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शनिवार, 24 नवंबर 2018

परमेश्वर के स्वभाव और उसके कार्य के परिणाम को कैसे जानें भाग तीन


परमेश्वर मनुष्य के परिणाम को एवं उस मानक को कैसे निर्धारित करता है जिसके द्वारा वह मनुष्य के परिणाम को निर्धारित करता है
इससे पहले कि तेरे पास अपने स्वयं के कोई दृष्टिकोण या निष्कर्ष हो, तुझे पहले अपने प्रति परमेश्वर की मनोवृत्ति को समझना चाहिए, परमेश्वर क्या सोच रहा है, और तब निर्णय करना चाहिए कि तेरी अपनी सोच सही है या नहीं।

शुक्रवार, 23 नवंबर 2018

परमेश्वर के स्वभाव और उसके कार्य के परिणाम को कैसे जानें भाग दो के क्रम में


परमेश्वर के स्वभाव और उसके कार्य के परिणाम को कैसे जानें भाग दो के क्रम में

अब क्या तू उस तरीके को समझता है जिसे परमेश्वर मनुष्य के परिणाम को निर्धारित करने के लिए उपयोग करता है? (हर दिन विभिन्न परिस्थितियों को व्यवस्थित करना।) विभिन्न परिस्थितियों को व्यवस्थित करना—यह वह है जिसे लोग महसूस एवं स्पर्श कर सकते हैं।

बुधवार, 21 नवंबर 2018

परमेश्वर के स्वभाव और उसके कार्य के परिणाम को कैसे जानें भाग एक


परमेश्वर के स्वभाव और उसके कार्य के परिणाम को कैसे जानें भाग एक

पहले, आओ हम एक भजन गाएं: राज्य गान (I) दुनिया में राज्य का अवतरण हुआ है।
I
परमेश्वर का राज्य धरती पर आ चुका है;
परमेश्वर का व्यक्तित्व पूर्ण है समृद्ध है।
कौन है जो शांत रहे और आनंद ना करे?
कौन है जो शांत रहे और नाच ना करे?
ओह सिय्योन, परमेश्वर के गुणगान के लिये, अपनी विजय-पताका उठाओ।

गुरुवार, 15 नवंबर 2018

क्या अपने लिये परमेश्वर की आशाओं को महसूस किया है तुम लोगों ने?

क्या अपने लिये परमेश्वर की आशाओं को महसूस किया है तुम लोगों ने?

I
परमेश्वर ने किसे जाँचा है इस असीम जगत में? परमेश्वर के आत्मा के वचनों को निजी तौर पर सुना है किसने? कौन है अय्यूब तुम में? कौन है पतरस तुम में? क्यों किया है इतनी बार अय्यूब और पतरस का ज़िक्र परमेश्वर ने? क्या समझ लिया है अपने लिये परमेश्वर की आशाओं को तुमने? मनन पर और ज़्यादा वक्त देना चाहिये तुम्हें, देना चाहिये तुम्हें।

बुधवार, 14 नवंबर 2018

परमेश्वर की इंसान को चेतावनी



परमेश्वर की इंसान को चेतावनी

I
बहुत-सी इच्छाएँ हैं परमेश्वर की। उसकी इच्छा है, तू आचरण अपना बेहतर रख सके, अपने फ़र्ज़ में वफ़ादार रहे, सत्य और इंसानियत हो तुझमें, इंसानियत हो तुझमें। बन सके एक ऐसा इंसान, जो परमेश्वर की ख़ातिर अपना सबकुछ दे सके, अपनी ज़िंदगी के अलावा और भी बहुत कुछ दे सके, बहुत कुछ दे सके।

शुक्रवार, 9 नवंबर 2018

शरीर त्यागने का अभ्यास


  • शरीर त्यागने का अभ्यास
  •  
  • I
  • गर ऐसा कुछ हो जाए जिसमें सहनी पड़ें मुश्किलेंतुझे,
  • तो उस वक्त परमेश्वर की इच्छा को समझ और ध्यान में रख।
  • ख़ुद को संतुष्ट न कर, ख़ुद को दरकिनार कर।
  • शरीर से अधम और कुछ भी नहीं।

