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गुरुवार, 6 दिसंबर 2018

केवल परमेश्वर को प्रेम करना ही वास्तव में परमेश्वर पर विश्वास करना है भाग एक


आज, जैसे तुम लोग परमेश्वर को जानने और प्रेम करने की कोशिश करते हो, एक प्रकार से तुम लोगों को कठिनाई और परिष्करण से होकर जाना होगा और दूसरे में, तुम लोगों को एक मूल्य चुकाना होगा। परमेश्वर को प्रेम करने के सबक से ज्यादा कुछ भी गहरा सबक नहीं है और ऐसा कहा जा सकता है कि सबक जो मनुष्य जीवन भर विश्वास करने से सीखते हैं वह परमेश्वर को किस प्रकार से प्रेम करना होता है। अर्थात् यदि तू परमेश्वर पर विश्वास करता है तो तुझे उसे प्रेम करना होगा। यदि तू केवल परमेश्वर पर विश्वास करता है परन्तु

शनिवार, 24 नवंबर 2018

परमेश्वर के स्वभाव और उसके कार्य के परिणाम को कैसे जानें भाग तीन


परमेश्वर मनुष्य के परिणाम को एवं उस मानक को कैसे निर्धारित करता है जिसके द्वारा वह मनुष्य के परिणाम को निर्धारित करता है
इससे पहले कि तेरे पास अपने स्वयं के कोई दृष्टिकोण या निष्कर्ष हो, तुझे पहले अपने प्रति परमेश्वर की मनोवृत्ति को समझना चाहिए, परमेश्वर क्या सोच रहा है, और तब निर्णय करना चाहिए कि तेरी अपनी सोच सही है या नहीं।

शुक्रवार, 23 नवंबर 2018

परमेश्वर के स्वभाव और उसके कार्य के परिणाम को कैसे जानें भाग दो के क्रम में


परमेश्वर के स्वभाव और उसके कार्य के परिणाम को कैसे जानें भाग दो के क्रम में

अब क्या तू उस तरीके को समझता है जिसे परमेश्वर मनुष्य के परिणाम को निर्धारित करने के लिए उपयोग करता है? (हर दिन विभिन्न परिस्थितियों को व्यवस्थित करना।) विभिन्न परिस्थितियों को व्यवस्थित करना—यह वह है जिसे लोग महसूस एवं स्पर्श कर सकते हैं।

गुरुवार, 22 नवंबर 2018

परमेश्वर के स्वभाव और उसके कार्य के परिणाम को कैसे जानें भाग दो


परमेश्वर के स्वभाव और उसके कार्य के परिणाम को कैसे जानें भाग दो


परमेश्वर के मार्ग पर चलें: परमेश्वर का भय मानें और बुराई से दूर रहें

एक कहावत है जिस पर तुम सब को ध्यान देना चाहिए। मेरा मानना है कि यह कहावत अत्यधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह मेरे मन में हर दिन अनगिनत बार आती है।

मंगलवार, 20 नवंबर 2018

परमेश्वर को जानना परमेश्वर का भय मानने और बुराई से दूर रहने का मार्ग है


परमेश्वर को जानना परमेश्वर का भय मानने और बुराई से दूर रहने का मार्ग है
तुम में से प्रत्येक व्यक्ति परमेश्वर में विश्वास करके नए सिरे से अपने जीवन की जांच करके यह देख सकता है कि क्या परमेश्वर को खोजते समय, तुम सच्चे रूप में समझ पाए हो, सच्चे रूप में पूर्णत: समझ गये हो, और सच्चे रूप में परमेश्वर को जाने हो, और यह कि तुम सच्चे रूप में जान गये हो कि, विभिन्न मनुष्यों के प्रति परमेश्वर का मनोभाव क्या है, और यह कि तुम वास्तव में यह समझ गये हो कि परमेश्वर तुम पर क्या कार्य कर रहा है और परमेश्वर कैसे उसके प्रत्येक कार्य को व्यक्त करता है।

गुरुवार, 15 नवंबर 2018

क्या अपने लिये परमेश्वर की आशाओं को महसूस किया है तुम लोगों ने?

क्या अपने लिये परमेश्वर की आशाओं को महसूस किया है तुम लोगों ने?

