रविवार, 18 नवंबर 2018

ओ मेरे प्रिय, मैं तलाश में हूं तुम्हारी


  • ओ मेरे प्रिय, मैं तलाश में हूं तुम्हारी
  •  
  • I
  • तुम कहाँ हो, मेरे प्रिय?
  • क्या तुम्हें मालूम है मुझे आती है तुम्हारी कितनी याद?
  • बिना रोशनी, दर्द से भरे और मुश्किल हैं दिन।
  • अंधेरे में, मुझे तलाश है तुम्हारी।
  • मुझे निराशा नहीं है, आशा बनी रहती है मेरी,
  • और ज़्यादा दृढ़ता से तलाश करती हूं मैं तुम्हें।
  • तुम्हारे फिर से प्रकट होने का है मुझे इंतज़ार,
  • जब तुम्हारा चेहरा देख पाएंगी मेरी आंखें।
  • II
  • तुमने सुना है मुझे पुकारते हुए,
  • मेरे दिल के दरवाज़े पर देते हुए दस्तक।
  • मैंने सुनी है तुम्हारी आवाज़, खोलकर दरवाज़ा,
  • तुम्हारी वापसी का करती हूं स्वागत।
  • सालों से थी जिसकी मुझे उम्मीद, वो हुआ है अब,
  • ख़ुशी के आंसू छलकते हैं मेरी आंखों से।
  • मानव जाति के बीच सच्चाई लाते हो तुम,
  • मैंने देखी है सच्ची रोशनी।
  • परमेश्वर, मेरे प्रिय, सबसे सुंदर,
  • तुम हो उस उज्जवल चंद्रमा की तरह।
  • परमेश्वर, मेरे प्रिय, तुम बसे हो मेरे दिल में।
  • तुम्हारे अलावा मेरा कोई नहीं है प्यार।
  • मेरा दिल है तुम्हारा। मेरा दिल है तुम्हारा।
  • III
  • रहती हूं मैं तुम्हारे परिवार में,
  • मेमने की दावत में लेती हूं हिस्सा।
  • रोज़ आनंद लेती हूं मैं तुम्हारे वचनों का,
  • मेरे दिल की ख़ुशी ब्यान की नहीं जा सकती।
  • मेरा हाथ पकड़कर तुम दिखाओ मुझे रास्ता,
  • तुम्हारे पीछे दौड़ने के लिए करो मुझे तेज़।
  • तुम्हारी करीबी बनने के लिए हूं मैं प्यासी,
  • रहना चाहती हूं तुम्हारे साथ हमेशा।
  • IV
  • तुम्हारे न्याय और ताड़ना से
  • देखती हूं मैं तुम्हारी पवित्रता और धार्मिकता।
  • तुम्हारे वचनों ने किया है मुझे शुद्ध,
  • दिया है मुझे नया जन्म।
  • मेरे जीवन को देते हो तुम सत्य
  • लिया है आनंद मैंने तुम्हारे सच्चे प्रेम का।
  • मैं करूंगी तुमसे प्यार, करूंगी तुम्हारी सेवा।
  • मेरा दिल रहेगा हमेशा तुम्हारे करीब।
  • परमेश्वर, मेरे प्रिय, सबसे सुंदर,
  • तुम हो उस उज्जवल चंद्रमा की तरह।
  • परमेश्वर, मेरे प्रिय, तुम बसे हो मेरे दिल में।
  • तुम्हारे अलावा मेरा कोई नहीं है प्यार।
  • मेरा दिल है तुम्हारा। मेरा दिल है तुम्हारा।
  •  
  • "मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना" से

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