनी बड़ी समझ और ज्ञान को प्राप्त किया है? क्या तुम लोग उसे एक संख्या दे सकते हो? क्या इन सभाओं ने तुम सभी को

46. "परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह" का वास्तविक अर्थ

झांग जुन शेन्यांग शहर, लियाओनिंग प्रांत अतीत में, मैं मानता था कि "परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह" का अर्थ परमेश्वर के साथ विश्व...

सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया ओवरसीज हॉटलाइन