रविवार, 24 मार्च 2019

परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर सदा से काम करता रहा है इंसान को राह दिखाने के लिए



  • परमेश्वर के वचनों का एक भजन
  • परमेश्वर सदा से काम करता रहा है इंसान को राह दिखाने के लिए

I
  • जबसे परमेश्वर ने अपना प्रबंधन शुरु किया है,
  • तब से वो बस अपने काम में लगा है।
  • छुपा है मगर, सदा इंसान के वो साथ रहता है,
  • और अपने सारतत्व से उसे राह दिखाता है।
  • अपनी बुद्धि से, सामर्थ से, अधिकार से,
  • सबपर कार्य करता है, अपना स्वभाव दिखाता है,
  • और व्यवस्था का, अनुग्रह का, राज्य का युग लेकर आया है।
  • अपने व्यक्तित्व को हालांकि छुपाता है,
  • अपने स्वभाव को, इच्छा को और वो जो है, उसे दिखाता है,
  • ताकि इंसान देखे और महसूस करे।
  • परमेश्वर का सारतत्व और स्वभाव असल में उसकी अभिव्यक्ति हैं।
  • परमेश्वर का सारतत्व और स्वभाव असल में उसकी अभिव्यक्ति हैं।
  • II
  • परमेश्वर अपने काम के तरीके से बेपरवाह,
  • इंसान से वैसा ही बर्ताव करता, जैसा परमेश्वर है,
  • वही कहता है जो उसे कहना चाहिये,
  • वही करता है जो उसे करना चाहिये।
  • वो देह से बोले, आसमान से या इंसान की तरह,
  • वो अपने दिल से, अपने मन से बोलता है,
  • उसमें ना कोई छल है, ना कुछ छुपाता है।
  • जब परमेश्वर काम करता है तो अपने वचन,
  • स्वभाव और स्वरूप को व्यक्त करता है।
  • उसके मन में कोई छिपाव नहीं है।
  • परमेश्वर इंसान को अपने जीवन से,
  • अपने स्वरूप से राह दिखाता है, राह दिखाता है।
  • जबसे परमेश्वर ने अपना प्रबंधन शुरु किया है,
  • तब से वो बस अपने काम में लगा है।
  • छुपा है मगर, सदा इंसान के वो साथ रहता है,
  • और अपने सारतत्व से उसे राह दिखाता है।
  • अपनी बुद्धि से, सामर्थ से, अधिकार से,
  • सबपर कार्य करता है, अपना स्वभाव दिखाता है,
  • और व्यवस्था का, अनुग्रह का, राज्य का युग लेकर आया है।
  •  
  • "वचन देह में प्रकट होता है" से
  • Source From:सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया
  •           सर्वशक्तिमान परमेश्वर

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