गुरुवार, 30 अगस्त 2018

सत्य को जितना अधिक अमल में लाओगे उतनी तेज़ी से प्रगति करोगे


सत्य को जितना अधिक अमल में लाओगे उतनी तेज़ी से प्रगति करोगे


  • I
  • जिस सत्य की ज़रूरत है इंसान को, वो मिलता है परमेश्वर के वचन में।
  • सत्य जो लाभकारी है, सहायक है, इंसान के लिये सबसे ज़्यादा।
  • तुम्हारे तन को ज़रूरत जिसकी ऐसा पोषक-तत्व है सत्य,
  • सत्य जो समाहित हो इंसान में।
  • उसे मिलती है मदद इससे, सामान्य इंसानियत फिर से पाने में।
  • अमल करोगे जितना ज़्यादा परमेश्वर के वचन पर,
  • उतनी तेज़ी से खिलेगा जीवन तुम्हारा।
  • परमेश्वर के वचन पर, अमल करोगे जितना ज़्यादा
  • सत्य साफ़ होगा उतना ज़्यादा।
  • II
  • जितना ज़्यादा तुम्हारा कद बढ़ेगा, आध्यात्मिक जगत उतना साफ़ दिखेगा।
  • शैतान पर जीत का तुम्हारा सामर्थ्य बढ़ेगा।
  • परमेश्वर के वचन पर अमल करो, तुम सत्य को ग्रहण कर लोगे।
  • समझ लिया परमेश्वर के वचन का पाठ,
  • बस इतने से ही संतुष्ट हो जाते हैं अधिकतर लोग।
  • फरीसियों की तरह, अभ्यास में इसकी गहराई का अनुभव किये बिना,
  • देते हैं ध्यान सिद्धांतों पर।
  • III
  • "परमेश्वर का वचन जीवन है"
  • कैसे हो सकता है सत्य ये कथन उनके लिये?
  • अमल करके ही परमेश्वर के वचन पर,
  • खिल सकता है जीवन इंसान का असल में।
  • परमेश्वर के वचन को पढ़ने भर से, खिल नहीं सकता जीवन।
  • परमेश्वर के वचन को पढ़ने भर से, खिल नहीं सकता जीवन।
  • IV
  • परमेश्वर के वचन को समझना, जीवन और कद पाना समझते हो अगर,
  • तो तुम्हारी सोच विकृत है।
  • अमल तुम करते हो जब सत्य पर,
  • तो परमेश्वर के वचन की असल समझ तब आती है।
  • अच्छी तरह समझ लो तुम इस बात को,
  • अमल जब सत्य पर होगा, तभी समझोगे सच्चाई।
  • अमल जब सत्य पर होगा, तभी समझोगे सच्चाई।

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