- परमेश्वर के लिए तुम्हारा विश्वास हो सबसे ऊँचा
- I
- गर चाहते हो तुम करना यक़ीन,
- गर पाना चाहते हो तुम परमेश्वर को और उसकी संतुष्टि,
- गर तुम दर्द न सहो और मेहनत न करो,
- तुम इन चीज़ों को प्राप्त नहीं कर सकोगे।
- तुम सब ने सुने हैं बहुत प्रचार।
- भले ही तुमने सुना है,
- इसका ये अर्थ नहीं है कि वचन तुम्हारे हैं।
- तुम्हें उनको आत्मसात और परिवर्तित करना चाहिए
- ऐसी चीज़ में जो तुम से संबन्धित हो।
- तुम केवल परमेश्वर में विश्वास से प्राप्त करोगे,
- गर तुम इसे मानो जीवन के महानतम चीज़ की तरह,
- जो तुम खाते या पीते हो, जो तुम पहनते हो,
- या धरती पर किसी भी चीज़ से भी ज़्यादा महत्वपूर्ण।
- II
- इन वचनों को जीवन में लागू करो और अपने अस्तित्व में लाओ,
- इन्हें अनुमति दो तुम्हें जीने में राह दिखाने को,
- तुम्हारे जीवन में अर्थ और वास्तविक मूल्य लाने को,
- तब सार्थक होगा तुम्हारा इन वचनों को सुनना।
- गर वचन परमेश्वर के नहीं लाते हैं तुम्हारे जीवन में सुधार और महत्व,
- तो तुम्हारा सुनने का कोई मतलब नहीं है।
- ओ, तुम केवल परमेश्वर में विश्वास से प्राप्त करोगे,
- गर तुम इसे मानो जीवन के महानतम चीज़ की तरह,
- जो तुम खाते या पीते हो, जो तुम पहनते हो,
- या धरती पर किसी भी चीज़ से भी ज़्यादा महत्वपूर्ण।
- III
- गर तुम मानते हो जब समय है तुम्हारे पास,
- असमर्थ हो अपना पूरा ध्यान विश्वास में देने में,
- यदि तुम केवल सफल होने को ऐसा काम करते हो,
- तो तुम्हें प्राप्त नहीं होगा कुछ भी, ओ, कुछ भी नहीं।
- ओ, तुम केवल परमेश्वर में विश्वास से प्राप्त करोगे,
- गर तुम इसे मानो जीवन के महानतम चीज़ की तरह,
- जो तुम खाते या पीते हो, जो तुम पहनते हो,
- या धरती पर किसी भी चीज़ से भी ज़्यादा महत्वपूर्ण, हाँ।
- तुम केवल परमेश्वर में विश्वास से प्राप्त करोगे,
- गर तुम इसे मानो जीवन के महानतम चीज़ की तरह,
- जो तुम खाते या पीते हो, जो तुम पहनते हो,
- या धरती पर किसी भी चीज़ से भी ज़्यादा महत्वपूर्ण,
- या धरती पर किसी भी चीज़ से भी ज़्यादा महत्वपूर्ण,
- या धरती पर किसी भी चीज़ से भी ज़्यादा महत्वपूर्ण,
- सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण।
- "वचन देह में प्रकट होता है" से
- Source From:सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-भजन के आॅडियो
शुक्रवार, 2 नवंबर 2018
परमेश्वर के लिए तुम्हारा विश्वास हो सबसे ऊँचा
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