रविवार, 4 नवंबर 2018

परमेश्वर के वचनों की महत्ता


  • परमेश्वर के वचनों की महत्ता
  •  
  • I
  • परमेश्वर के विश्वासियों का कम से कम बर्ताव बेहतर होना चाहिये।
  • है सबसे अहम परमेश्वर के वचन रखना।
  • चाहे कुछ हो जाए, परमेश्वर के वचन से दूर न जाना।
  • परमेश्वर को जानना, ख़ुश करना, होता है उसके वचन से।

शुक्रवार, 2 नवंबर 2018

परमेश्वर के लिए तुम्हारा विश्वास हो सबसे ऊँचा


  • परमेश्वर के लिए तुम्हारा विश्वास हो सबसे ऊँचा
  •  
  • I
  • गर चाहते हो तुम करना यक़ीन,
  • गर पाना चाहते हो तुम परमेश्वर को और उसकी संतुष्टि,
  • गर तुम दर्द न सहो और मेहनत न करो,
  • तुम इन चीज़ों को प्राप्त नहीं कर सकोगे।

मंगलवार, 30 अक्टूबर 2018

कितना अहम है प्यार परमेश्वर का इंसान के लिये


  • कितना अहम है प्यार परमेश्वर का इंसान के लिये

  •  
  • I
  • "परमेश्वर का हुक्म आदम के लिये" - बाइबल की तस्वीर ये,
  • मार्मिक भी है, दिल को भी छूती है।
  • हालाँकि सिर्फ परमेश्वर और इंसान हैं तस्वीर में,
  • मगर कितना अंतरंग रिश्ता है दोनों में,
  • हैरानी भी होती है हमें, अनुराग भी जागता है दिल में।

शुक्रवार, 26 अक्टूबर 2018

चाहे जो भी करे परमेश्वर, उसका अंतिम लक्ष्य है उद्धार


  • चाहे जो भी करे परमेश्वर, उसका अंतिम लक्ष्य है उद्धार
  •  
  • I
  • परमेश्वर अपना कार्य सब पर करता है।
  • चाहे कैसे भी वो करता है,
  • या किसी भी रूप में,
  • लहज़ा जिसमें वो बात करता है,
  • है बस एक ही, एक अंतिम उद्देश्य:
  • उद्धार तुम्हारा, उद्धार तुम्हारा।

बुधवार, 17 अक्टूबर 2018

परमेश्वर लाया है इंसान को नए युग में


  • परमेश्वर लाया है इंसान को नए युग में
  •  
  • I
  • परमेश्वर का कार्य राह दिखाता है पूरी कायनात को,
  • चमकती है सीधे बिजली पूरब से पश्चिम को।
  • फैलाता है अन्य देशों में अपना कार्य परमेश्वर।
  • चमकती है उसकी महिमा पूरी कायनात पर।

मंगलवार, 16 अक्टूबर 2018

परमेश्वर की इंसान से अंतिम अपेक्षा


  • परमेश्वर की इंसान से अंतिम अपेक्षा
  •  
  • I
  • अगर तू सेवा करने वाला है,
  • तो क्या वफादारी से कर सकता है सेवा परमेश्वर की,
  • बिना निष्क्रिय या बिना लापरवाह हुए?
  • जान ले तू अगर, कभी सराहता नहीं तुझे परमेश्वर,
  • जीवनभर सेवा करेगा फिर भी तू डटा रहकर?

सोमवार, 15 अक्टूबर 2018

परमेश्वर के देहधारण का अधिकार और मायने


  • परमेश्वर के देहधारण का अधिकार और मायने
  •  
  • I
  • इंसान की कद-काठी, ज्ञान, प्रेम, आस्था,
  • आज्ञाकारिता और जो कुछ देखता है इंसान,
  • आया है वो सब वचन के न्याय से।
  • टिकी है आस्था तुम्हारी उसके वचन से।
  • देखता है इंसान परमेश्वर के अद्भुत कार्य को इसके ज़रिये।

शनिवार, 13 अक्टूबर 2018

पतरस ने यीशु को कैसे जाना


पतरस ने यीशु को कैसे जाना

उस समय के दौरान जो पतरस ने यीशु के साथ बिताया, उसने यीशु में अनेक प्यारे अभिलक्षणों, अनेक अनुकरणीय पहलुओं, और अनेक ऐसी चीजों को देखा जिन्होंने उसे आपूर्ति की।

