- परमेश्वर के वचनों का एक भजन
- सत्य जीवन का सबसे ऊंचा सूत्र है
- I
- "सत्य" जीवन के सब सूत्रों में सबसे सच्चा है,
- और मानवता में सबसे ऊंचा है।
- जीवन का वह सूत्र है क्योंकि वो है,
- वो है जो परमेश्वर इंसान से चाहता
- और वह काम जो उसने खुद किया है,
- परमेश्वर इंसान से चाहता
- और वह काम जो उसने खुद किया है।
- यह किन्हीं बातों से बनाई उक्ति नहीं है,
- ना कहावत किसी महत की, महत की।
- पर यह कथन है मानव जाति को,
- आकाश और धरती के स्वामी का।
- II
- ये मनुष्यों द्वारा जोड़े गए शब्द नहीं,
- यह जीवन है प्रभु का, स्वयं प्रभु।
- इसलिए जीवन के सब सूत्रों में सबसे ऊंचा है।
- सत्य का अभ्यास है फर्ज अपने पूरे करना,
- और परमेश्वर की अपेक्षाओं को पूरा करना।
- इन "अपेक्षाओं" का मर्म है सबसे असली सत्य,
- ना कि खाली सिद्धांत जो हो नायाब।
- "वचन देह में प्रकट होता है" से
- अनुशंसित:सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया - आराधना के गी
- सर्वशक्तिमान परमेश्वर

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें