- कलीसिया का भजन
- परमेश्वर के लिए मेरा प्यार कभी नहीं बदलेगा
- I
- एक विनम्र इंसानी शरीर में, वह धैर्य से काम करता है,
- लेकिन इंसान का प्यार हासिल करना मुश्किल है।
- जीवन भर कठिनाई का सामना किया,
- कौन जानता है कि कितना दर्द वह सहता है,
- हवा और बारिश के बीच भटकते हुए।
- अनगिनत वचन कहे हैं उसने,
- दिल के टुकड़े हो जाने की हद तक फ़िक्र की है उसने।
- दशकों से वह इंसान को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।
- दशकों से वह इंसान को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।
- II
- परमेश्वर के वचन से,
- सत्य को समझता हूं, जानता हूं कि कैसा होना चाहिए मुझे।
- परमेश्वर के वचनों से देखा है मैंने सब कुछ।
- उसका सत्य है सबसे क़ीमती, उसका सत्य है अनमोल।
- कब मैं परमेश्वर के दिल को, उसके प्यार को समझ पाऊंगा,
- ताकि मैं दे सकूं उसे थोड़ा दिलासा?
- III
- परमेश्वर को देता हूं अपना दिल मैं,
- चुकाता हूं उसका प्यार।
- जब तक चलती हैं मेरी सांसें,
- तब तक रहूंगा परमेश्वर का वफ़ादार मैं।
- ईमानदारी से पूरा करूंगा अपना कर्तव्य मैं,
- परमेश्वर की गवाही देने,
- उसकी महिमा करने के लिए अंतिम पीड़ा सहूंगा मैं।
- परीक्षण और विपत्तियां जितनी भी बड़ी हों,
- परमेश्वर से प्यार सबसे सार्थक चीज़ है।
- उसके वचन मेरे दिल को जीतते हैं,
- उसकी आज्ञा का पालन करने की मेरी इच्छा अडिग है।
- उसके वचन मुझे शुद्ध करते हैं,
- परमेश्वर के लिए मेरा प्यार बदलेगा कभी नहीं,
- उसके वचन मुझे शुद्ध करते हैं,
- परमेश्वर के लिए मेरा प्यार बदलेगा कभी नहीं।
- सम्पर्क करें:सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया - जीवन के लिए संगीत
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