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गुरुवार, 1 नवंबर 2018

स्वभाव में बदलाव है मुख्यत: प्रकृति में बदलाव


  • स्वभाव में बदलाव है मुख्यत: प्रकृति में बदलाव
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  • स्वभाव में बदलाव है प्रकृति में बदलाव।
  • नहीं दिखती प्रकृति किसी के व्यवहार में,
  • इसमें शामिल हैं अर्थ और मोल जीवन के,
  • इसमें शामिल हैं मूल्य इंसानी जीवन के,
  • इसमें शामिल हैं आत्मा की गहरी बातें, सार इंसान के अस्तित्व का।

शनिवार, 13 अक्टूबर 2018

पतरस ने यीशु को कैसे जाना


पतरस ने यीशु को कैसे जाना

उस समय के दौरान जो पतरस ने यीशु के साथ बिताया, उसने यीशु में अनेक प्यारे अभिलक्षणों, अनेक अनुकरणीय पहलुओं, और अनेक ऐसी चीजों को देखा जिन्होंने उसे आपूर्ति की।

शनिवार, 17 फ़रवरी 2018

एक सामान्य आत्मिक जीवन लोगों की सही मार्ग पर अगुवाई करता है

तुम लोग परमेश्वर के विश्वासी होने के मार्ग में बहुत ही थोड़ा चले हो, और तुम लोगों के लिए सही मार्ग पर प्रवेश करना अभी बाकी है, अतः तुम लोग परमेश्वर के स्तर को प्राप्त करने से अभी भी दूर हो।

बुधवार, 14 फ़रवरी 2018

धार्मिक सेवा समाप्त करो

संपूर्ण जगत में अपने कार्य की शुरूआत से ही, परमेश्वर ने अनेक लोगों को अपनी सेवा के लिए पूर्वनियत किया है, जिसमें हर व्यवसाय के लोग शामिल हैं।

शनिवार, 10 फ़रवरी 2018

परमेश्वर के कार्य के चरणों पर

बाहर से, ऐसा लगता है कि वर्तमान चरण में परमेश्वर के कार्य की कृतियां पहले ही समाप्त हो चुकी हैं, और मानव जाति पहले ही उसके वचनों का न्याय, ताड़ना, दंड, और शुद्धिकरण अनुभव कर चुकी है, और वे सेवा करने वालों की परीक्षा, ताड़ना के समय का शुद्धिकरण, मृत्यु की परीक्षा, विफलताओं की परीक्षा, और परमेश्वर के प्रेम के समय[क] जैसे चरणों से गुज़र चुके हैं।

शुक्रवार, 9 फ़रवरी 2018

विश्वासियों को क्या दृष्टिकोण रखना चाहिए

वो क्या है जो मनुष्य ने प्राप्त किया है जब उसने सर्वप्रथम परमेश्वर में विश्वास किया? तुमने परमेश्वर के बारे में क्या जाना है? परमेश्वर में अपने विश्वास के कारण तुम कितने बदले हो? अब तुम सभी जानते हो कि परमेश्वर में मनुष्य का विश्वास आत्मा की मुक्ति और देह के कल्याण के लिए ही नही है, और न ही यह उसके जीवन को परमेश्वर के प्रेम से सम्पन्न बनाने के लिए, इत्यादि है।

मंगलवार, 6 फ़रवरी 2018

38वीं उक्ति की विवेचना

मानव जाति के निहित लक्षणों, अर्थात मानव जाति के असली चेहरे के अनुसार अब तक जारी रखने में सक्षम होना वास्तव में एक आसान बात नहीं है, और यह केवल इसी के माध्यम से है कि परमेश्वर की महान शक्ति स्पष्ट हो गई है।

रविवार, 4 फ़रवरी 2018

बत्तीसवें कथन की व्याख्या

परमेश्वर के वचनों से लोग सिर खुजलाने लग जाते हैं; ऐसा लगता है कि जब परमेश्वर बोलता है, तो वह मनुष्य को दूर कर रहा है और हवा से बात कर रहा है, जैसे कि वह मनुष्य के कर्मों पर अधिक ध्यान देने की बिल्कुल भी नहीं सोचता है, और मनुष्य के कद से पूरी तरह अनभिज्ञ है, जैसे कि जिन वचनों को वह कहता है वे लोगों की धारणाओं की ओर नहीं बल्कि मनुष्य को दूर करने की ओर निर्देशित किये गए हैं, जैसा कि परमेश्वर का मूल अभिप्राय था।

