- परमेश्वर के वचनों का एक भजन
- इम्तहान में परमेश्वर को इंसान का सच्चा दिल चाहिए
- I
- नए अनुयायी के तौर पर, तेरा भरोसा कम होता है,
- परमेश्वर की ख़ुशी के लिये तू नहीं जानता क्या करना है,
- जब तू सच के लिये नया होता है।
- जब तू इम्तहान में हो, तो पूरी सच्चाई से दुआ कर,
- अपने दिल पे परमेश्वर को राज करने दे,
- जो कुछ प्यारा है तुझे, सब परमेश्वर के हवाले कर दे।
- तू जितना अधिक उपदेश सुनेगा,
- उतना अधिक सच को समझेगा,
- तू जितना उठेगा, उतनी बढ़ेंगी उम्मीदें उसकी,
- तेरे साथ ही उसकी उम्मीदों का दर्जा बढ़ेगा।
- परमेश्वर जब तेरा इम्तहान लेगा, तो देखेगा तू कहां खड़ा है,
- तेरा दिल उसके, तेरे जिस्म के, या शैतान के साथ है।
- परमेश्वर जब तेरा इम्तहान लेगा, तो देखेगा तू कहां खड़ा है,
- उसके मन के अनुरूप, तू क्या उसकी तरफ़ होगा?
- II
- तू जितना सुनेगा, उतना जानेगा,
- जब तेरे अंदर उतरेगी, परमेश्वर की सच्चाई, तेरा कद बढ़ता जाएगा।
- तू जितना जानेगा, उतनी उम्मीद बढ़ेगी उसकी,
- हाँ, तेरे साथ ही उसकी उम्मीदों का दर्जा बढ़ेगा।
- परमेश्वर जब तेरा इम्तहान लेगा, तो देखेगा तू कहां खड़ा है,
- तेरा दिल उसके, तेरे जिस्म के, या शैतान के साथ है।
- परमेश्वर जब तेरा इम्तहान लेगा, तो देखेगा तू कहां खड़ा है,
- उसके मन के अनुरूप, तू क्या उसकी तरफ़ होगा?
- III
- जब इंसान अपना दिल, रफ़्ता-रफ़्ता परमेश्वर को देता है,
- तो वो उसके करीब और करीब होता जाता है।
- जब इंसान सच में परमेश्वर के करीब आता है,
- तो दिल में उसका भय बढ़ता ही जाता है,
- जो दिल परमेश्वर का भय माने, वही पसंदीदा दिल है।
- परमेश्वर को ऐसे ही दिल की चाहत है।
- परमेश्वर जब तेरा इम्तहान लेगा, तो देखेगा तू कहां खड़ा है,
- तेरा दिल उसके, तेरे जिस्म के, या शैतान के साथ है।
- परमेश्वर जब तेरा इम्तहान लेगा, तो देखेगा तू कहां खड़ा है,
- उसके मन के अनुरूप, तू क्या उसकी तरफ़ होगा?
- उसके मन के अनुरूप, तू क्या उसकी तरफ़ होगा?
- जो दिल परमेश्वर का भय माने, परमेश्वर को ऐसे ही दिल की चाहत है।
- "मसीह की बातचीतों के अभिलेख" से
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- सर्वशक्तिमान परमेश्वर

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