- सर्वशक्तिमान परमेश्वर का पवित्र आध्यात्मिक देह प्रकट हो चुका है
- I
- प्रकट कर दिया है अपना महिमामय देह,
- सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने सम्मुख सबके।
- हो चुका है प्रकट उसका पवित्र देह;
- स्वयं परमेश्वर है वो: पूर्ण सच्चा परमेश्वर है वो।
- जगत बदला है पूरा तो बदला है देह भी।
- परमेश्वर का व्यक्तित्व है रूपांतरण उसका, स्वर्ण मुकुट सिर पर उसके।
- सफ़ेद लबादा तन पर, स्वर्ण बंध वक्ष पर उसके।
- हर चीज़ जगत की है चरण-पीठ उसकी, आँखें अग्नि-लौ की मानिंद उसकी,
- दुधारी तलवार मुख में, दाएं हाथ में सप्त-तारे।
- राज्य-पथ असीम और प्रकाशमान,
- उदित होकर जगमगाती महिमा परमेश्वर की।
- पर्वत जयजयकार करें, जल ख़ुशियाँ मनाएँ;
- सूरज, चाँद-सितारे घूमें अपनी व्यवस्था में,
- करें अगवानी एक सच्चे परमेश्वर की,
- पूरी की जिसने प्रबंधन योजना छ: हज़ार वर्षों की, लौटा है जीतकर!
- II
- नाचें-कूदें आनंद मनाएं, जयजयकार करें परमेश्वर की सब।
- सच्चा सर्वशक्तिमान परमेश्वर!
- आसीन होता अपने सिंहासन पर सर्वशक्तिमान परमेश्वर!
- उसके पवित्र नाम का गुणगान करो!
- सर्वशक्तिमान की विजय-पताका लहराती, भव्य रूप में सिय्योन पर्वत पर!
- करता हर देश जयजयकार, गाता हर इक जन ऊँचे-साफ़ सुर में!
- आनंदित है सिय्योन पर्वत, उभर रही है महिमा परमेश्वर की!
- सोचा न था सपने में भी भेंट कभी होगी उससे,
- पर आज हुई भेंट सचमुच परमेश्वर से।
- रूबरू होता हूँ हर दिन, खोल देता हूँ दिल अपना आगे उसके।
- स्रोत है मेरे खान-पान का परमेश्वर, हर चीज़ की आपूर्ति करता परमेश्वर।
- जीवन, वचन, चिंतन, विचार और क्रियाएं,
- चमके उसकी महिमा उन पर जब वो हर कदम पर राह दिखाए।
- नाफ़रमानी करे कोई दिल अगर,
- न्याय फ़ौरन आ जाए, न्याय फ़ौरन आ जाए।
- III
- खाऊँ-पिऊँ, रहूँ साथ परमेश्वर के;
- आनंद मनाऊँ और साथ चलूँ परमेश्वर के।
- पाऊँ महिमा और आशीष एक साथ, राज करूँ उसके राज्य में उसके साथ।
- ओह, इतना आनंद! और इतनी मधुरता!
- रूबरू उसके हर दिन, वो हमसे बतियाँ करता।
- करते बातें उससे, प्रबुद्ध होते हर दिन, और देखते कुछ नया हर नये दिन।
- खुले हमारे नयन आत्मिक, हुए उजागर रहस्य आध्यात्मिक!
- मुक्त है जीना पवित्र जीवन। रोको न तुम अपने कदम।
- बढ़ते जाओ आगे-आगे, आगे है एक अद्भुत जीवन।
- मधुर ज़ायका पा लेना बस नाकाफ़ी है, परमेश्वर की ओर रहो गतिमान तुम।
- सब चीज़ों का समावेश है, और प्रचुर हैं,
- अगर कहीं कुछ कम है, तो वो है उसके हाथों में।
- करो सक्रिय सहयोग, करो प्रवेश उसके अंतर में,
- नहीं रहेगा फिर कुछ भी पहले जैसा।
- ऊँचा होगा जीवन हमारा,
- न कर पाएगा परेशान कोई इंसान, कोई बात, न चीज़ कोई।
- "वचन देह में प्रकट होता है" से
- Source From:सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया
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