- परमेश्वर के वचनों का एक भजन
- परमेश्वर का देहधारण विशेष रूप से उसके वचन को व्यक्त करने के लिए है
- I
- आज, मानव को व्यावहारिक परमेश्वर और
- देहधारण के अर्थ का ज्ञान कम है।
- जब बात हो ईश्वर के देह की, उसके कार्य और वचनों के द्वारा
- लोग देखते हैं कि ईश्वर का आत्मा सम्पन्न और प्रशस्त है।
- पवित्रात्मा के देहधारण का वास्तविक अर्थ है कि
- परमेश्वर के साथ मानव जुड़ सकता है,
- उस पर आश्रित हो सकता है और ज्ञान प्राप्त कर सकता है ईश्वर का,
- ईश्वर का।
- II
- आज तुम करते हो इस व्यक्ति की आराधना,
- पर दरअसल तुम ईश्वर के आत्मा की आराधना कर रहे हो।
- ये वो न्यूनतम है जिसका पता लोगों को
- देहधारी ईश्वर के बारे में होना चाहिए,
- देह के माध्यम से पवित्रात्मा के तत्व को जानना,
- देह में किए गये उसके दिव्य और मानवीय कार्य को जानना,
- पवित्रात्मा के वचनों को स्वीकारना, और देखना कैसे पवित्रात्मा
- देह को निर्देशित करता है, देह में अपनी सामर्थ्य दर्शाता है।
- पवित्रात्मा के देहधारण का वास्तविक अर्थ है कि
- परमेश्वर के साथ मानव जुड़ सकता है,
- उस पर आश्रित हो सकता है और ज्ञान प्राप्त कर सकता है ईश्वर का,
- ईश्वर का।
- III
- ईश्वर आया स्वर्ग से धरती पर ईश्वर के वचनों को देह द्वारा
- व्यक्त करने, पूर्ण करने को पवित्रात्मा का कार्य।
- देह द्वारा मानव जान पाता है पवित्रात्मा को,
- ईश्वर का प्रकटन मानव के बीच,
- अज्ञात ईश्वर को उनके विचार से हटाता है।
- व्यावहारिक परमेश्वर की आराधना करने लोग लौटते हैं,
- ईश्वर के प्रति अपनी आज्ञाकारिता को बढ़ा कर।
- और उसके दिव्य और मानवीय कार्य से,
- मानव पाता है पालन-पोषण, प्रकाशन और स्वभाव में बदलाव।
- पवित्रात्मा के देहधारण का वास्तविक अर्थ है कि
- परमेश्वर के साथ मानव जुड़ सकता है,
- उस पर आश्रित हो सकता है और ज्ञान प्राप्त कर सकता है ईश्वर का,
- ईश्वर का।
- "वचन देह में प्रकट होता है" से
- और पढ़ें:सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया
- सर्वशक्तिमान परमेश्वर
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