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मंगलवार, 8 जनवरी 2019

परमेश्वर के वचनों का एक भजन बदले में क्या दिया है तुमने परमेश्वर को




I
कितने ही पतझड़ और वसंत के मौसम में,
संग रहा है तुम्हारे परमेश्वर
अरसे तक साथ रहा है तुम्हारे परमेश्वर।
गुज़रे कितने दुष्कर्म तुम्हारे, उसकी आँखों के आगे से?
दिल को छू लेने वाले शब्द तुम्हारे, गूँजें कानों में परमेश्वर के।

रविवार, 30 दिसंबर 2018

आराधना गीत परमेश्वर हमारी आत्माओं को एक बार फिर प्रेरित करे




I
हे परमेश्वर, धरती के लोगों पर,
तुम्हारा आत्मा बरसाए अनुग्रह,
ताकि मेरा दिल पूरी तरह हो जाए तुम्हारा,
ताकि मेरी आत्मा हो सके प्रेरित,
अपनी आत्मा और दिल में मैं देख सकूं तुम्हारी मनोरमता,
धरती के लोग देख सकें तुम्हारी सुंदरता।

शुक्रवार, 28 दिसंबर 2018

परमेश्वर का अधिकार (I) भाग एक के क्रम में



आओ हम बाईबिल से निम्नलिखित आयतों को पढ़ना प्रारम्भ करें।

1. परमेश्वर सभी चीज़ों की सृष्टि करने के लिए वचनों को उपयोग करता है

1) (उत्पत्ति 1:3-5) जब परमेश्वर ने कहा, "उजियाला हो", तो उजियाला हो गया। और परमेश्वर ने उजियाले को देखा कि अच्छा है; और परमेश्वर ने उजियाले को अंधियारे से अलग किया। और परमेश्वर ने उजियाले को दिन और अंधियारे को रात कहा। तथा सांझ हुई फिर भोर हुआ। इस प्रकार पहला दिन हो गया।

गुरुवार, 27 दिसंबर 2018

परमेश्वर का अधिकार (I) भाग एक




मेरी पिछली अनेक सभाएँ परमेश्वर के कार्य, परमेश्वर के स्वभाव, और स्वयं परमेश्वर के विषय में थीं। इन सभाओं को सुनने के बाद, क्या तुम लोगों को एहसास होता है कि तुम सबने परमेश्वर के स्वभाव की समझ और ज्ञान को प्राप्त किया है? कितनी बड़ी समझ और ज्ञान को प्राप्त किया है? क्या तुम लोग उसे एक संख्या दे सकते हो? क्या इन सभाओं ने तुम सभी को

रविवार, 23 दिसंबर 2018

परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर मानव जाति के लिए एक ज़्यादा सुंदर कल बनाता है




I
परमेश्वर की वापसी का स्वागत करते हैं कनान के जो किसान,
देता उन्हें वो अच्छे फल,
चाहता है बस रहे सदा के लिए स्वर्ग और इंसान, स्वर्ग और इंसान।
परमेश्वर की है यही चाह, इंसान और स्वर्ग रहे चैन से हमेशा।
यही है उसकी चाह सदाबहार देवदार रहे हमेशा उसके साथ
और आदर्श युग में रखें कदम,
आदर्श युग में रखें कदम।

शनिवार, 22 दिसंबर 2018

परमेश्वर के वचनों का एक भजन ये वही इंसान है बनाया था परमेश्वर ने जिसे



I
रौंदा है शैतान ने इंसान को, इंसान को।
नहीं है इंसान अब वो आदम और हव्वा,
हुआ करता था जो सृष्टि की शुरुआत में।
भरपूर है वो धारणा से, कल्पना से, ज्ञान आदि से,
हैं ख़िलाफ़ ये सारी बातें परमेश्वर के,
और भरपूर दूषित स्वभाव से।
है मगर इंसान फिर भी वही परमेश्वर की नज़र में, बनाया था जिसे उसने।
है मगर इंसान फिर भी वही परमेश्वर की नज़र में, बनाया था जिसे उसने।

बुधवार, 19 दिसंबर 2018

परमेश्वर के वचनों का एक भजन अंत के दिनों में हासिल करता है सब परमेश्वर मुख्यत: वचनों से


  • I
  • अंत के दिनों में जब देहधारण करता है परमेश्वर,
  • तो प्रकाशित और पूरा करने हर काम को,
  • प्रयोग करता है वचन का परमेश्वर।
  • केवल उसके वचनों में ही देख सकता है तू
  • वो क्या है, वो है स्वयं परमेश्वर।

शुक्रवार, 14 दिसंबर 2018

परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर के वचनों का अभ्यास और परमेश्वर को संतुष्ट करना सबसे पहले आता है




I
आज, तुम लोगों से जो प्राप्त, करने की उम्मीद की जाती है,
वे अतिरिक्त मांगें नहीं है, बल्कि इंसान का कर्तव्य है,
जिसे हर किसी को पूरा करना चाहिए।
अगर तुम लोग नहीं अपना कर्तव्य, ठीक से पूरा कर सकते,
क्या तुम लोग नहीं दे रहे हो परेशानियों को आमंत्रण?
क्या तुम लोग नहीं दे रहे, मौत को दावत?
कैसे तुम लोग अभी भी भविष्य की कामना कर सकते?
परमेश्वर के काम में, इंसान को नहीं छोड़ना चाहिए कोई भी प्रयास,
परमेश्वर के काम में, इंसान को नहीं छोड़ना चाहिए कोई भी प्रयास।

46. "परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह" का वास्तविक अर्थ

झांग जुन शेन्यांग शहर, लियाओनिंग प्रांत अतीत में, मैं मानता था कि "परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह" का अर्थ परमेश्वर के साथ विश्व...

सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया ओवरसीज हॉटलाइन