आराधना गीत एक नया व्यक्ति बनो और परमेश्वर के दिल को दो तसल्ली
I
तुमने झांका है मेरे दिल में, भरा है अहंकार मुझ में।
मुझे लगता है हूँ बहुत अच्छा मैं, हर चीज़ से हूँ ऊपर मैं।
सबसे श्रेष्ठ और आत्मसंतुष्ट, मेरी प्रकृति बदलना है मुश्किल।
अवमानना से परे, मैं हूँ अधम।
मानवता खो गई है। मानवता खो गई है।
मेरा दिल पिघलाते हैं तुम्हारे वचन। तुम्हारे सामने आया हूँ मैं।
तुम्हारे वचनों के अनुसार जीना चाहता हूँ मैं,
II
मैं करता हूं असली होने का नाटक। तुम्हारा दुखी होना है वाजिब।
तुमने झांका है मेरे दिल में।
तुम्हारे वचनों ने किया जो प्रकट, हुआ मैं शर्मसार।
तुम्हारा चेहरा देखने में मुझे, आती है शर्म खुद पर।
बताना है मुश्किल कि क्या है दर्द देता।
तुम्हारे दिल की परवाह बग़ैर
चलता रहा हूँ मैं तुम्हारे पीछे बहुत समय से।
तुम्हारे दिल की परवाह बग़ैर।
मेरा दिल पिघलाते हैं तुम्हारे वचन। तुम्हारे सामने आया हूँ मैं।
तुम्हारे वचनों के अनुसार जीना चाहता हूँ मैं,
जीवन की उजली राह पर चलना चाहता हूँ मैं।
III
सिद्धांत के वचनों से लैस, बदला नहीं मेरा स्वभाव।
तुम्हारे वचनों ने किया सब कुछ स्पष्ट। मैं ही हूं जो करता नहीं तलाश।
अपनी लालची नज़रें दिखाई मैंने, उसके लिए दिखाई नफ़रत तुमने।
तुम्हारा विद्रोह मैं कर नहीं सकता हूँ।
मेरी अंतरात्मा रहनी चाहिए साफ़।
मेरी अंतरात्मा रहनी चाहिए साफ़।
मेरा दिल पिघलाते हैं तुम्हारे वचन। तुम्हारे सामने आया हूँ मैं।
तुम्हारे वचनों के अनुसार जीना चाहता हूँ मैं,
जीवन की उजली राह पर चलना चाहता हूँ मैं।
IV
अपने कर्तव्य पूरे करूंगा मैं। तुम्हारी दया को चुकाऊंगा मैं।
तुम्हारे लिए जीवन बिताऊंगा मैं,
तसल्ली देने के लिए तुम्हें पुनर्जन्म लूंगा मैं।
तुम्हारे वचन करें मेरे दिल को प्रभावित।
तुम्हारे वचन करें मुझे प्रोत्साहित।
तुम्हारा प्रेम जीतता है मेरा प्रेम। तुम्हारा साथ कभी न छोड़ूंगा मैं।
तुम्हारा साथ कभी न छोड़ूंगा मैं।
मेरा दिल पिघलाते हैं तुम्हारे वचन। तुम्हारे सामने आया हूँ मैं।
तुम्हारे वचनों के अनुसार जीना चाहता हूँ मैं,
जीवन की उजली राह पर चलना चाहता हूँ मैं।
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