शुक्रवार, 5 अक्टूबर 2018

देहधारी परमेश्वर ही बचा सकता है इंसान को पूरी तरह


  • देहधारी परमेश्वर ही बचा सकता है इंसान को पूरी तरह
  •  
  • I
  • किसी आत्मा के ज़रिये या आत्मा के रूप में
  • नहीं आता परमेश्वर इंसान को बचाने,
  • जिसे कोई देख न पाए, छू न पाए, न जिस तक इंसान पहुँच पाए।

सोमवार, 17 सितंबर 2018

"बाइबल के विषय में" पर परमेश्वर के वचन के चार अंशों से संकलन भाग दो


"बाइबल के विषय में" पर परमेश्वर के वचन के चार अंशों से संकलन भाग दो


8. बाइबल को पुराना नियम और नया नियम भी कहते हैं। क्या तुम जानते हो कि "नियम" किसे संदर्भित करता है? "पुराने नियम" में "नियम" इस्राएल के लोगों के साथ बांधी गई परमेश्वर की वाचा से आता है जब उसने मिस्रियों को मार डाला था और इस्राएलियों को फिरौन से बचाया था।

रविवार, 16 सितंबर 2018

"बाइबल के विषय में" पर परमेश्वर के वचन के चार अंशों से संकलन भाग एक


"बाइबल के विषय में" पर परमेश्वर के वचन के चार अंशों से संकलन भाग एक


1. बहुत सालों से, लोगों के विश्वास का परम्परागत माध्यम (दुनिया के तीन मुख्य धर्मों में से एक, मसीहियत के विषय में) बाइबल पढ़ना ही रहा है; बाइबल से दूर जाना प्रभु में विश्वास नहीं है, बाइबल से दूर जाना एक दुष्ट पंथ और विधर्म है, और यहाँ तक कि जब लोग अन्य पुस्तकों को पढ़ते हैं, तो इन पुस्तकों की बुनियाद, बाइबल की व्याख्या ही होनी चाहिए।

शुक्रवार, 24 अगस्त 2018

Hindi Gospel Song "दो हज़ार सालों की अभिलाषा" | Meeting Christ


Hindi Gospel Song "दो हज़ार सालों की अभिलाषा" | Meeting Christ



कि परमेश्वर ने किया है देहधारण हिल उठता है धार्मिक संसार, होती है परेशान धार्मिक व्यवस्था, और उन सभी की आत्मा होती है उद्वेलित जिनको है अभिलाषा परमेश्वर के प्रकटन की।

शुक्रवार, 17 अगस्त 2018

New Hindi Christian Song 2018 | यीशु के प्रति फ़रीसियों के विरोध का मूल कारण

 

New Hindi Christian Song 2018 | यीशु के प्रति फ़रीसियों के विरोध का मूल कारण

यीशु के प्रति फ़रीसियों के विरोध का मूल कारण
जानना चाहोगे फरीसी, यीशु के ख़िलाफ़ क्यों थे?
जानना चाहोगे उनका सार-तत्व क्या है?
जानना चाहोगे फरीसी, यीशु के ख़िलाफ़ क्यों थे?
जानना चाहोगे उनका सार-तत्व क्या है?
बस उनके ख़्यालों में था मसीहा,
यकीं करते थे, आयेगा वो इक दिन, खोजते नहीं ज़िंदगी की सच्चाई।

बुधवार, 8 अगस्त 2018

New Hindi Christian Song 2018 | "परमेश्वर है लौटा जीत के साथ" | All peoples worship God

New Hindi Christian Song 2018 | "परमेश्वर है लौटा जीत के साथ" | All peoples worship God

परमेश्वर का व्यक्तित्व है ब्रम्हांड के सामने, प्रकट हुआ है पूरब में वो! किसकी हिम्मत झुककर करे न उसकी आराधना? किसकी हिम्मत न बुलाए उसे सच्चा परमेश्वर? किसकी हिम्मत दिल में आदर से न देखे उसकी तरफ़? किसकी हिम्मत जो करे न उसकी जय और मनाए ख़ुशियाँ? परमेश्वर के लोग सुनते हैं उसकी आवाज़।

46. "परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह" का वास्तविक अर्थ

झांग जुन शेन्यांग शहर, लियाओनिंग प्रांत अतीत में, मैं मानता था कि "परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह" का अर्थ परमेश्वर के साथ विश्व...

सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया ओवरसीज हॉटलाइन