शुक्रवार, 2 फ़रवरी 2018

तीसवें कथन की व्याख्या

कुछ लोगों को परमेश्वर के वचनों का थोड़ा सा परिज्ञान हो सकता है, किन्तु इनमें से किसी को भी अपनी भावनाओं पर भरोसा नहीं होता है; वे नकारात्मकता में पड़ने से बहुत डरते हैं।

बुधवार, 31 जनवरी 2018

तीसरे कथन की व्याख्या

आज, अब अनुग्रह का युग नहीं रहा, न ही यह दया का युग है, बल्कि यह राज्य का युग है जिसमें परमेश्वर के लोगों का पता चलता है, वह युग जिसमें परमेश्वर दिव्यता से सीधे कार्य करता है।

शुक्रवार, 26 जनवरी 2018

A Cappella | Hindi Gospel Song "तहे-दिल से करें प्यार उस व्यावहारिक परमेश्वर को" | You Are My God

A Cappella | Hindi Gospel Song "तहे-दिल से करें प्यार उस व्यावहारिक परमेश्वर को" | You Are My Godपरमेश्वर को"


 
ला …लालाला … लालाला….
ला … लालाला … लालाला … ला….
पूरब से निकल रहा सूरज धार्मिकता का।

गुरुवार, 18 जनवरी 2018

पहली कथन

क्या वे लोग जो मेरी बातों को सुनते हैं, वास्तव में उन्हें स्वीकार करते हैं? क्या तुम लोग वाकई मुझे जानते हो? क्या तुम सब ने सचमुच आज्ञाकारिता सीखी है? क्या तुम लोग ईमानदारी से मेरे लिए खपते हो? क्या भयानक लाल अजगर के सामने तुम सभी ने वास्तव में मेरे लिए दृढ़, अटल गवाही दी है?

मंगलवार, 9 जनवरी 2018

सर्वशक्तिमान परमेश्वर प्रतापी सिंहासन पर बैठा हुआ है


सर्वशक्तिमान परमेश्वर प्रतापी सिंहासन पर बैठा हुआ है

विजयी राजा अपने शानदार सिंहासन पर बैठा हुआ है। 
उसने मुक्ति हासिल कर ली है और अपने सभी लोगों को महिमा में लाने के लिए नेतृत्व किया है।
सब कुछ उनके हाथ में है दिव्य ज्ञान और शक्ति से,
उन्होंने सिय्योन का निर्माण और दृढ़ किया है, सिय्योन का निर्माण और दृढ़ किया है।

शनिवार, 6 जनवरी 2018

Hindi Christian Song | परमेश्वर के वचनों का एक भजन | प्रभु की अच्छाइयां फैली हुई हैं कण-कण में


प्रभु की अच्छाइयां फैली हुई हैं कण-कण में

हरचीज़पर, नज़रहैप्रभुकी, आसमांसे
हर चीज़ पर, अधिकार है प्रभु का, आसमां से
साथ ही, इंसान का उद्धार करने भेजा है, धरती पर उसने, आसमां से।

बुधवार, 3 जनवरी 2018

Hindi Christian Song | क्या तुम हो अपने लक्ष्य के प्रति आगाह | Preach the Gospel to All Creation


Hindi Christian Song 

| क्या तुम हो अपने लक्ष्य के प्रति आगाह |

 Preach the Gospel to All Creation


क्या तुम हो अपने लक्ष्य से अवगत?
क्या तुम अपने बोझ, फ़र्ज़, और कर्तव्यों से अवगत हो?
कहाँ है तुम्हारा वो ऐतिहासिक कर्तव्य का अहसास?
कैसे बनोगे अगले युग के मालिक तुम?

