I
हर काम को करने का वक्त तय करता है परमेश्वर।
अगर नहीं आया है वो वक्त अभी तो,
वक्त से पहले काम नहीं करेगा परमेश्वर।
लयबद्ध तरीके से तय हैं काम परमेश्वर के।
सटीक हैं वो और किये जाते हैं मुताबिक उसूलों के।
बिल्कुल शांत और बेफ़िक्र रहता है परमेश्वर।
उसके हाथ में है सबकुछ, बेचैन न हो।
धन्य हैं वे, जो वफादार हैं परमेश्वर के,
यकीन है जिन्हें, झाँकता है परमेश्वर दिल में इंसान के।
और बढ़ती जाती हैं आशीषें,
लिया जा सकता है आनंद आशीषों का सदा, परमेश्वर के राज्य में।
यही है सबलतम तरीका शर्मिंदा करने का शैतान को।
यही है सबलतम तरीका शर्मिंदा करने का शैतान को।
II
कर दी गई है तैयार हर चीज़ बहुत पहले से।
कर नहीं सकते वो इंतज़ार परमेश्वर की सेवा करने के लिए।
अराजक दिखती है बाहर से दुनिया,
मगर दिखती है व्यवस्थित ये परमेश्वर को।
है तेरे आनंद के लिये जो किया है तैयार परमेश्वर ने।
दख़ल मत दे तू परमेश्वर की योजना में।
दिखाएगा अपनी सर्वशक्तिमत्ता वो दुनिया को।
यशगान करेगी उसके नाम का दुनिया, उसके अद्भुत काम के लिये।
III
कहता है परमेश्वर कोई काम नहीं होता बिना आधार के,
हर चीज़ भरी है उसकी बुद्धि और सामर्थ्य से,
भरी है उसकी धार्मिकता और प्रताप से,
यहाँ तक कि भरी है उसके रोष से।
धन्य हैं वे, जो वफादार हैं परमेश्वर के,
यकीन है जिन्हें, झाँकता है परमेश्वर दिल में इंसान के।
और बढ़ती जाती हैं आशीषें,
लिया जा सकता है आनंद आशीषों का सदा, परमेश्वर के राज्य में।
यही है सबलतम तरीका शर्मिंदा करने का शैतान को।
यही है सबलतम तरीका शर्मिंदा करने का शैतान को।
"वचन देह में प्रकट होता है" से
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