- परमेश्वर के वचनों का एक भजन
- परमेश्वर उन्हीं को पूर्ण बनाता है जो प्रेम करते हैं उसे
- I
- गर चाहते हो पूर्ण बनाए तुम लोगों को परमेश्वर,
- तो अच्छी हो या बुरी, हर चीज़ का अब अनुभव लेना सीखो।
- जिन चीज़ों का भी सामना करो, उनमें प्रबुद्ध होना सीखो।
- लाभ होना चाहिये इससे तुम्हें।
- गर चाहते हो पूर्ण बनाए तुम लोगों को परमेश्वर,
- तो देखना ये कभी निष्क्रिय न बना दे तुम्हें।
- परमेश्वर की तरफ़ खड़े हो जाओ, और इस पर विचार करो।
- इसे इंसानी नज़रिये से न देखो।
- II
- गर चाहते हो पूर्ण बनाए तुम लोगों को परमेश्वर,
- तो अनुभव के इस तरीके को आज़माकर देखो,
- हो जाएगा दिल बोझिल तुम्हारा जीवन के लिये,
- रहोगे तुम सदा उसकी मौजूदगी की रोशनी में,
- भटकोगे नहीं आसानी से तुम कभी अपने अभ्यास में।
- खुल जाएँगी विशाल संभावनाएँ तुम लोगों के लिये।
- III
- तुम लोगों को परमेश्वर से अगर सच्चा प्रेम है,
- तो उसके द्वारा तुम्हें पूर्ण किये जाने के बहुत से अवसर हैं।
- गर परमेश्वर द्वारा प्राप्त और पूर्ण किये जाने के,
- उसकी आशीष और विरासत को पाने के,
- तुम्हारे इरादे अटल हैं तो
- परमेश्वर द्वारा पूर्ण किये जाने की अनेक संभावनाएँ हैं।
- IV
- गर चाहते हो पूर्ण बनाए तुम लोगों को परमेश्वर,
- तो केवल संकल्प होना कभी काफ़ी नहीं है।
- अभ्यास में गलतियों से बचने के लिये,
- ज्ञान भी होना चाहिये तुम्हें।
- ज़्यादातर लोगों ने महज़ परमेश्वर के अनुग्रह के
- आनंद तक ही सीमित कर लिया है ख़ुद को।
- वो लोग ऊँचे प्रकटन नहीं,
- सिर्फ़ थोड़े-से दैहिक सुख ही
- पाना चाहते हैं परमेश्वर से।
- V
- ये दिखाता है दिल अभी उनका बाहर ही है।
- पूर्ण किये जाने की उन्हें परवाह नहीं है।
- जीवन उनका पतनशील और अशिष्ट है।
- वो एकदम थोड़े में गुज़ारा करते हैं,
- भटकते हैं, बेमकसद अस्तित्व लेकर,
- उन्हें जीवन में ज़रा-सा भी बदलाव हासिल नहीं है।
- VI
- कुछ ही हैं जो अधिक समृद्धदायक चीज़ों को पाने के लिये,
- उसके घर में अधिक ऊँचा वैभव पाने वाला बनने
- और उसका अधिक आशीष पाने के लिये,
- जिन चीज़ों का वे सामना करते हैं उनमें,
- परमेश्वर के वचन में प्रवेश की खोज करते हैं।
- हर चीज़ में पूर्ण और प्रबुद्ध होने की खोज करते हो अगर,
- तो तुम लायक और पात्र हो परमेश्वर द्वारा पूर्ण किये जाने के लिये।
- "वचन देह में प्रकट होता है" से
- सम्पर्क करें:सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया - सर्वशक्तिमान परमेश्वर
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