- परमेश्वर के वचनों का एक भजन
- विजय कार्य का सार
- I
- इन्सान की सबसे बड़ी समस्या है यही,
- कि वो अपने भविष्य को छोड़ कुछ और सोचता नहीं,
- अपनी सम्भावनाओं से सबसे अधिक प्रेम करता है,
- इन्हीं के लिए परमेश्वर का अनुसरण भी करता है,
- न कि इसलिए कि वह परमेश्वर से प्रेम करता है।
- इसलिए स्वार्थ, लालच, और चीज़ें सभी
- जो डालतीं हैं उसकी आराधना में बाधा, उन्हें हटाना होगा।
- फिर ही मानव पर विजय का प्रभाव प्राप्त होगा।
- इन्सान की नियति और सम्भावना को दूर करके,
- उसके विद्रोही स्वभाव का न्याय करके, उसे ताड़ना दे के,
- विजय कार्य अपना प्रभाव ऐसे हासिल करता है,
- न की इन्सान से सौदेबाज़ी करने, उसे अनुग्रह और आशीष देने से,
- बल्कि उसकी वफादारी प्रकट करने के लिए
- उसकी “आज़ादी” और सम्भावनाओं को ले लेने से।
- विजय का कार्य यही है। विजय का कार्य यही है।
- II
- आरम्भ की विजयों में, ज़रूरी है
- इन्सान की बेहिसाब अकांक्षाओं को,
- उसकी जानलेवा कमज़ोरी को दूर करना,
- और इसके द्वारा, परमेश्वर के लिए इन्सान के प्रेम को प्रकट करना,
- जीवन, परमेश्वर और अस्तित्व के अर्थ के बारे में
- उसकी सोच बदलना।
- इस तरह से परमेश्वर के लिए इन्सान का प्रेम होता है शुद्ध,
- उसके दिल पर होती है सच्ची विजय।
- इन्सान की नियति और सम्भावना को दूर करके,
- उसके विद्रोही स्वभाव का न्याय करके, उसे ताड़ना दे के,
- विजय कार्य अपना प्रभाव ऐसे हासिल करता है,
- न की इन्सान से सौदेबाज़ी करने, उसे अनुग्रह और आशीष देने से,
- बल्कि उसकी वफादारी प्रकट करने के लिए
- उसकी आज़ादी और सम्भावनाओं को ले लेने से।
- विजय का कार्य यही है। विजय का कार्य यही है।
- III
- लेकिन अपने प्राणियों के प्रति परमेश्वर के रवैये में,
- सिर्फ जीतने की खातिर विजय हासिल नहीं करता परमेश्वर।
- बल्कि इन्सान को पाने, अपनी महिमा की खातिर,
- मनुष्य की वास्तविक अनुरूपता पहले जैसी
- करने की खातिर विजय पाता है परमेश्वर।
- इन्सान की नियति और सम्भावना को दूर करके
- उसके विद्रोही स्वभाव का न्याय करके, उसे ताड़ना दे के,
- विजय कार्य अपना प्रभाव ऐसे हासिल करता है,
- न की इन्सान से सौदेबाज़ी करने, उसे अनुग्रह और आशीष देने से,
- बल्कि उसकी वफादारी प्रकट करने के लिए
- उसकी आज़ादी और सम्भावनाओं को ले लेने से।
- विजय का कार्य यही है। विजय का कार्य यही है।
- "वचन देह में प्रकट होता है" से
- सम्पर्क करें:सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया
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