शनिवार, 16 दिसंबर 2017

ब्रह्मांड परमेश्वर की जय

ब्रह्मांड और उसकी विशालता करे परमेश्वर की जय
      ऐ...गीत हैं कई और नृत्य हैं बहुत खूबसूरत, ब्रह्मांड और पृथ्वी के कोने बन जाते हैं एक व्याकुल सागर। ऐ...जन्नत है नई और पृथ्वी है नई। ब्रह्मांड की विशालता परिपूर्ण है जयकारों से, चीखते और लगाते छलांग हम ख़ुशी से। पहाड़ जुड़े हैं पहाड़ों से और समुन्दर जुड़े समुन्दरों से, हम सभी भाईयों और बहनों के दिल जुड़े एक दूसरे से। बिना रुके हम करते हैं परमेश्वर की जय। उनके बनाए प्राणी करते परमेश्वर से प्रेम, झुकाते हैं ख़ुशी से सिर सामने उसके सिंहासन के और करते उसकी आराधना। सिय्योन में परमेश्वर ने ख़ुद की प्रकट, अपनी धार्मिकता और पवित्रता। परमेश्वर के सभी इंसान चमकते ख़ुशी से, बिना रुके करते परमेश्वर की जय। 
       जय परमेश्वर, जय परमेश्वर! 
      हालेलुईया! जय परमेश्वर, जय परमेश्वर!
     परमेश्वर को करने के लिए प्रेम, करना होगा हमें सच्चा ह्रदय अर्पण।सर्वशक्तिमान परमेश्वर की जय के लिए गाएं और नाचें। जय कर रही आवाज़ें चीरती आसमान को। चलो, पुरुष और महिला, बूढ़े और जवान, सभी मिलकर करें जय। आप अर्पित करें गीत और मैं नाच करूं अर्पण, आप गाएं और मैं उस पर नाचूं। धिक्कार है शैतान पर - वह बड़ा लाल अजगर, महिमामय है सर्वशक्तिमान परमेश्वर का नाम। हमने देखा है परमेश्वर की कृतियों में उसके धर्मी रवैया। सर्वशक्तिमान परमेश्वर ही है धर्मी परमेश्वर। परमेश्वर के सभी मनुष्यों ने देखा उसका महिमामय चेहरा। हम सभी चलते उसके पीछे, करने को उसे ख़ुश, तैयार रहने को वफ़ादार उसके प्रति हमेशा। जय परमेश्वर, जय परमेश्वर! हालेलुईया! जय परमेश्वर, जय परमेश्वर! आओ! करें परमेश्वर की जय! आओ! करें परमेश्वर की जय! आ गए हम! 
     पर्वत हैं ख़ुश और समुन्दर है हंसता, सभी देश और सभी लोग रहे हैं ख़शी से हंस। कितना खूबसूरत ये रूप! नई है जन्नत, ये पृथ्वी, ये सल्तनत! हम नाचें और गाएं नए गीत परमेश्वर के लिए, हम हैं ख़ुशी से भरपूर! परमेश्वर के लिए गाए जाते सबसे सुंदर गीत, परमेश्वर के लिए प्रस्तुत सबसे सुंदर नृत्य। एक साफ़ दिल ही किया जाता प्रस्तुत परमेश्वर को, एक सच्चा दिल ही किया जाता अर्पित परमेश्वर को। परमेश्वर के सभी लोग और सभी चीज़ें करेंगी उसकी जय हमेशा बिना रुकें। ऐ! 
ओह! सिय्योन है कितना महिमामय! परमेश्वर का आवास चमकता रोशनी की किरणों से। उसी की महिमा चमकती पूरे ब्रह्मांड में। सर्वशक्तिमान परमेश्वर के मुख पर एक मुस्कुराहट, बैठा हुआ सिंहासन पर देखता वह पूरे ब्रह्मांड का ये नया रूप! हे! मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना 
     चमकती पूर्वी बिजली, सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का सृजन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के प्रकट होने और उनका काम, परमेश्वर यीशु के दूसरे आगमन, अंतिम दिनों के मसीह की वजह से किया गया था। यह उन सभी लोगों से बना है जो अंतिम दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को स्वीकार करते हैं और उसके वचनों के द्वारा जीते और बचाए जाते हैं। यह पूरी तरह से सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा व्यक्तिगत रूप से स्थापित किया गया था और चरवाहे के रूप में उन्हीं के द्वारा नेतृत्व किया जाता है। इसे निश्चित रूप से किसी मानव द्वारा नहीं बनाया गया था। मसीह ही सत्य, मार्ग और जीवन है। परमेश्वर की भेड़ परमेश्वर की आवाज़ सुनती है। जब तक आप सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़ते हैं, आप देखेंगे कि परमेश्वर प्रकट हो गए हैं।

46. "परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह" का वास्तविक अर्थ

झांग जुन शेन्यांग शहर, लियाओनिंग प्रांत अतीत में, मैं मानता था कि "परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह" का अर्थ परमेश्वर के साथ विश्व...

सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया ओवरसीज हॉटलाइन