I
परमेश्वर ने किसे जाँचा है इस असीम जगत में? परमेश्वर के आत्मा के वचनों को निजी तौर पर सुना है किसने? कौन है अय्यूब तुम में? कौन है पतरस तुम में? क्यों किया है इतनी बार अय्यूब और पतरस का ज़िक्र परमेश्वर ने? क्या समझ लिया है अपने लिये परमेश्वर की आशाओं को तुमने? मनन पर और ज़्यादा वक्त देना चाहिये तुम्हें, देना चाहिये तुम्हें।

बुधवार, 14 नवंबर 2018

परमेश्वर की इंसान को चेतावनी



परमेश्वर की इंसान को चेतावनी

I
बहुत-सी इच्छाएँ हैं परमेश्वर की। उसकी इच्छा है, तू आचरण अपना बेहतर रख सके, अपने फ़र्ज़ में वफ़ादार रहे, सत्य और इंसानियत हो तुझमें, इंसानियत हो तुझमें। बन सके एक ऐसा इंसान, जो परमेश्वर की ख़ातिर अपना सबकुछ दे सके, अपनी ज़िंदगी के अलावा और भी बहुत कुछ दे सके, बहुत कुछ दे सके।

शनिवार, 10 नवंबर 2018

सच्चाई से जी कर ही तू दे सकता है गवाही


  • सच्चाई से जी कर ही तू दे सकता है गवाही
  •  
  • I
  • सत्य है जिनमें, वे ही ऐसे लोग हैं जो अपने अनुभव में,
  • मज़बूती से दे सकते हैं गवाही,
  • खड़े रह सकते हैं डटकर, परमेश्वर के पक्ष में,
  • कभी हटते नहीं पीछे, मौत आने तक मानते हैं हुक्म परमेश्वर का,
  • बनाए रखते हैं सामान्य रिश्ता उनसे, जो प्रेम करते हैं परमेश्वर से।

मंगलवार, 6 नवंबर 2018

विजेता हैं वे जो परमेश्वर की शानदार गवाही दें


  • विजेता हैं वे जो परमेश्वर की शानदार गवाही दें
  •  
  • I
  • परमेश्वर में आस्था के लिये फरमाबरदारी चाहिये,
  • परमेश्वर के कार्य का अनुभव चाहिये।
  • बहुत कार्य किया है परमेश्वर ने;
  • पूर्णता है, शुद्धिकरण है, ताड़ना है उसका काम,
  • इंसान की अपेक्षाओं के मुताबिक नहीं है उसका काम,
  • परमेश्वर के कठोर वचनों का इंसान लेता है अनुभव।

सोमवार, 5 नवंबर 2018

समय जो गँवा दिया कभी वापस न आएगा


  • समय जो गँवा दिया कभी वापस न आएगा
  •  
  • I
  • जागो भाइयो! जागो बहनो!
  • परमेश्वर का दिन विलम्ब नहीं करेगा।
  • वक्त जीवन है, वक्त को पकड़ने से बचता जीवन है।

रविवार, 4 नवंबर 2018

परमेश्वर के वचनों की महत्ता


  • परमेश्वर के वचनों की महत्ता
  •  
  • I
  • परमेश्वर के विश्वासियों का कम से कम बर्ताव बेहतर होना चाहिये।
  • है सबसे अहम परमेश्वर के वचन रखना।
  • चाहे कुछ हो जाए, परमेश्वर के वचन से दूर न जाना।
  • परमेश्वर को जानना, ख़ुश करना, होता है उसके वचन से।

शुक्रवार, 2 नवंबर 2018

परमेश्वर के लिए तुम्हारा विश्वास हो सबसे ऊँचा


  • परमेश्वर के लिए तुम्हारा विश्वास हो सबसे ऊँचा
  •  
  • I
  • गर चाहते हो तुम करना यक़ीन,
  • गर पाना चाहते हो तुम परमेश्वर को और उसकी संतुष्टि,
  • गर तुम दर्द न सहो और मेहनत न करो,
  • तुम इन चीज़ों को प्राप्त नहीं कर सकोगे।

गुरुवार, 1 नवंबर 2018

स्वभाव में बदलाव है मुख्यत: प्रकृति में बदलाव


  • स्वभाव में बदलाव है मुख्यत: प्रकृति में बदलाव
  •  
  • I
  • स्वभाव में बदलाव है प्रकृति में बदलाव।
  • नहीं दिखती प्रकृति किसी के व्यवहार में,
  • इसमें शामिल हैं अर्थ और मोल जीवन के,
  • इसमें शामिल हैं मूल्य इंसानी जीवन के,
  • इसमें शामिल हैं आत्मा की गहरी बातें, सार इंसान के अस्तित्व का।

सोमवार, 29 अक्टूबर 2018

परमेश्वर के कार्य के लिए पूरी तरह समर्पित हो जाओ


  • परमेश्वर के कार्य के लिए पूरी तरह समर्पित हो जाओ

  •  
  • I
  • अन्य जातियों के बीच हो चुका है शुरू काम उसका।
  • तेज़ी से और प्रभावी ढंग से काम करने के लिए,
  • वो सभी सृजित प्राणियों को वर्गों में है बांटता।

