- परमेश्वर के वचनों का एक भजन
- परमेश्वर सदा से काम करता रहा है इंसान को राह दिखाने के लिए
- परमेश्वर के वचनों का एक भजन
- परमेश्वर सदा से काम करता रहा है इंसान को राह दिखाने के लिए
I
- जबसे परमेश्वर ने अपना प्रबंधन शुरु किया है,
- तब से वो बस अपने काम में लगा है।
- छुपा है मगर, सदा इंसान के वो साथ रहता है,
- और अपने सारतत्व से उसे राह दिखाता है।
- अपनी बुद्धि से, सामर्थ से, अधिकार से,
- सबपर कार्य करता है, अपना स्वभाव दिखाता है,
- और व्यवस्था का, अनुग्रह का, राज्य का युग लेकर आया है।
- अपने व्यक्तित्व को हालांकि छुपाता है,
- अपने स्वभाव को, इच्छा को और वो जो है, उसे दिखाता है,
- ताकि इंसान देखे और महसूस करे।
- परमेश्वर का सारतत्व और स्वभाव असल में उसकी अभिव्यक्ति हैं।
- परमेश्वर का सारतत्व और स्वभाव असल में उसकी अभिव्यक्ति हैं।
- II
- परमेश्वर अपने काम के तरीके से बेपरवाह,
- इंसान से वैसा ही बर्ताव करता, जैसा परमेश्वर है,
- वही कहता है जो उसे कहना चाहिये,
- वही करता है जो उसे करना चाहिये।
- वो देह से बोले, आसमान से या इंसान की तरह,
- वो अपने दिल से, अपने मन से बोलता है,
- उसमें ना कोई छल है, ना कुछ छुपाता है।
- जब परमेश्वर काम करता है तो अपने वचन,
- स्वभाव और स्वरूप को व्यक्त करता है।
- उसके मन में कोई छिपाव नहीं है।
- परमेश्वर इंसान को अपने जीवन से,
- अपने स्वरूप से राह दिखाता है, राह दिखाता है।
- जबसे परमेश्वर ने अपना प्रबंधन शुरु किया है,
- तब से वो बस अपने काम में लगा है।
- छुपा है मगर, सदा इंसान के वो साथ रहता है,
- और अपने सारतत्व से उसे राह दिखाता है।
- अपनी बुद्धि से, सामर्थ से, अधिकार से,
- सबपर कार्य करता है, अपना स्वभाव दिखाता है,
- और व्यवस्था का, अनुग्रह का, राज्य का युग लेकर आया है।
- "वचन देह में प्रकट होता है" से
- Source From:सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया
- सर्वशक्तिमान परमेश्वर
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