शनिवार, 1 दिसंबर 2018

परमेश्वर के वचनों का एक भजन परमेश्वर का सच्चा प्रेम पाने की खोज करनी चाहिए तुम्हें



  • I
  • आज से तुम सब को सही राह पर आना चाहिए
  • क्योंकि तुम व्यावहारिक परमेश्वर में विश्वास करते हो।
  • आस्था रखकर तुम केवल उसकी आशीष को न खोजना,
  • बल्कि उससे प्रेम करना और उसको जानना।
  • उसकी प्रबुद्धता के द्वारा और अपनी खोज से,
  • परमेश्वर को सच में समझो, अपने दिल में सच्चा प्रेम रखो।
  • जब प्रेम तुम्हारा परमेश्वर के प्रति खरा हो,
  • इतना कि कोई भी न रोक सके या नष्ट कर सके,
  • तब तुम परमेश्वर की आस्था के सही राह पर हो।
  • जब प्रेम तुम्हारा परमेश्वर के प्रति खरा हो,
  • हाँ, ये साबित करता है कि तुम परमेश्वर से संबंध रखते हो,
  • क्योंकि परमेश्वर के अधीन तुम्हारा दिल है,
  • और ये कि तुम पर किसी और का भी हक़ नहीं है।
  • जब प्रेम तुम्हारा परमेश्वर के प्रति खरा हो,
  • हाँ, प्रेम तुम्हारा परमेश्वर के प्रति खरा है।
  • II
  • तुम्हारे अनुभव और तुम जो चुकाते हो और
  • परमेश्वर के कार्य के कारण, तुम स्वेच्छा से प्रेम करते हो।
  • तब तुम आज़ाद किए जाते हो शैतान के प्रभाव से, और
  • तुम परमेश्वर के वचनों की रोशनी में जीते हो।
  • गर तुम अंधकार के प्रभाव से आज़ाद हो, तो तुम परमेश्वर को पा सकते हो।
  • अपनी आस्था में, इस लक्ष्य की खोज करो। ये कर्तव्य है तुम्हारा।
  • जब प्रेम तुम्हारा परमेश्वर के प्रति खरा हो,
  • इतना कि कोई भी न रोक सके या नष्ट कर सके,
  • तब तुम परमेश्वर की आस्था के सही राह पर हो।
  • जब प्रेम तुम्हारा परमेश्वर के प्रति खरा हो,
  • ये साबित करता है कि तुम परमेश्वर से संबंध रखते हो,
  • क्योंकि परमेश्वर के अधीन तुम्हारा दिल है,
  • और ये कि तुम पर किसी और का भी हक़ नहीं है।
  • जब प्रेम तुम्हारा परमेश्वर के प्रति खरा हो,
  • हाँ, प्रेम तुम्हारा परमेश्वर के प्रति खरा है।
  • III
  • चीज़ें जैसी हैं उसी में संतुष्ट न रहो।
  • तुम सब परमेश्वर के कार्य के प्रति दो मन से न रहो
  • या हल्के में उसके कार्य को न लो।
  • हर तरह से, हर वक़्त उसके बारे में सोचो।
  • हर चीज़ करो उसके लिए, और परमेश्वर के घर को रखो सर्वोपरि,
  • जब भी बोलो या कार्य करो। ये परमेश्वर की इच्छा के अनुरूप है।
  • जब प्रेम तुम्हारा परमेश्वर के प्रति खरा हो,
  • इतना कि कोई भी न रोक सके या नष्ट कर सके,
  • तब तुम परमेश्वर की आस्था के सही राह पर हो।
  • जब प्रेम तुम्हारा परमेश्वर के प्रति खरा हो,
  • ये साबित करता है कि तुम परमेश्वर से संबंध रखते हो,
  • क्योंकि परमेश्वर के अधीन तुम्हारा दिल है,
  • और ये कि तुम पर किसी और का भी हक़ नहीं है।
  • जब प्रेम तुम्हारा परमेश्वर के प्रति खरा हो,
  • हाँ, प्रेम तुम्हारा परमेश्वर के प्रति खरा है।
  • हाँ, प्रेम तुम्हारा परमेश्वर के प्रति खरा है।
  •  
  • "वचन देह में प्रकट होता है" से

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