शुक्रवार, 26 अक्टूबर 2018

चाहे जो भी करे परमेश्वर, उसका अंतिम लक्ष्य है उद्धार


  • चाहे जो भी करे परमेश्वर, उसका अंतिम लक्ष्य है उद्धार
  •  
  • I
  • परमेश्वर अपना कार्य सब पर करता है।
  • चाहे कैसे भी वो करता है,
  • या किसी भी रूप में,
  • लहज़ा जिसमें वो बात करता है,
  • है बस एक ही, एक अंतिम उद्देश्य:
  • उद्धार तुम्हारा, उद्धार तुम्हारा।

शनिवार, 20 अक्टूबर 2018

अपने वचनों और कार्यों को कैसे समझना चाहिये तुम्हें


  • अपने वचनों और कार्यों को कैसे समझना चाहिये तुम्हें
  •  
  • I
  • क्या परमेश्वर के वचनों में, प्रतिकार में विश्वास है तुम्हें?
  • कि सज़ा देगा वो उन्हें जो कपट करते हैं, धोखा देते हैं उसे?
  • तुम चाहते हो वो दिन जल्दी आए या बाद में?
  • क्या ख़ौफ खाते हो तुम सज़ा से,
  • या सज़ा है, ये जानकर भी परमेश्वर का विरोध करोगे?

शुक्रवार, 7 सितंबर 2018

परमेश्वर के वचन के द्वारा सब कुछ प्राप्त हो जाता है भाग दो


परमेश्वर के वचन के द्वारा सब कुछ प्राप्त हो जाता है भाग दो

परमेश्वर द्वारा इस युग में बोले गये वचन, व्यवस्था के युग के दौरान बोले गए वचनों से भिन्न हैं, और इसलिए, वे अनुग्रह के युग के दौरान बोले गये वचनों से भी भिन्न हैं।

शनिवार, 11 अगस्त 2018

Hindi Gospel Song | मसीह की पहचान परमेश्वर स्वयं है | Do You Really Know the Returned Jesus Christ?

Hindi Gospel Song | मसीह की पहचान परमेश्वर स्वयं है | Do You Really Know the Returned Jesus Christ?

सभी मानव-जाति से ऊपर मसीह की दिव्यता है, सभी रचे प्राणियों में वो सबसे ऊँचा अधिकारी है। यह उसकी दिव्यता है, उसका स्वभाव और अस्तित्व। ये ही हैं जो उसकी पहचान को तय करते हैं। उसकी मानवता सामान्य है, विभिन्न भूमिकाओं में वो कहता है, और पालन ईश्वर की आज्ञा का वो करे, फिर भी वो ही ईश्वर है निस्संदेह।

गुरुवार, 31 मई 2018

New Hindi Christian Song 2018 | सभी प्राणियों का जीवन आता है परमेश्वर से

सभी प्राणियों का जीवन आता है परमेश्वर से
प्रभु से जो जीवन मिला है इंसान को, अनंत है, देह के बंधन से, समय और स्थान से आज़ाद है। ये ज़िंदगी का राज़ है, सबूत है कि ज़िंदगी परमेश्वर का तोहफ़ा है। बहुत से लोग मानते नहीं, जीवन का स्रोत परमेश्वर है, मगर वो भोगते हैं सबकुछ जो आता है परमेश्वर की ओर से।

बुधवार, 2 मई 2018

अपनी धारणाओं में परमेश्वर को परिभाषित करने वाला मनुष्य कैसे उसके प्रकटनों को पा सकता है।

सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कथन "वह मनुष्य किस प्रकार परमेश्वर के प्रकटनों को प्राप्त कर सकता है जिसने उसे अपनी ही धारणाओं में परिभाषित किया है?"



सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहते हैं "इतिहास आगे प्रगति करता है, इसलिए परमेश्वर का कार्य भी बढ़ता है, और परमेश्वर की इच्छा निरंतर बदलती रहती है। यह परमेश्वर के लिए अव्यवहारिक होगा कि वह कार्य के एक ही चरण को छः हज़ार साल तक बनाए रखे, क्योंकि मनुष्य यही जानता है कि परमेश्वर हमेशा नया है और कभी पुराना नहीं होता है।

46. "परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह" का वास्तविक अर्थ

झांग जुन शेन्यांग शहर, लियाओनिंग प्रांत अतीत में, मैं मानता था कि "परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह" का अर्थ परमेश्वर के साथ विश्व...

सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया ओवरसीज हॉटलाइन