परमेश्वर की सारी सृष्टि उसकी प्रभुता के अधीन होनी चाहिए
परमेश्वर की सारी सृष्टि उसकी प्रभुता के अधीन होनी चाहिए
परमेश्वर ने बनाया सब कुछ,
और इसलिए वह सृष्टि को लेता है,
अधीन अपने, और झुकाता आगे अपने प्रभुत्व के।
आदेश वो देता है सब को, हाथों में लेकर नियंत्रण।
जीव-जंतु, पहाड़, नदी, और मानव को अधीन उसके आना होगा। चीज़ें जो आसमाँ और धरती पर हैं, परमेश्वर के प्रभुत्व के अधीन सभी को आना है। करना होगा समर्पण, विकल्प के बिना। है आज्ञा यही परमेश्वर की और उसका है अधिकार। परमेश्वर ने बनाया सब कुछ, और इसलिए वह सृष्टि को लेता है, अधीन अपने, और झुकाता आगे अपने प्रभुत्व के। परमेश्वर की आज्ञा से है सब कुछ। वो दे क्रम और दे वो सबको स्थान, प्रकार के अनुसार मिले वर्ग और परमेश्वर की इच्छा से मिलता है पद। चीज़ें जो आसमाँ और धरती पर हैं, परमेश्वर के प्रभुत्व के अधीन सभी को आना है। करना होगा समर्पण, विकल्प के बिना। है आज्ञा यही परमेश्वर की और उसका है अधिकार। चाहे जितना ही कुछ भी हो महान, परमेश्वर की प्रभुत्व के पार जा सकेगा नहीं। ईश्वर द्वारा रचे मानव की सब सेवा करते, अवज्ञा करने या मांगने की न हिम्मत करे। ईश्वर के द्वारा रचे मानव को पालन कर्तव्यों का है करना। चाहे मानव प्रभु हो या हो शासक सब चीज़ों का, चाहे जितना हो रुतबा ऊँचा, परमेश्वर के अधीन मानव छोटा सा है। एक तुच्छ सा प्राणी है, परमेश्वर की सृष्टि, कभी परमेश्वर से ऊपर न होगा।
जीव-जंतु, पहाड़, नदी, और मानव को अधीन उसके आना होगा। चीज़ें जो आसमाँ और धरती पर हैं, परमेश्वर के प्रभुत्व के अधीन सभी को आना है। करना होगा समर्पण, विकल्प के बिना। है आज्ञा यही परमेश्वर की और उसका है अधिकार। परमेश्वर ने बनाया सब कुछ, और इसलिए वह सृष्टि को लेता है, अधीन अपने, और झुकाता आगे अपने प्रभुत्व के। परमेश्वर की आज्ञा से है सब कुछ। वो दे क्रम और दे वो सबको स्थान, प्रकार के अनुसार मिले वर्ग और परमेश्वर की इच्छा से मिलता है पद। चीज़ें जो आसमाँ और धरती पर हैं, परमेश्वर के प्रभुत्व के अधीन सभी को आना है। करना होगा समर्पण, विकल्प के बिना। है आज्ञा यही परमेश्वर की और उसका है अधिकार। चाहे जितना ही कुछ भी हो महान, परमेश्वर की प्रभुत्व के पार जा सकेगा नहीं। ईश्वर द्वारा रचे मानव की सब सेवा करते, अवज्ञा करने या मांगने की न हिम्मत करे। ईश्वर के द्वारा रचे मानव को पालन कर्तव्यों का है करना। चाहे मानव प्रभु हो या हो शासक सब चीज़ों का, चाहे जितना हो रुतबा ऊँचा, परमेश्वर के अधीन मानव छोटा सा है। एक तुच्छ सा प्राणी है, परमेश्वर की सृष्टि, कभी परमेश्वर से ऊपर न होगा।
चमकती पूर्वी बिजली, सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का सृजन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के प्रकट होने और उनका काम, परमेश्वर यीशु के दूसरे आगमन, अंतिम दिनों के मसीह की वजह से किया गया था। यह उन सभी लोगों से बना है जो अंतिम दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को स्वीकार करते हैं और उसके वचनों के द्वारा जीते और बचाए जाते हैं। यह पूरी तरह से सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा व्यक्तिगत रूप से स्थापित किया गया था और चरवाहे के रूप में उन्हीं के द्वारा नेतृत्व किया जाता है। इसे निश्चित रूप से किसी मानव द्वारा नहीं बनाया गया था। मसीह ही सत्य, मार्ग और जीवन है। परमेश्वर की भेड़ परमेश्वर की आवाज़ सुनती है। जब तक आप सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़ते हैं, आप देखेंगे कि परमेश्वर प्रकट हो गए हैं।
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