मंगलवार, 4 सितंबर 2018

फैल जाता है संसार भर में परमेश्वर का प्रेम


फैल जाता है संसार भर में परमेश्वर का प्रेम


I

गुज़र चुके हैं दो हज़ार साल
जब से छोड़ा तुमने यहूदिया महिमा में।
दो हजार साल बाद आख़िरकार,
सीनियों के देश में तुम आए विनम्रता में गुप्त रहकर।
बचाया तुमने शैतान की भ्रष्टता से आक्रांत मानवता को।
सृजन के दिन से सदा रहा है,
मानव के संग प्यार तुम्हारा, तुम्हारा, तुम्हारा, तुम्हारा।
वचनों में तुम्हारे दिखती है सर्वशक्तिमत्ता तुम्हारी,
जिन्होंने जीता है, पूर्ण किया है लोगों के एक समूह को।
II
न्याय और ताड़ना देते वचन तुम्हारे,
इम्तहान भी लेते, शोधन भी करते लोगों का,
शुद्ध और पूर्ण हो जाता बेहद दूषित मानव।
होकर भी सर्वोच्च दीन बनकर रहते हो,
और कार्य करने अपना तुम, मानव बनते हो।
जो हैं घमंडी और हैं दंभी
चारा नहीं सिवाय तुम्हारे सम्मुख, नत-मस्तक हो जाएं।
देखो अपना प्यारापन, भर देता है प्यार हृदय हमारा।
जब हम देखें तुम कितने प्यारे हो,
ईश्वर-प्रेमी हृदय उदित होता भीतर से हमारे, हमारे।
III
देह में रहकर तुम काम अपना करते हो,
फिर भी तुम अपमान बहुत सहते हो।
सहते हो मुश्किलें तुम सालों-साल,
और फिर भी बचाने मानव को जो कर सकते हो, सब करते हो।
है प्रसार के लिये यहाँ, अटल प्रेम तुम्हारा।
धार्मिकता तुम्हारी लाखों पर विजय पाती है।
आराधना करने और नत-मस्तक होने,
हर मानव, हर देश तुम्हारे सम्मुख आता है, आता है, आता है, आता है।
दुनिया भर में फैलता है प्यार तुम्हारा।
भर जाता है आभार और गुणगान से हृदय हमारा,
जब हम तुम्हारे वचनों की सारी शक्ति देखते हैं।
काफ़ी नहीं हैं शब्द मानव के, दे पाएं वो साक्ष्य तुम्हारे कर्मों का।
दुनिया भर में फैलता है प्यार तुम्हारा।
काश, प्रयोग कर सारी शक्ति हम, कर पाते पूरा फ़र्ज़ हमारा।
दुनिया भर में फैलता है प्यार तुम्हारा।
"मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना" से
Source From:सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया-आराधना के गी

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

46. "परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह" का वास्तविक अर्थ

झांग जुन शेन्यांग शहर, लियाओनिंग प्रांत अतीत में, मैं मानता था कि "परमेश्वर के विरुद्ध विद्रोह" का अर्थ परमेश्वर के साथ विश्व...

सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया ओवरसीज हॉटलाइन